ShakirAlwar

ShakirAlwar

Share

، وَتُعِزُّ مَن تَشَاءُ، وَتُذِلُّ مَن تَشَاءُ

03/10/2026

ये हैं देश के असली हीरो! रिक्शा चलाकर अहमद अली ने गरीब बच्चों के लिए खोल दिए 9 स्कूल

असम के करीमगंज ज़िले के मधुरबोंड गाँव के अहमद अली ने गरीबी की वजह से बचपन में अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन इसी दर्द ने उनकी ज़िंदगी का मकसद बदल दिया।

अहमद अली ने रिक्शा चलाकर रोज़ी कमाई, अपनी ज़मीन बेची और गाँव के गरीब बच्चों के लिए 1978 में पहला स्कूल स्थापित किया। बाद में अपनी मेहनत, कमाई और लोगों की मदद से उन्होंने आसपास के इलाकों में कुल 9 स्कूल स्थापित किए। इनमें 3 प्राइमरी, 5 मिडिल और 1 हाई स्कूल शामिल हैं।

अहमद अली दिन में रिक्शा चलाते और अतिरिक्त आमदनी के लिए रात में लकड़ियाँ काटकर बेचते थे, ताकि स्कूलों का खर्च पूरा किया जा सके। उन्होंने अपनी 36 बीघा ज़मीन में से 32 बीघा तक स्कूलों के लिए दे दी।

उनकी कहानी 2018 में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी सुनाई गई। 2025 में उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया गया।

अहमद अली की कहानी बताती है कि अगर दिल में शिक्षा का दर्द हो, तो एक रिक्शा चलाने वाला इंसान भी पूरी पीढ़ी की ज़िंदगी बदल सकता है।

#अहमदअली #देशकेअसलीहीरो #शिक्षा #प्रेरणादायककहानी #असम

03/10/2026

सुप्रीम कोर्ट की यूपी पुलिस को फटकार, कहा— इसी तरह काम हुआ तो सभी जांच CBI को देने पर विचार करेंगे

30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक आपराधिक मामले की जांच के तरीके को लेकर यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने कहा कि अगर पुलिस इसी तरह काम करती रही, तो सभी जांच CBI को सौंपने पर विचार किया जा सकता है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला शिकायतकर्ता ने बताया कि मोटरसाइकिल से जुड़े एक मामले में उसने मौके पर ही कथित आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके बावजूद पुलिस ने FIR में आरोपी का नाम दर्ज करने के बजाय “अज्ञात मोटरसाइकिल सवार” के खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोपी का कॉलम खाली छोड़ दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में हाई कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल सवार का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया। हालांकि, बाद में उसे क्लीन चिट दे दी गई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब मोटरसाइकिल जब्त की गई थी, तब उस पर नंबर प्लेट मौजूद नहीं थी, लेकिन जांच के दौरान उसके साथ एक रजिस्ट्रेशन नंबर जोड़ दिया गया।

इसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यूपी पुलिस की जांच के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई।

#सुप्रीमकोर्ट #यूपीपुलिस #उत्तरप्रदेश #कानून

03/10/2026

अजैन में सड़क चौड़ी करने के लिए मुस्लिम समुदाय प्रशासन का सहयोग करते हुए अपनी इच्छा से शाही मस्जिद के प्रभावित 3 फीट हिस्से को खुद हटा रहा था। लेकिन आज सुबह करीब 7:30 बजे अधिकारियों ने मीनार हटाने के लिए क्रेन लगा दी।

इसी दौरान क्रेन का बेल्ट टूट गया और मीनार सीधे मस्जिद पर जा गिरी, जिससे सड़क चौड़ीकरण के दायरे से बाहर मौजूद मस्जिद के हिस्से को भी भारी नुकसान पहुंचा।

सुबह सामने आई इस खबर ने लोगों का दिल दहला दिया है। समाज में इस बात को लेकर गुस्सा है कि जब लोग प्रशासन की बात मानकर अपनी तरफ से तय हिस्सा हटा रहे थे, तो फिर अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण मस्जिद को इतना नुकसान क्यों पहुंचा?

#अजैन #शाहीमस्जिद #मस्जिद #उज्जैन #सड़कचौड़ीकरण

02/10/2026

Ladkon ki Hakikat ☺️

01/10/2026

सभी भाई ऐसी धोखाधड़ी से सुरक्षित रहे...

