Ameen Foundation - Rahmat e Rabb
Aameen Foundation: رحمۃ ربّ. Serving with Allah's Mercy. Empowering lives via Education, Health, Orphan care, & building Masjids/Madarsas. تعمیر اور تعلیم۔
Welcome to the official page of Aameen Foundation.
Guided by the profound principle of "رحمۃ ربّ" (Rehmat E Rabb — Serving with Allah's Mercy), our mission is to uplift and empower vulnerable communities.
ہم اللہ کی رحمت کے سائے میں دکھی انسانیت کی خدمت کے لیے وقف ہیں۔ ہمارا ماننا ہے کہ حقیقی خدمت وہ ہے جو بلا تفریق کی جائے۔
We are working tirelessly on the ground to provide essential support and build lasting infrastructure. Our core areas of focus are:
📚 Education (تعلیم / शिक्षा): Lighting the path for a brighter future through knowledge.
🏥 Healthcare (صحت / स्वास्थ्य): Ensuring basic medical care is accessible to the needy.
🤲 Orphan Care (یتیموں کی کفالت): Providing love, shelter, and support to orphan children.
🕌 Masjid Nirman (تعمیر مسجد / मस्जिद निर्माण): Building houses of Allah as centers for community worship and unity.
🏫 Madarsa Nirman (تعمیر مدرسہ / मदरसा निर्माण): Constructing institutions for Islamic learning and Hifz.
یہ صرف ایک فاؤنڈیشن نہیں، بلکہ امید کی ایک کرن ہے۔ Ye sirf ek foundation nahi, balki umeed ki ek kiran hai, jo gareeb aur kamzor tabqon ko mazboot banati hai.
Join hands with us in this noble cause. آپ کا چھوٹا سا تعاون کسی کی زندگی بدل سکتا ہے اور صدقہ جاریہ بن سکتا ہے۔
Empowering Communities. Spreading Mercy.
18/08/2026
एक टांग पर खड़े होकर मस्जिद की हिफ़ाज़त करने वाले नेपाली शख़्स को सऊदी अरब में मिला एहतराम! 🕋✨
नेपाल के रौतहट ज़िले के रामपुर निवासी शेख़ रहीमउल्लाह (32 वर्ष) ने अपनी हिम्मत और ईमान की एक अनोखी मिसाल पेश की है। इस साल जनवरी में जब एक भीड़ ने स्थानीय मस्जिद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो एक टांग से महरूम रहीमउल्लाह अपनी लाठी के सहारे मस्जिद के दरवाज़े पर अकेले डट गए और मस्जिद का नज़राना-ए-दिफ़ा किया।
सोशल मीडिया पर उनकी यह वीडियो वायरल होने के बाद सऊदी कार्यकर्ताओं ने उन्हें तलाशा और 5 अगस्त को उन्हें और उनके माता-पिता को उमराह के लिए मक्का मुकर्रमा बुलाया। वहाँ उनका ख़ास एहतराम किया गया और एक चैरिटेबल संस्था द्वारा उनकी सहूलियत के लिए नक़ली टांग (Prosthetic Limb) का इंतज़ाम भी किया जा रहा है।
इबादतगाह की हिफ़ाज़त से मक्का के मुक़द्दस सफ़र तक: शेख़ रहीमउल्लाह की साहसी दास्तान! ❤️🤲
ईमान और हौसले की कोई उम्र या शारीरिक सीमा नहीं होती। नेपाल के रहने वाले 32 साल के शेख़ रहीमउल्लाह ने यह साबित करके दिखा दिया।
जब एक उग्र भीड़ ने उनकी स्थानीय मस्जिद को निशाना बनाने की कोशिश की, तो रहीमउल्लाह अपनी शारीरिक शारीरिक अक्षमता की परवाह किए बिना, एक टांग और लाठी के सहारे मस्जिद के आगे दीवार बनकर खड़े हो गए। उनकी इस बहादुरी का वीडियो देखते ही देखते पूरी दुनिया में वायरल हो गया।
इस जज़्बे को सलाम करते हुए सऊदी अरब के ख़ैरख़वाहों ने रहीमउल्लाह का सुराग़ लगाया और 5 अगस्त को उन्हें और उनके वालिदैन को उमराह की सआदत हासिल कराने के लिए मक्का मुकर्रमा बुलाया। सिर्फ़ इतना ही नहीं, एक फ़लाही इदारे की जानिब से उनके लिए एक अत्याधुनिक नक़ली टांग (Prosthetic Limb) लगाने की तैयारियाँ भी जारी हैं।
जिस शख़्स ने अल्लाह के घर की हिफ़ाज़त के लिए अपनी जान दांव पर लगाई, अल्लाह तआला ने उसे अपने मुक़द्दस घर का मेहमान बना लिया! ✨🕋
▫️ Ameen Foundation
▫️ Islamic Relief Centre
हम साल भर कमाते हैं, अपनी हर ज़रूरत पूरी करते हैं, लेकिन अल्लाह के रास्ते में खर्च करने के लिए सिर्फ़ एक महीने का इंतज़ार क्यों?
