Amit kumar Rajput

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Amit kumar Rajput

Amit Singh 06/08/2026

इंडिया गेट नई दिल्ली में स्थित 42 मीटर ऊंचा युद्ध स्मारक है, जिसका निर्माण 1931 में प्रथम विश्व युद्ध और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध में शहीद हुए अविभाजित भारतीय सेना के 82,000 सैनिकों की स्मृति में किया गया था।सर एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया यह स्मारक कर्तव्य पथपर स्थित है और यहां चौबीसों घंटे जनता का प्रवेश निःशुल्क है।

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20/07/2026
19/07/2026

सावन स्पेशल ऑफर 🕉️
🔱 भोले बाबा के भक्तों के लिए देसी घी वाला सेकुआ लिट्टी चोखा 🔱

17/07/2026

वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के अद्वितीय वीर, भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक, परमवीर चक्र से अलंकृत फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

मात्र 26 वर्ष की आयु में उन्होंने शत्रु के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का निर्भीकता से सामना किया और अंतिम क्षण तक लड़ते हुए मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
राष्ट्र के प्रति उनका अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता रहेगा।

15/07/2026

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भारतीय नोट बदलने की तैयारी कर रही है ?
क्या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भारतीय नोटों में बदलाव करने वाली है? 🤔 इन 700 रुपये के नए नोटों को देखकर तो यही लगता है! 😮 क्या आप इन नए डिज़ाइन के लिए उत्साहित हैं? 💰

13/07/2026

पटना से 15 प्रमुख जिलों की सड़क दूरी | Patna to Top 15 Bihar Districts Distance | Bihar GK 2026

08/07/2026

👉 चार तरह की दाल (मिक्स दाल) की स्वादिष्ट रेसिपी सामग्री (4-5 लोगों के लिए)

धुली मूंग दाल - ¼ कप

मसूर दाल - ¼ कप

तूर (अरहर) दाल – 1¼ कप

चना दाल - 1/4 कप

पानी - 4 से 5 कप

हल्दी - ½ छोटा चम्मच

नमक - स्वादानुसार

तड़के के लिए

देसी घी - 2 बड़े चम्मच

जीरा - 1 छोटा चम्मच

हींग - 1 चुटकी

तेजपत्ता - 1

सूखी लाल मिर्च - 2

प्याज (बारीक कटा) - 1 मध्यम

अदरक (कद्दूकस किया हुआ) – 1 छोटा चम्मच

लहसुन (बारीक कटा) - 6-7 कलियाँ

हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी)

टमाटर - 2 (बारीक कटे)

लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटा चम्मच

धनिया पाउडर - 1½ छोटा चम्मच

जीरा पाउडर - ½ छोटा चम्मच

गरम मसाला - ½ छोटा चम्मच

कसूरी मेथी - 1 छोटा चम्मच (हल्का मसलकर)

हरा धनिया - 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा)

बनाने की विधि

चारों दालों को अच्छी तरह धोकर 30 मिनट के लिए भिगो दें।

कुकर में दाल, हल्दी, नमक और 4-5 कप पानी डालकर 4-5 सीटी आने तक पकाएँ। प्रेशर निकलने पर दाल को हल्का-सा मैश कर लें।

एक कड़ाही में घी गरम करें। इसमें जीरा, हींग, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें।

अब प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।

अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर 1 मिनट तक भूनें।

टमाटर डालें और साथ में लाल मिर्च, धनिया पाउडर तथा जीरा पाउडर मिलाकर तब तक पकाएँ जब तक मसाला घी न छोड़ दे।

अब पकी हुई दाल मसाले में डालें और अच्छी तरह मिला दें।

आवश्यकता अनुसार गर्म पानी डालकर अपनी पसंद की गाढ़ी या पतली कंसिस्टेंसी बना लें।

गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर 3-4 मिनट धीमी आँच पर उबालें।

आखिर में हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।

परोसने का तरीका

गरमा-गरम चार दाल तड़का को जीरा राइस, सादा चावल, तंदूरी रोटी, फुल्का, नान या बाजरे की रोटी के साथ परोसें। ऊपर से थोड़ा-सा देसी घी डालने से इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है।
सुझाव

अधिक क्रीमी स्वाद के लिए अंत में 1 बड़ा चम्मच मक्खन या थोड़ा-सा घी डाल सकते हैं।

यदि बिना प्याज-लहसुन की दाल बनानी हो तो इन्हें छोड़कर केवल जीरा, हींग, अदरक और टमाटर से तड़का तैयार करें।

दाल को बहुत अधिक गाढ़ा न रखें, हल्की बहने वाली कंसिस्टेंसी सबसे स्वादिष्ट लगती है।

05/07/2026

विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाने वाले, अध्यात्म के शिखर पुरुष स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन।

विवेकानंद जी ने अपने ओजस्वी विचारों, अद्भुत व्यक्तित्व और दूरदर्शी दृष्टि से करोड़ों भारतवासियों को आत्मगौरव एवं राष्ट्र चेतना की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने विश्व को भारतीय संस्कृति, दर्शन और "वसुधैव कुटुम्बकम्" के सार्वभौमिक संदेश से परिचित कराया।
ऐसे युगदृष्टा को विनम्र श्रद्धांजलि। उनके विचार और आदर्श सदैव राष्ट्र को ऊर्जा, दिशा एवं प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे।
#स्वामी_विवेकानंद

01/07/2026

1965 के भारत-पाक युद्ध के अमर योद्धा, परमवीर चक्र से अलंकृत कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद जी की जयंती पर भावपूर्ण नमन।

अब्दुल हमीद जी ने अदम्य साहस, अद्वितीय युद्धकौशल और अटूट राष्ट्रनिष्ठा का परिचय देते हुए दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त कर भारतीय सेना के शौर्य का ऐसा इतिहास रचा, जो सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
उनका अद्वितीय शौर्य, बलिदान और देशभक्ति का भाव सदैव वंदनीय रहेगा।

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