Gyansagar
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07/08/2026
तेज दिमाग वाल लॉग जबाब दे. ....
घूमना शौक नहीं, ज़रूरत है,
क्योंकि जो सफ़र सिखाता है, वो किताबें नहीं।
✍️दक्षिण-पश्चिम दिशा से शुरू हुई तेज हवाएं से किसानों की चिंता बढ़ी लेकिन
🌧️🌧️आगामी 24 से 36 घंटे और जोधपुर और बिकानेर संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा आप चिंता ना करें एक बार फिर अपने क्षेत्र में मौसम में बड़ा बदलाव होगा और अनेक स्थानों पर अच्छी बारिश की पुरी संभावना है
07/07/2026
जब अमिताभ बच्चन को लगातार मिली 12 फ्लॉप फिल्में! फिर चमकी किस्मत 💥
शुरुआती दौर में लगातार नाकामियों का सामना करने वाले अमिताभ बच्चन ने हार मानने की बजाय खुद पर भरोसा बनाए रखा। जब हर रास्ता बंद होता दिख रहा था, तभी ज़ंजीर (1973) उनके जीवन में आई और देखते ही देखते वही अभिनेता बॉलीवुड का सबसे बड़ा "एंग्री यंग मैन" बन गया।
यह कहानी बताती है कि असली जीत उन्हीं की होती है, जो मुश्किल वक्त में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते। अमिताभ बच्चन का संघर्ष आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है। ❤️
06/07/2026
🥣 राजस्थानी गट्टे की सब्जी | Rajasthani Gatte Ki Sabji
🕒 तैयारी का समय: 20 मिनट
🍳 पकाने का समय: 35 मिनट
🍽️ सर्विंग: 4–5 लोगों के लिए
📝 सामग्री
👉 गट्टे के लिए:
• बेसन – 2 कप
• दही – 2 बड़े चम्मच
• तेल – 2 बड़े चम्मच
• अजवाइन – 1/2 छोटा चम्मच
• हल्दी – 1/4 छोटा चम्मच
• लाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
• धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• हींग – 1 चुटकी
• नमक – स्वादानुसार
• पानी – आवश्यकतानुसार
👉 ग्रेवी के लिए:
• दही – 1½ कप (अच्छी तरह फेंटा हुआ)
• प्याज – 2 (बारीक कटे)
• टमाटर – 2 (प्यूरी)
• अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
• जीरा – 1 छोटा चम्मच
• राई – 1/2 छोटा चम्मच
• हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
• लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• धनिया पाउडर – 2 छोटे चम्मच
• गरम मसाला – 1/2 छोटा चम्मच
• कसूरी मेथी – 1 छोटा चम्मच
• तेल – 2 बड़े चम्मच
• नमक – स्वादानुसार
• हरा धनिया – सजाने के लिए
👩🍳 बनाने की विधि
1️⃣ सबसे पहले बेसन में दही, तेल, अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक डालकर सख्त आटा गूंथ लें।
2️⃣ आटे की लंबी-लंबी रोल बना लें और उबलते पानी में 10–12 मिनट तक पकाएं।
3️⃣ पकने के बाद ठंडा करके गोल-गोल टुकड़ों में काट लें।
4️⃣ कड़ाही में तेल गर्म करें। जीरा और राई का तड़का लगाएं।
5️⃣ प्याज सुनहरा होने तक भूनें, फिर अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर अच्छी तरह पकाएं।
6️⃣ टमाटर की प्यूरी डालें और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर व नमक मिलाकर मसाला तब तक भूनें जब तक तेल अलग न हो जाए।
7️⃣ फेंटा हुआ दही डालकर लगातार चलाते हुए 3–4 मिनट पकाएं ताकि दही फटे नहीं।
8️⃣ आवश्यकता अनुसार पानी डालकर ग्रेवी तैयार करें।
9️⃣ अब कटे हुए गट्टे डालें और 8–10 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
🔟 आखिर में गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें। हरे धनिये से सजाकर गरमा-गरम रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसें।
💡 टिप:
दही हमेशा अच्छी तरह फेंटकर डालें और ग्रेवी में डालने के बाद लगातार चलाते रहें, इससे ग्रेवी एकदम स्मूद और स्वादिष्ट बनेगी।
20/06/2026
कहानी 200 साल से वीरान पड़े राजस्थान के कुलधरा गांव की ....
कुलधरा गांव राजस्थान में जैसलमेर शहर रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित है. शहर के बाहर सैकड़ों मील दूर तक रेगिस्तान फैला हुआ है, जहां जगह जगह रेत के बड़े बड़े टीले हैं.