आमीन फाउंडेशन के पास 325 यतीम और ज़रूरतमंद बच्चे हैं, जिनकी तालीम और रिहाइश (Boarding) का खर्च साल भर चलता है। उनकी भूख और तालीम रमज़ान के गुज़र जाने का इंतज़ार नहीं करती।
इनका मुस्तक़बिल, हमारा फ़र्ज़।
आज ही अपने माल को पाक करें और इन यतीमों का सहारा बनें। आपका थोड़ा सा तआउन (सहयोग) किसी मासूम को अंधेरे से निकालकर 'मज़ार-ए-इल्म' की रोशनी में ला सकता है।
📦 रमज़ान किट स्पॉन्सर करें: ₹1,500 / ₹2,500
🤝 यतीम कफ़ालत (1 साल): ₹5,000
👉 अभी दान करें / Donate Now:
https://www.islamicwelfare.online/madarsa/ -section
बने मुआवीन (₹5000) - अल्लाह आपके रिज़्क़ में बरकत अता फ़रमाए। आमीन।
14/08/2026
आपकी एक ज़कात, किसी पूरे परिवार का सहारा ✨🤲
हिंदुस्तान के अलग-अलग कोनों में ऐसे कई घर हैं जहाँ कोई बीमार या लाचार पिता अपने बच्चों के मुस्तक़बिल के लिए ख़ामोश आँसू बहा रहा है, और कोई माँ दो वक़्त की रोटी के लिए परेशान है।
आमीन फ़ाउंडेशन और इस्लामिक रिलीफ सेंटर (Islamic Relief Centre & Ameen Foundation) के ज़रिए आपकी ज़कात और सदक़ा पूरे भारत में ज़रूरतमंद और बेसहारा परिवारों तक सीधा पहुँचता है:
🌾 राशन और भोजन: ज़रूरतमंदों तक सम्मान के साथ भोजन पहुँचाना।
🩺 इलाज और सहायता: दिव्यांग और बुज़ुर्गों के लिए दवा और मदद।
📚 शिक्षा: यतीम और ग़रीब बच्चों की पढ़ाई का ख़र्च।
💧 साफ़ पानी: ज़रूरतमंद बस्तियों में पीने के साफ़ पानी की व्यवस्था।
"क़यामत के दिन मोमिन का साया उसका सदक़ा होगा।"
आपकी छोटी सी मदद किसी बेबस परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकती है।
🔗 अभी दान करें:
👉 https://islamicwelfare.online/
14/08/2026
Kya hum waqayi Nabi ﷺ ki ummat hone ka haq ada kar rahe hain? 💔
Rabi' Al-Awwal ka ba-barkat maheena shuru ho chuka hai—woh maheena jab woh Zaat tashreef laayi jinhone hamesha yateemon, ghareebon aur be-sahara logon ke dard ko apna samjha.
Lekin zara sochiye... aaj hamari dastar-khwan bhari hain, aur hamare hi aas-paas koi maa apne bacchon ko bhooka sula rahi hai.
