KanoonKey99
kanoonkey99
खाता-खतौनी में हुई गड़बड़ी से परेशान हैं? KanoonKey99
जमीन के रिकॉर्ड में नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, रकबा या अन्य विवरण गलत दर्ज हो जाने पर भविष्य में जमीन से जुड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
इस वीडियो में जानिए👇
🔹 खाता-खतौनी में गलती होने पर क्या करें?
🔹 नाम गलत दर्ज होने पर सुधार कैसे कराया जा सकता है?
🔹 खाता, खेसरा या रकबा गलत होने पर क्या प्रक्रिया है?
🔹 पुराने और नए जमीन रिकॉर्ड में अंतर हो तो क्या करें?
🔹 जमीन के रिकॉर्ड की गलती सुधारने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
🔹 रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर संबंधित राजस्व कार्यालय में क्या कार्रवाई की जा सकती है?
#खाताखतौनी #खतौनी #खातामेंगड़बड़ी #जमीनकाकागज #जमीनरिकॉर्ड #जमीनकानून #जमीनकाहक #जमीनविवाद #संपत्तिविवाद #भूमिरिकार्ड #राजस्वरिकॉर्ड #खेसरा #रकबा #जमाबंदी #दाखिलखारिज
कब्जा करने वाला KanoonKey99 जमीन पर अवैध दखल करने वालों की अब खैर नहीं! जानिए पूरा कानूनअवैध कब्जा करने वाला भी हो सकता है मालिक? सच्चाई जानिए
#अवैधकब्जा #जमीनविवाद
आपकी जमीन पर किसी ने अवैध कब्जा कर लिया? तुरंत करें ये 5 काम
अवैध दखल हटाने का सबसे आसान कानूनी तरीका | हर जमीन मालिक जरूर देखें
अवैध कब्जा करने वालों से जमीन वापस कैसे लें? पूरी कानूनी प्रक्रिया
कब्जा विवाद में मारपीट KanoonKey99
भूमि पर कब्जे को लेकर उत्पन्न विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट । मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची । शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया । पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान एवं अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई । मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
कब्जा कानून क्या है कब्जा कैसे साबित करना है कब्जा विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? KanoonKey99
जमीन का असली मालिक कौन ? jamin ka asli malik KanoonKey99
08/07/2026
पराए पुरुष के साथ एक रात बिताना मात्र से वैवाहिक क्रू*रता साबित नहीं होती: हाईकोर्ट
KanoonKey99
नई दिल्ली/प्रयागराज। एक महत्वपूर्ण वैवाहिक विवाद की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विवाहित महिला का विशेष परिस्थितियों में किसी अन्य पुरुष के साथ एक रात बिताना मात्र अपने-आप में वैवाहिक क्रूरता (Cruelty) नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
#तलाक_मामला #वैवाहिक_विवाद #पारिवारिक_विवाद
मामले में पति ने पत्नी पर किसी अन्य पुरुष के साथ रा*त बिताने का आरोप लगाते हुए इसे तलाक का आधार बताया था। पति का कहना था कि पत्नी का यह व्यवहार वैवाहिक विश्वास के विरुद्ध है और इससे दांपत्य संबंध पूरी तरह टूट चुके हैं।
पत्नी की ओर से अदालत को बताया गया कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह असाधारण परिस्थितियों में हुई थी और उसके पीछे कोई अवैध संबंध या अनुचित उद्देश्य नहीं था। केवल एक घटना के आधार पर उसके चरित्र पर संदेह करना उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि विवाह संबंधी मामलों में केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते। यदि कोई पक्ष वैवाहिक क्रूरता का दावा करता है, तो उसे ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने कहा कि संदेह, अनुमान या सामाजिक धारणाओं के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि वैवाहिक संबंध विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर आधारित होते हैं। यदि किसी घटना के पीछे परिस्थितियाँ अलग हों और उसके समर्थन में कोई अनुचित आचरण सिद्ध न हो, तो केवल उसी आधार पर विवाह विच्छेद का आदेश देना उचित नहीं होगा।
कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक विवादों में जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालने के बजाय सभी तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है। बच्चों के हित, दोनों पक्षों की परिस्थितियाँ और पूरे वैवाहिक जीवन का आकलन भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होता है।
अंत में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वैवाहिक विवाद अपने तथ्यों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी एक निर्णय को सभी मामलों पर समान रूप से लागू नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी दोहराया कि केवल एक रात साथ बिताने की घटना, बिना अन्य ठोस साक्ष्यों के, वैवाहिक क्रूरता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मानी जा सकती।
07/07/2026
BDO की पत्नी की सं*दिग्ध मौ*त: पति के कथित अ*वैध संबंध का विरोध करने पर जहर देने का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र में एक 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की मां ने अपने दामाद, सास और ननद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने अपने पति के कथित अ*वैध संबंधों का विरोध किया था, जिसके बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रता*ड़ित किया गया तथा ज*हर देकर मारने का आरोप लगाया गया।
परिजनों के अनुसार, मृतका के पति एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) हैं। घटना के बाद आरोपी पति अपनी मां और बहन के साथ अस्पताल परिसर से चले गए। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच पहले प्रेम संबंध था और बाद में परिवार की सहमति से दोनों की शादी हुई थी। हालांकि शादी के कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद शुरू हो गए। मृ*तका की मां का आरोप है कि पति का किसी अन्य महिला से कथित संबंध था और इसी का विरोध करने पर उनकी बेटी के साथ लगातार मा*रपीट और उ*त्पीड़न किया जाता था।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्ट*मार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। अभी तक परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्ट*मार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
#बिहार_न्यूज #मुजफ्फरपुर #क्राइम_न्यूज #ब्रेकिंग_न्यूज
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण तथा आरोपों की सत्यता पर नि*ष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल किसी भी आरोपी के दोषी होने की पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं की गई है।
कब्जा विवाद अब नहीं FIR से लेकर जेल तक
KanoonKey99
05/07/2026
तलाकशुदा महिला की गुजारा भत्ता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 40 लाख, झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
KanoonKey99
रांची | विधिक संवाददाता
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में तलाकशुदा महिला को मिलने वाली एकमुश्त स्थायी गुजारा भत्ता (Permanent Alimony) की राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई, महिला की आयु, भविष्य की आवश्यकताओं और सम्मानजनक जीवन के अधिकार को देखते हुए पहले निर्धारित राशि पर्याप्त नहीं थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 1984 में हुए विवाह से जुड़ा है। पति-पत्नी वर्ष 1990 से अलग रह रहे थे और लगभग 36 वर्षों तक अलग रहने के बाद वर्ष 2022 में फैमिली कोर्ट ने दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी थी।
फैमिली कोर्ट ने तलाक के साथ महिला को 10 लाख रुपये एकमुश्त स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। महिला ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने किन आधारों पर बढ़ाई राशि?
