Cockroach.Up/Bihar

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ठेकेदार की गालियां, जनरल डिब्बे के धक्के और अपनों से दूरी। �
ये पेज नहीं, हर बिहारी मज़दूर की डायरी

13/07/2026

कहानी का सबसे बड़ा और रोंगटे खड़े कर देने वाला ट्विस्ट! जिस शहर की भीड़ में बड़ा भाई अपनों के सपनों के लिए पसीना बहा रहा था, वहीं छुपा था उनके पूरे परिवार का सबसे बड़ा दुश्मन! 😭🏙️🚨

दोपहर की कड़कड़ाती धूप में कंस्ट्रक्शन साइट पर बैठे बड़े भाई ने जैसे ही अपनी सूखी रोटी और अचार का टिफिन खोला, उसे गाँव की वो छाँव और पिन्नू की शरारतें याद आ गईं। पर उस रात से न पिन्नू का फोन लग रहा था और न माँ-बाबूजी का। दिल में एक अजीब सी घबराहट थी।

तभी फोन चार्ज करने के बहाने जब वो ठेकेदार (सेठ) के केबिन की तरफ गया, तो वहाँ लगे बोर्ड पर सेठ की फोटो देखकर उसके हाथ से स्टील का टिफिन छूटकर गिर गया! यह वही आदमी था जो गाँव की मिट्टी में दबी हुई 20 साल पुरानी फोटो में बाबूजी के साथ खड़ा था। केबिन के अंदर से सेठ फोन पर किसी गुंडे को चिल्लाकर ऑर्डर दे रहा था— "मुझे नहीं मतलब! उस बिहार के गाँव वाले खेत को पूरा खोद डालो। 20 साल पहले उस किसान ने जो छुपाया था, वो मुझे चाहिए। अगर उसके दोनों बच्चे बीच में आएं, तो उन्हें हमेशा के लिए शांत कर दो!"

खौफ से अपना मुँह गमछे से दबाए बड़े भाई को समझ आ गया कि दुश्मन कोई और नहीं, यही सेठ है! उसने तुरंत अपना फावड़ा फेंका, झोले में गाँव की मिट्टी और चिट्ठी दबाई और अपने भाई को बचाने के लिए गाँव की तरफ दौड़ पड़ा! ✊🔥

Cockroach Janta Party (CJP) 🪳 अब अपने परिवार की जड़ों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है!

👉 अगर बड़े भाई की इस जाँबाज़ी और कहानी के इस खतरनाक मोड़ ने आपके भी रोंगटे खड़े कर दिए हों, तो वीडियो को Like और Share ज़रूर करें! गाँव लौटने के रास्ते में क्या नया ख़तरा आएगा, यह अगले भाग (Part-24) में देखने के लिए अभी Follow कर लें! ✊🔥

👇 Comment Box में बताएं: आपको क्या लगता है, बड़े भाई के गाँव पहुँचने से पहले पिन्नू सुरक्षित रहेगा? 👇

13/07/2026

New video part-23

https://www.facebook.com/share/r/1HRnfrVBQv/

12/07/2026

New video part-22.

10/07/2026

भाग-22 कहानी में सबसे बड़ा खौफनाक मोड़! एक तरफ शहर में खुला बाबूजी का 20 साल पुराना अतीत, तो दूसरी तरफ गाँव में पिन्नू के ऊपर अचानक हुआ जानलेवा हमला! 😭🚨

शहर में बड़े भाई के हाथ लगी गाँव की मिट्टी से एक पुरानी, रहस्यमयी चिट्ठी और फोटो मिली। चिट्ठी में लिखा था— "अगर गाँव नहीं छोड़ा, तो तुम्हारे दोनों बच्चे कभी बड़े नहीं हो पाएंगे।" बड़े भाई के पैरों तले ज़मीन खिसक गई! बाबूजी कोई आम किसान नहीं थे, बल्कि किसी बड़े ख़तरे की वजह से पूरा परिवार गाँव में छुपा हुआ था।

अभी बड़ा भाई यह समझ ही रहा था कि तभी गाँव में रात के अंधेरे में कुछ अनजान लोग टॉर्च लेकर उनका खेत खोदने लगे। पिन्नू ने छत से घबराकर बड़े भाई को फोन लगाया— "भैया, वो लोग कह रहे हैं कि वो चीज़ यहीं दबी है... वो अब घर के अंदर आ गए हैं!" और अचानक पीछे एक परछाईं आई, फोन हाथ से छूटा और कॉल कट हो गया! बड़े भाई की चीख गूंजती रह गई— "पिन्नू! पिन्नू!" 😭💔

Cockroach Janta Party (CJP) 🪳 की कहानी अब एक बेहद ख़तरनाक मोड़ पर आ चुकी है। क्या यह वही लोग हैं जिनसे बाबूजी सालों से छुप रहे थे?

👉 इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सस्पेंस के लिए वीडियो को Like और Share ज़रूर करें! पिन्नू की जान बचेगी या नहीं, यह अगले भाग (Part-23) में देखने के लिए अभी Follow कर लें! ✊🔥

👇 Comment Box में बताएं: आपको क्या लगता है, खेत में क्या दबा हुआ है? 👇

08/07/2026

देख लो शहर में बिहार को कैसे बेजती किया जाता है।

08/07/2026

New party is coming..

Please support guys 🙏🥺

08/07/2026

भाग-21 एक भाई शहर की तपती धूप, धूल और कंक्रीट के बीच फावड़ा उठाए पूरे घर का बोझ ढो रहा है... तो दूसरा भाई गाँव की उसी ठंडी हवा और हरी-भरी मिट्टी के बीच अपने अकेलेपन को ताक़त बना रहा है! हर परवासी भाई के त्याग की महा-गाथा! 😭🏙️🌾

शहर की एक भारी कंस्ट्रक्शन साइट पर, चारों तरफ सीमेंट मिक्स्चर के शोर के बीच बड़ा भाई पसीने से तर-बतर खड़ा है। अपने उसी सिग्नेचर ऑरेंज गमछे से चेहरा पोंछते हुए वो खुद से कहता है—"यहीं तो पिन्नू ने उस रात छत पर बिल्कुल सही कहा था... यहाँ शहर की इस धूप और सीमेंट की खुशबू में वो सुकून कहाँ, जो अपने खेत की मिट्टी में था। पर क्या करें, अगर इस सीमेंट से हाथ नहीं रंगे, तो घर का खर्च कैसे चलेगा? यह गमछा सिर्फ धूप से नहीं बचाता, हर पल याद दिलाता है कि मेरे कंधों पर पूरे घर का बोझ है।" 💔

वहीं दूसरी तरफ, गाँव की उसी शांत शाम में नदी किनारे पिन्नू अकेला बैठा है। शरीर पर खेत की मिट्टी लगी है, व्हाइट टी-शर्ट और ग्रीन जैकेट में उसका लुक अब पहले से कहीं ज़्यादा समझदार लग रहा है। अपने बगल की खाली जगह को देखकर वो मुस्कुराता है और कहता है—"भैया, आपके बिना ये नदी किनारा अब पहले जैसा नहीं लगता। आप वहाँ हमारे सपनों के लिए पसीना बहा रहे हो, और मैं यहाँ अपनी इस मिट्टी को कमज़ोर नहीं पड़ने दूँगा। आप बस जल्दी से अपना काम पूरा करके इस गाँव के सुकून में वापस आ जाओ।" 🥺🏡

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