Hum har roz kitne hi rupaye aisi cheezon par baha dete hain jinki koi qeemat nahi, lekin jab baat kisi zarooratmand tak ek waqt ka khana ya saaf paani pohchane ki aati hai, to hum kal par taal dete hain. Kya kal humare paas is la-parwahi ka koi jawab hoga?
Is Rabi' Al-Awwal mein sirf zabaan se mohabbat ka daawa mat kijiye, balke Nabi Kareem ﷺ ki rehmat aur sunnat ko apne amal se zinda karein.
✨ Aameen Foundation (Islamic Relief Centre) ke zariye aapka ek chhota sa haftawaar ta'awun (weekly support) har Jumu'ah ko kisi be-sahara khandan tak ration, peene ka saaf paani aur zaroori dekhbhaal pohchata hai.
Aapka yeh chhota sa sadqah kisi ki zindagi bacha sakta hai aur aakhirat mein aapke najaat ka zariya ban sakta hai.
🤲 Apne har Jumu'ah ke sadqah ko aadat banayein aur kisi doobti umeed ka sahara banein.
🔗 Abhi Sadqah / Zakat dein:
👉 https://islamicwelfare.online/madarsa
14/08/2026
ربیع الاول کے اس بابرکت مہینے میں، نبی کریم ﷺ کی رحمت اور سنت کو اپنے صدقہ و خیرات کے ذریعے زندہ کریں۔ ✨
آمین فاؤنڈیشن (اسلامک ریلیف سینٹر) کے ساتھ آپ کا ایک چھوٹا سا ہفتہ وار تعاون ہر جمعہ ضرورت مند خاندانوں تک کھانا، پینے کا صاف پانی اور ضروری امداد پہنچاتا ہے۔
🤲 اپنے جمعہ کے صدقے کو باقاعدہ بنائیں اور کسی کی امید کا سہارا بنیں۔
🔗https://islamicwelfare.online/masjid ابھی عطیہ کریں
Sadaqah Jariyah Bakrid Appeal | Islamic Welfare Group Is Bakrid, Apni Aakhirat Ka Intezam Karein. Zakat aur Sadaqah ke zariye Masjid ki tameer, Madarsa, aur Yateemon ki madad karein.
14/08/2026
Rabi' Al-Awwal ke ba-barkat maheene mein, Nabi Kareem ﷺ ki rehmat aur sunnat ko apne sadqah-o-khairat ke zariye zinda karein. ✨
Aameen Foundation (Islamic Relief Centre) ke sath aapka ek chhota sa haftawaar ta'awun (weekly support) har Jumu'ah ko zarooratmand khandan tak khana, peene ka saaf paani aur zaroori dekhbhaal pohchata hai.
🤲 Apne har Jumu'ah ke sadqah ko aasan banayein aur kisi ki umeed banein.
🔗 Donate Karein:
Sadaqah Jariyah | Islamic Relief Center Aameen Foundation Aameen Foundation - Har Jumma Sadaqah, Masjid Tameer, Madarsa, Yateem Kafalat. Darul Uloom Hazrat Abubakr Siddiq, Phaltan.
14/08/2026
रबी-उल-अव्वल के मुबारक़ महीने में, नबी करीम ﷺ की रहमत और सुन्नत को अपने सदक़े से ज़िंदा करें। ✨
आमीन फ़ाउंडेशन (इस्लामिक रिलीफ सेंटर) के ज़रिए आपका एक छोटा सा हफ़्तेवार तआवुन हर जुमे को ज़रूरतमंद घरानों तक खाना, साफ़ पानी और ज़रूरी मदद पहुँचा सकता है।
🤲 इस मुबारक़ महीने में अपने जुमे के सदक़े को मुक़र्रर करें और किसी की उम्मीद बनें।
🔗 अभी दान करें:
Sadaqah Jariyah | Islamic Relief Center Aameen Foundation Aameen Foundation - Har Jumma Sadaqah, Masjid Tameer, Madarsa, Yateem Kafalat. Darul Uloom Hazrat Abubakr Siddiq, Phaltan.