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार किया—
महिला की उम्र लगभग 55 वर्ष है।
महिला के पास आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है।
भविष्य में चिकित्सा और दैनिक जीवन-यापन का खर्च बढ़ेगा।
लगातार बढ़ती महंगाई के कारण 10 लाख रुपये पर्याप्त नहीं माने जा सकते।
पति रेलवे सेवा से जुड़े रहे हैं और उन्हें पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होंगे।
दोनों पक्ष लगभग 36 वर्षों से अलग रह रहे हैं, इसलिए वैवाहिक संबंध व्यवहारिक रूप से समाप्त हो चुके हैं।
#तलाक #गुजाराभत्ता #भरणपोषण #झारखंडहाईकोर्ट #हाईकोर्टफैसला #कोर्टकाफैसला #कानूनीजानकारी #फैमिलीलॉ #महिलाअधिकार #न्यायपालिका #कानूनकीबात
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने गुजारा भत्ता बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने का आदेश दिया।
भुगतान कैसे करना होगा?
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पति 40 लाख रुपये की राशि चार समान किस्तों में 12 महीने के भीतर अदा करेंगे। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो महिला उचित कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी
अदालत ने कहा कि—
"महिला को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में 10 लाख रुपये पर्याप्त नहीं हैं।"
इस फैसले का महत्व
यह निर्णय बताता है कि स्थायी गुजारा भत्ता तय करते समय अदालत केवल पुरानी आय या पहले निर्धारित राशि को नहीं देखती, बल्कि—
महंगाई,
महिला की आयु,
स्वास्थ्य,
भविष्य की आर्थिक जरूरतें,
पति की आर्थिक स्थिति,
तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार
जैसे सभी पहलुओं का संतुलित मूल्यांकन करती है।
नोट: प्रत्येक मामला अपने तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस फैसले का अर्थ यह नहीं है कि हर तलाक के मामले में 40 लाख रुपये का गुजारा भत्ता मिलेगा। अदालत प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर अलग निर्णय देती है।
02/07/2026
मामी से अ*वैध संबंध के विरोध में मामा की हत्या, भांजे को उम्रकैद; कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
KanoonKey99
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाले बहुचर्चित ह*त्या मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामा की ह*त्या के मामले में दोषी भांजे को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराध समाज और पारिवारिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा हैं तथा करीबी रिश्तों को कलंकित करने वालों में कानून का भय होना आवश्यक है।
अभियोजन के अनुसार, घटना 15 दिसंबर 2018 की है। आरोप था कि आरोपी भांजे के अपनी मामी से कथित अवैध संबंध थे, जिसका मामा लगातार विरोध करता था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मामा की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि पुलिस की जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सच्चाई सामने आ गई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी सबूतों का परीक्षण करने के बाद मुख्य आरोपी भांजे को ह*त्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में अन्य सह-आरोपियों की भूमिका भी सामने आई। अदालत ने उनकी संलिप्तता के आधार पर कुछ आरोपियों को अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई, जबकि एक गवाह को धमकाने के मामले में भी दोष सिद्ध होने पर अलग से सजा दी गई।
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि पारिवारिक रिश्तों का सम्मान समाज की नींव है और ऐसे मामलों में कठोर दंड देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाले अपराध करने का साहस न कर सके।
#क्राइम_स्टोरी #वायरल_न्यूज #ताज़ा_खबर #बड़ी_खबर #हिंदी_समाचार #कोर्ट_न्यूज #न्यायालय #कानून #अपराध_समाचार #देश_की_खबर #लेटेस्ट_न्यूज #हेडलाइन #न्यूज_अपडेट #सच्ची_घटना #क्राइम_अलर्ट #इंडिया_न्यूज #जुर्म_की_दास्तान
नोट: यह कहानी आपके द्वारा साझा की गई समाचार कटिंग के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोप और घटनाक्रम न्यायालय के निर्णय एवं समाचार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।
Category
Contact the school
Website
Address
Noida