Drx. Rakesh Ranjan

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मेरा व्यक्तित्व मैं हूं। और मेरा व्यवहार आप पर निर्भर करता हैं।

02/10/2026

सरकार को समझना चाहिए—नेहा बोरा भी इस देश की बेटी है.!🌻

02/10/2026

भारतीय इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए हैं, जिन्होंने केवल अपने समय को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सोच को भी प्रभावित किया। महात्मा गांधी उन्हीं महान व्यक्तित्वों में से एक हैं। प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को हम गांधी जयंती मनाते हैं। यह दिन केवल एक महापुरुष की जन्मतिथि नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, त्याग और आत्मबल की उस विचारधारा को याद करने का अवसर है, जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी।

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनके पिता करमचंद गांधी राजकोट रियासत के दीवान थे और माता पुतलीबाई धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। गांधी जी के जीवन पर उनकी माता के संस्कारों का गहरा प्रभाव पड़ा। यही कारण था कि उनके व्यक्तित्व में सत्य, संयम और नैतिकता का विशेष स्थान रहा।

गांधी जी बचपन में अत्यंत संकोची स्वभाव के थे। पढ़ाई में सामान्य विद्यार्थी होने के बावजूद उनमें सत्य के प्रति असाधारण निष्ठा थी। एक बार विद्यालय में निरीक्षण के दौरान शिक्षक ने उन्हें नकल करने का संकेत दिया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। यह छोटी-सी घटना उनके जीवन के बड़े सिद्धांत का परिचय देती है।

गांधी जी ने लंदन से कानून की पढ़ाई की और बाद में दक्षिण अफ्रीका गए। वहां भारतीयों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। एक बार प्रथम श्रेणी का टिकट होने के बावजूद उन्हें ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। इस घटना ने उनके भीतर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की भावना को और मजबूत किया। यहीं से सत्याग्रह की विचारधारा विकसित हुई।

1915 में भारत लौटने के बाद गांधी जी ने चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा आंदोलन और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन के माध्यम से आम जनता को स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ा। 1930 का दांडी मार्च उनके जीवन की ऐतिहासिक घटनाओं में से एक है। नमक जैसे सामान्य पदार्थ को उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनआंदोलन का प्रतीक बना दिया। यह इतिहास का अद्भुत उदाहरण है कि किस प्रकार एक साधारण वस्तु भी राजनीतिक चेतना का माध्यम बन सकती है।

गांधी जी प्रतिदिन चरखा चलाते थे और स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर जोर देते थे। उन्होंने साधारण जीवन को अपने विचारों का आधार बनाया। उनकी आत्मकथा का नाम 'सत्य के प्रयोग' है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन की गलतियों और अनुभवों को भी ईमानदारी से स्वीकार किया। वर्ष 1930 में अमेरिकी पत्रिका टाइम ने उन्हें वर्ष का चर्चित व्यक्तित्व घोषित किया था। उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार कभी नहीं मिला, हालांकि उन्हें कई बार इसके लिए नामांकित किया गया था।

गांधी जी का मानना था कि स्वतंत्रता केवल अंग्रेजों से मुक्ति प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को भय, भेदभाव, छुआछूत और अन्याय से मुक्त करना भी है। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी, ग्रामीण स्वावलंबन और सामाजिक समानता को विशेष महत्व दिया।

आज जब समाज में हिंसा, असहिष्णुता और वैचारिक मतभेद दिखाई देते हैं, तब गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता पर पुनर्विचार करना आवश्यक हो जाता है। इतिहास का विद्यार्थी होने के नाते मेरा मानना है कि गांधी जी का मूल्यांकन केवल उनकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उनके विचारों, संघर्षों और ऐतिहासिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी किया जाना चाहिए।

गांधी जी की जयंती हमें यह संदेश देती है कि महानता पद, प्रतिष्ठा या शक्ति में नहीं, बल्कि विचारों और कर्मों में होती है। गांधी जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन सत्य और अहिंसा का उनका दर्शन आज भी मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण विरासत है।

“आप वह परिवर्तन बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।”

— #महात्मा_गांधी_जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।

02/10/2026

रोज नए प्रयोग करो, गलती करो, सीखो और खुद को बदलो।
यह गांधी की सीख है।

कल की सीख और अनुभव कल पर आधारित थे और आज की सीख और अनुभव बीते हुए कल और आज के अनुभव पर आधारित है।

❣️

हैप्पी बर्थडे गांधी जी💐

01/10/2026

ज्ञानेश कुमार के नाम पर सवाल सुनते ही TV वाले राम...रावण बन बैठे, है ना कमाल..!🧐

30/09/2026

#शुभमन गिल का रिकार्ड तोड़ पारी 💪🇮🇳🇮🇳🔥

#शुभमगिल #इंडिया

30/09/2026

रोहित शर्मा को मै जब से क्रिकेट खेलते हुए देख रहा हूँ तब से शुरुआती दिनों को छोड़ दे तो कभी किसी ने रोहित शर्मा को शतक बनाने के बाद इतना अग्रेसिव सिलेब्रेशन करते हुए नहीं देखा होगा ये अग्रेशन उन सेलेक्टर्स को दिखाया जा रहा है जो रोहित शर्मा को 2027 के वर्ल्ड कप में रखना नहीं चाहते थे 39 की उम्र में भी रोहित शर्मा दहाड़ रहा है उम्र तो गई है लेकिन हौंसला उसी हिटमैन की तरह है जिससे क्रिकेट की दुनियाँ के गेंदबाज खौफ खाते है..❤️🔥

30/09/2026

शानदार शतक रोहित शर्मा व शुभम गिल...💪💪🇮🇳🇮🇳

30/09/2026

रोहित शर्मा व शुभम गिल का शानदार शतक 💪🇮🇳🇮🇳

30/09/2026

दवा महंगी तो बोझ किस पर ? 💊
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—सरकारी योजना में इलाज की बढ़ी कीमत का बोझ आखिर सरकारी खजाने और टैक्सपेयर्स पर ही पड़ता है।

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