19/06/2026
हर दिन हम हज़ारों रुपये फिजूल खर्च कर देते हैं... लेकिन क्या कभी सोचा है?
हमारी ही कौम के हज़ारों बच्चे आज भी इस इंतज़ार में हैं कि कोई उनका हाथ थाम ले। 💔
आज 10,000 बच्चों में से सिर्फ 200 की जिम्मेदारी हम उठा पाए हैं, लेकिन वो बाकी 9,800 मासूम? क्या उनका हक नहीं कि वो भी तालीम हासिल करें? ✋
सिर्फ ₹5,000 साल में एक बार...
आपके लिए ये शायद एक डिनर का बिल होगा, लेकिन उस यतीम या गरीब बच्चे के लिए ये पूरी जिंदगी की रोशनी है। ✨
कल अल्लाह को क्या जवाब देंगे? जब वो पूछेगा कि जब बच्चे अंधेरे में थे, तब तुम कहाँ थे?
आज ही नियत करें। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और इस सदाक़ह जारिया का हिस्सा बनें। 🤲
यहाँ क्लिक करें: 👇
https://www.islamicrelief.online/madarsa/ -box
10/06/2026
🚨 इंसानियत की बेमिसाल मिसाल: "हमारे नुकसान की भरपाई हो गई, अब पैसा ना डालें" 🚨
जब दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) के एक होटल में भीषण आग लगी, चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदने लगे... तब वहीं सामने दुकान चलाने वाले गद्दा व्यापारी रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान के सामने एक परीक्षा थी।
एक तरफ उनकी दुकान में रखा लाखों का नया सामान था, और दूसरी तरफ लोगों की जिंदगी!
🌟 दुकान खाली हो गई, पर कई घर उजड़ने से बच गए!
रियाजुद्दीन साहब ने एक पल की भी देरी नहीं की। उन्होंने अपनी दुकान से 20-25 नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दिए। जो लोग ऊपर से कूद रहे थे, वे सीधे उन गद्दों पर गिरे। अपनी जान की परवाह न करते हुए बाप-बेटे ने 20 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। इस नेक काम में उनकी दुकान का लगभग ₹2 लाख का सारा सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया।
💎 ईमानदारी और बड़प्पन का सबसे बड़ा उदाहरण!
जब देश की जनता को इस बहादुरी का पता चला, तो लोगों ने उनके नुकसान की भरपाई के लिए उनके खाते में पैसे भेजने शुरू किए। जैसे ही उनके नुकसान की रकम (₹2 लाख) पूरी हुई, रियाजुद्दीन साहब ने जो कहा, उसने पूरी इंसानियत का सर फख्र से ऊंचा कर दिया:
"हमारे नुकसान की भरपाई हो गई है, अब हमारे खाते में कोई पैसा ना डाले। इस हादसे में होटल की एक गरीब स्टाफ लड़की की मौत हुई है, अगर मदद करनी ही है तो अब उस गरीब परिवार की मदद करें।"
🕊️ Ameen Foundation का सलाम!
आज के दौर में जहां लोग चंद रुपयों के लिए इंसानियत भूल जाते हैं, वहीं रियाजुद्दीन साहब और उनके बेटे ने साबित कर दिया कि "मजहब-ए-इंसानियत" से बड़ा कोई मजहब नहीं है।
अमीन फाउंडेशन रियाजुद्दीन मंसूरी जी के इस जज्बे, बहादुरी और बेमिसाल ईमानदारी को दिल से सलाम करता है। खुदा उनके कारोबार में बरकत दे और उनके इस नेक अमल को कबूल फरमाए।
28/04/2026
In North Gaza, Ameen Foundation delivered 150 hot Iftar meals every day to families struggling to find their next meal.
With over 1.7 million people displaced across Gaza, your support brought a moment of relief at the end of each fast.
Address
B54, Hyderabad City Center
Hyderabad
500034