01/10/2026

सभी भाई ऐसी धोखाधड़ी से सुरक्षित रहे

01/10/2026

उत्तर प्रदेश में मतलब कुछ भी… जो ये कहेंगे, वही सही होगा?

जब इलाहाबाद हाईकोर्ट 16 सितंबर को साफ़ कह चुका है कि आयुष मलिक बालिग है, अपनी मर्ज़ी से कहीं भी रह सकता है, अपनी पसंद का धर्म अपना सकता है और अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रह सकता है, तो फिर अब FIR किस बात की?

कोर्ट ने आयुष से खुद बातचीत की और उसके बयान को अपनी इच्छा से लिया गया माना। कोर्ट ने यह भी कहा कि उसकी निजी आज़ादी पर कोई रोक जारी रखने का कानूनी आधार नहीं है।

लेकिन अब आयुष के पिता का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद से आयुष अपने घर नहीं लौटा और उन्होंने दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती समेत दो लोगों पर आयुष को अगवा करने, प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करने की कोशिश और इस्लाम नहीं अपनाने पर धमकी देने के आरोप लगाकर FIR कराई है।

अब सवाल सीधा है—
अगर कोर्ट कह चुका है कि आयुष आज़ाद है और अपनी मर्ज़ी से कहीं भी रह सकता है, तो फिर उसके घर न लौटने को लेकर किसी दूसरे व्यक्ति पर FIR किस आधार पर हुई?

इन आरोपों की जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए।

01/10/2026

उज्जैन में पुलिस कार्रवाई के बाद व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, मोहम्मद इरफान ने पूछा— दाढ़ी और टोपी देखकर क्या कानून बदल जाता है?

उज्जैन में हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद देश में प्रशासन और पुलिस के रवैये को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस शुरू हो गई है। इस पूरे मामले पर दिल्ली के जाने-माने मोहम्मद इरफान ने शासन-व्यवस्था और कानून लागू करने के तरीके को लेकर कई कड़े और बुनियादी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने सवाल किया कि आखिर जब सामने दाढ़ी और टोपी वाला मुसलमान दिखाई देता है, तो क्या कानून लागू करने का तरीका बदल जाता है? क्या सिर्फ धार्मिक पहचान देखकर किसी व्यक्ति को पहले ही दोषी मान लिया जाता है?

मोहम्मद इरफान ने नफरत की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर दाढ़ी और टोपी देखते ही इंसान के अंदर का “शैतान” क्यों जाग जाता है?

उन्होंने संवैधानिक बराबरी की बात करते हुए कहा कि कानून धर्म या भीड़ की पहचान देखकर नहीं चलना चाहिए। अगर प्रदर्शनकारियों पर लगे आरोपों की जांच हो रही है, तो पुलिस पर लगे ज्यादती के आरोपों की भी पूरी, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

01/10/2026

मेवात में गंदी वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। Nuh Police

मेवात में कुछ लोग सोशल मीडिया पर गंदी वीडियो पोस्ट करके वायरल कर रहे हैं। ऐसी वीडियो से समाज के माहौल और लोगों की इज़्ज़त को नुकसान पहुंचता है।

नूंह पुलिस से अपील है कि ऐसी वीडियो और उन्हें वायरल करने वाले अकाउंट्स का संज्ञान लेकर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। कौन सहमत हे मेरी बात से कॉमेंट में अपनी राय दें

01/10/2026

जंतर मंतर पर मुस्लिम लड़की का संकल्प: “FIR हो या जेल, मस्जिद के लिए आवाज़ उठाती रहूंगी”

दिल्ली के जंतर मंतर पर 29 सितंबर को मस्जिदों और दूसरी इबादतगाहों से जुड़ी कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें मुस्लिम संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और अलग-अलग वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।

प्रदर्शन के दौरान एक मुस्लिम लड़की ने कहा कि चाहे उसके खिलाफ FIR दर्ज हो या उसे जेल जाना पड़े, वह मस्जिद के लिए अपनी आवाज़ उठाती रहेगी। यह बयान उसने प्रदर्शन के दौरान दिया।

इस प्रदर्शन में मस्जिदों, चर्च और दूसरी इबादतगाहों से जुड़ी कार्रवाई के साथ-साथ संवैधानिक अधिकार, धार्मिक आज़ादी और कानूनी तरीके जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

Category

Website

Address

Alwar

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when ShakirAlwar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Subscribe

We will notify you when anything happens in Alwar.