Mandeep RajBhar
मैं शायरी नहीं, दिल के जज्बात लिखता हूं,
लोग पढ़ते हैं, लोगों को लगता है,
में उनकी बात लिखता हूं..!
मंदीप राजभर ✍️
03/09/2026
27/08/2026
Follow तो बहुतों को किया जाता है,
लेकिन जब कोई दिल से जुड़े,
तो वो follower नहीं,
परिवार बन जाता है...❤️
आज " Mr Thoughts" " Feelings of Heart " Your Thoughts " Deep feelings " ये दिल मांगे मोर " ज़िंदगी संघर्ष है "
हर पेज पर हज़ारों नहीं, लाखों दिलों का साथ है।
मैं मंदीप राजभर
उन सबका शुक्रिया करता हूँ जो मेरे शब्दों में खुद को ढूंढते हैं,
जो हर पोस्ट में अपनी कहानी महसूस करते हैं।
आपने सिर्फ सपोर्ट नहीं किया,
मेरे जज़्बातों को पहचान दी है।
मेरी कलम अब अकेली नहीं लिखती,
हर लाइन में आप साथ होते हैं।
हर फॉलो = एक रिश्ता
हर लाइक = एक विश्वास
हर कमेंट = एक जुड़ाव
हर शेयर = एक एहसास
आप सभी का दिल से धन्यवाद और नमन 🫶🙏
मैं शायरी नहीं, दिल के जज्बात लिखता हूं, लाखों लोग पढ़ते हैं, लोगों को लगता है, में उनकी बात लिखता हूं..! मंदीप राजभर✍️
आप सभी ज्यादा से ज्यादा जुड़े धन्यवाद ❤️🙏
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कभी किसी को इतना करीब महसूस किया है,की उसके चले जाने के डर से नींद न आये किसी को खोने से डरते हो कभी ऐसा लगता है की उसके बिना शायद तुम ये आगे का जीवन तो काट ही लोगे पर जीवन के अंतिम पड़ाव में कही न कही ये अफ़सोस रहेगा की वो एक जो चला गया अगर वो साथ होता तो जिंदगी कुछ औऱ ही होती.!🖤
ज्यादा पढ़ने,लिखने और समझदार होने की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि,हम खुद ही अपनी धारणा बना लेते हैं,लेकिन ये ग़लत है कि हम सामने वाले को अपनी ही धारणा को पालन करने को कहें,सबकी अपनी सोच समझ होती है, किसी पर भी अपने विचार थोपने नही चाइये.!
अब यादें सीधे सीधे नहीं आती वो इशारे में मिलती हैं कभी हवा के ठंडक में तो कभी ख़ामोशी के तहो में छिपे हुए कुछ चेहरे उभरते हैं पर उनकी पहचान वक्त ने अब धुंधला कर दिया है। कभी कभी लगता है ये भूलना भी एक तरह का मेहर ही है कुछ चीजें हमेशा के लिए याद रह जाए तो इंसान टूट जाए।
दिन और रात केबीच का वो समय जहाँ रोशनी पूरी जाती भी नहीं और अंधेरा पूरी तरह आता भी नहीं,उसी अधूरेपन में मैं खुद को एक अलग ही दुनिया में पाता हूँ उस पल में ना हम सच में करीब होते हैं,ना ही पूरी तरह दूर बस एक अजीब-सी खामोशी होती है,जो दिल के अंदर कहीं खालीपन का अहसास छोड़ जाती है..!🖤
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