शहर से कुछ मील की दूरी पर 'कुलधरा' नाम का एक ख़ूबसूरत गांव है जो पिछले 200 सालों से वीरान पड़ा है.
इस गांव में रहने वाले लोग 200 साल पहले रातोंरात अपना गांव छोड़ कर कहीं और चले गए और फिर कभी वापस नहीं आये.
कुलधरा गांव
कुलधरा गांव अब पुरातत्व विभाग की निगरानी में है. स्थानीय परंपरा के अनुसार, दो सौ साल पहले, जब जैसलमेर रजवाड़ों की एक रियासत थी, उस समय कुलधरा गांव उस रियासत का सबसे ख़ुशहाल गांव था. यहां से सबसे ज़्यादा रेवेन्यू आता था.
यहां उत्सव और पारंपरिक नृत्य और संगीत समारोह होते थे.
इस गांव में पालीवाल ब्राह्मण रहते थे. गांव की एक लड़की की शादी होने वाली थी जिसके बारे में कहा जाता है कि वह लड़की बहुत ख़ूबसूरत थी.
जैसलमेर रियासत के दीवान सालिम सिंह की नजर उस लड़की पर पड़ गई और उसे उसकी सुंदरता से प्यार हो गया और उसने उस लड़की से शादी करने की ज़िद की.
स्थानीय स्तर प्रचलित कहानियों के अनुसार, सालिम सिंह एक अत्याचारी व्यक्ति था जिसकी क्रूरताओं की कहानियां दूर-दूर तक मशहूर थी. लेकिन इसके बावजूद कुलधरा के लोगों ने सालिम सिंह को लड़की का रिश्ता देने से मना कर दिया.
सालिम सिंह ने गांव वालों को सोचने के लिए कुछ दिनों का समय दिया. गांववाले जानते थे कि अगर उन्होंने सालिम सिंह की बात नहीं मानी तो वह गांव में क़त्लेआम मचा देगा.
परंपरा के अनुसार, कुलधरा के लोगों ने गांव के मंदिर के पास स्थित एक चौपाल में पंचायत की और अपनी बेटी और अपने गांव के सम्मान को बचाने के लिए हमेशा के लिए उस गांव को छोड़ने का फ़ैसला किया.
सारे गांववाले रात के सन्नाटे में अपना सारा सामान, मवेशी, अनाज और कपड़े लेकर अपने घरों को छोड़ कर हमेशा के लिए यहां से चले गए और फिर कभी वापस नहीं आए.
जैसलमेर में आज भी सालिम सिंह की हवेली मौजूद है लेकिन उसे देखने कोई नहीं जाता.
जैसलमेर के पास स्थित कुलधरा गांव में कई लाइनों में बने पत्थर के मकान अब धीरे-धीरे खंडर बन चुके हैं. लेकिन इन खंडहरों से अतीत में इस गांव के समृद्ध होने का पता चलता है.
कुछ घरों में चूल्हे, बैठने की जगहों और घड़े रखने की जगहों की मौजूदगी से ऐसा लगता है जैसे कोई यहां से अभी-अभी गया है. यहां की दीवारों से उदासी का अहसास होता है. खुली जगह में बसा होने की वजह से सन्नाटे में सरसराती हुई हवा की आवाज़ माहौल को और भी उदास बना देती है.
स्थानीय लोग अपने बड़ों से सुनी हुई बातें बताते हैं कि रात के सन्नाटे में कुलधरा के खंडहरों में किसी के क़दमों की आहट सुनाई देती है.
स्थानीय लोगों में यह मान्यता भी काफ़ी मशहूर है कि कुलधरा के लोगों की आत्माएं आज भी यहां भटकती हैं.
राजस्थान सरकार ने इस गांव को पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां के कुछ घरों को पहले की तरह बहाल कर दिया है. गांव का मंदिर आज भी गुज़रे हुए वक़्त के गवाह की तरह अपनी जगह पर खड़ा है.
हर साल हजारों पर्यटक इस गांव को देखने के लिए यहां आते हैं. यहां के स्थानीय लोग इस गांव का बहुत सम्मान करते हैं.
एक और मान्यता यह भी मशहूर है कि जब कुलधरा के लोग इस गांव को छोड़कर जा रहे थे, तो उस समय उन्होंने यह श्राप दिया था कि यह गांव कभी नहीं बसेगा.
उनके जाने के दो सौ साल बाद आज भी यह गांव जैसलमेर के रेगिस्तान में वीरान पड़ा है.
#कुलधरा
Nice
17/06/2026
Dekhte h kiska aankh kitna sahi sbka test hoga aaj comment me jarur btaye kitna bird hee☺️☺️☺️
゚viralfbreelsfypシ゚viral
17/06/2026
बताओ टोटल कितने रुपए होंगे
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