Bharat First

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26/01/2026

महाराष्ट्र कॉर्पोरेशन चुनावों के बाद समाजवादी पार्टी औऱ कांग्रेस को यह एहसास हुआ है:

मुसलमान पूरी तरह से AIMIM की तरफ जा रहे हैं, और हिंदू बड़ी संख्या में कांग्रेस में वापस नहीं आ रहे हैं । यहां तक कि ठाकरे सेना में भी नहीं ।

कुछ ही दिन पहले महाराष्ट्र में बनी इस्लाम पार्टी भी कई सिट जीत गई

2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव है ओवैसी ने ऐलान कर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पूरी मजबूती से लड़ेगा मुस्लिम वोट बैंक ही समाजवादी पार्टी का सबसे प्रमुख वोट बैंक रहा है

ओवैसी ने गठबंधन से इनकार नहीं किया है लेकिन शर्त रख दी है

उसने समाजवादी पार्टी के सामने शर्त रखी है की एक मुस्लिम डिप्टी सीएम का ऐलान करो और हमारे साथ गठबंधन करो और हमको कम से कम 50 सीट दो

अखिलेश यादव की नींद उड़ी हुई है

इसलिए, उन्होंने एक हताशा वाला तरीका अपनाया है:

लोगो को यह यकीन दिलाना कि योगी हिंदू विरोधी हैं।

अभीमुक्तेश्वरानंद के साथ अखिलेश यादव की कई राउंड की मीटिंग हुई उनको नौटंकी के लिए तैयार किया गया कोई बहाना नहीं मिल रहा था फिर यह प्लानिंग की गई की माघ मेला आ रहा है माघ मेले में नियम कानून तोड़ा जाएगा ताकि प्रशासन कार्रवाई पर मजबूर हो जाए और इसी बहाने योगी जी को हिंदू विरोधी घोषित कर दिया जाएगा

यह विचारधारा की बात नहीं है, यह चुनावी अस्तित्व बचाने की कोशिश है।

समाजवादी पार्टी एक ऐसी उलझन में फंसी है जिसका कोई हल नहीं है, पहले वो मुसलमानों से कहती थी कि हम आपको भाजपा से बचाते हैं।

लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि अगर मौका मिला तो मुसलमान किसी मुस्लिम पार्टी को चुनेंगे, उन्हें नहीं। और, इसी बात ने उन्हें डरा दिया है।

अब वो हिंदुओं में संदेश दे रही है कि भाजपा आपकी ठीक से रक्षा नहीं करती।

विदेशी कंपनियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू नामों से लाखों फर्जी अकाउंट बनाए है, जो जातिवाद और मोदी योगी विरोधी प्रचार कर रहे हैं।

अब आप सोचिए जी योगी जी ने हिंदू धर्म के लिए हिंदुत्व के लिए अपना सब कुछ बलिदान दिया उनके परिवार के लोग की हालत में हैं वह हम अक्सर देखते हैं

बहन एक छोटी सी दुकान चला रही है एक भाई बीएसएफ में है एक बहन गांव में रहती है

राम मंदिर के लिए गोरखनाथ पीठ ने जितना काम किया है वह किसी से नहीं छुपा है चाहे योगी जी के गुरु महंत अवैद्यनाथ हो या खुद योगी जी हो

आज गौ रक्षा की बात उमाशंकर कह रहे हैं एक बार बताएं तो सही अखिलेश यादव के समय में कितने गौ तस्करों का एनकाउंटर हुआ ??

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग आज भी कमेंलो से आई दुर्गंध को भूले नहीं होंगे जब खुलेआम गाय भैंस काट कर उनकी हड्डियों को उबालकर जिलेटिन निकाला जाता था जिसे कमेंला कहते थे पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश बदबू से भरा हुआ था

सुप्रीम कोर्ट ने कई बार आदेश दिया लेकिन अखिलेश यादव ने कोई कार्रवाई नहीं कि यहां तक की कमेले से फेंकी गई हड्डियों को चबाकर कुत्ते भी इतने बड़े और हिंसक हो गए थे कि बच्चों को फाड़ देते थे बड़ों को फाड़ देते थे

मेरठ का सोतीगंज बाजार अब्दुल भाई फकीर भाई रमजान भाई लहसुन भाई उनके आलीशान बिल्डिंग आप लोग देखिए

पूरे उत्तर भारत से गाड़ियां चोरी होती थी सीधे मेरठ के सोतीगंज बाजार में जाती थी 1 घंटे में अब्दुल भाई गाड़ी का पुर्जा पुर्जा खोलकर बफिंग करके पूरे भारत के ऑटो बाजार में सप्लाई कर देते थे

मीट की दुकानों के लिए लाइसेंस जरूरी किया कमेले बंद करवा दिए गौ तस्करों का एनकाउंटर शुरू हुआ मेरठ का सोतीगंज बाजार बंद करवा दिया

सभी माफिया चाहे वह हिंदू हो कि मुसलमान हो या तो एनकाउंटर हुआ या उन्होंने खुद जमानत रद्द कर जेल में गए जो बहुत ज्यादा गुंडागर्दी किया सीधे बुलडोजर चला

उत्तर प्रदेश में जो इस्लामीकरण हो रहा था जो अखिलेश यादव के समय में क्या-क्या हुआ है वह हम सब ने देखा है

लेकिन अब ऐसे में कोई अगर योगी जी को बाबर की औलाद कहे तो उस व्यक्ति को आप क्या कहा जाएगा ?

और सबसे बड़े नीच तो तुम हो जिसे तुम बाबर की औलाद करते हो उसके मठ में सैकड़ो बार गए हो उसके साथ मंच शेयर किए हो

तो बाबर की औलाद के साथ तुमने मंच शेयर क्यों किया ?

तुम्हारी सारी नौटंकी कबूल थी तुम्हारा सारी नीचता कबूल थी

लेकिन तुमने जो योगी जी को बाबर की औलाद कहा वह कोई भी हिन्दू जिंदगी भर नहीं भूलेगा

24/12/2025

पत्रकार मुस्लिम युवक से - क्या आपको पता है बांग्लादेश में क्या हुआ?

मुस्लिम युवक - हमें कुछ नहीं पता, मैं फोन या सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता। यह हमारा मामला नहीं है।

पत्रकार - फ़िलिस्तीन में क्या हुआ?

मुस्लिम युवक - मुसलमानों के साथ घोर अन्याय हुआ है। फिलिस्तीन में जो हुआ गलत हुआ

पत्रकार :- आपको फिलिस्तीन के बारे में जानकारी कैसे मिली ?

मुस्लिम युवक :- वह सब जानकारी वीडियो से मिली

पत्रकार:- तो क्या बांग्लादेश के बारे में कोई वीडियो से जानकारी नहीं मिली ?

मुस्लिम युवक:- चुप

ब्रिगेडियर रुद्र प्रताप सही थे।

23/12/2025

जो लोग रोज़ एक ही मशीन के आसपास खड़े रहते थे,
जो लोग साथ चाय पीते थे,
जो लोग एक-दूसरे को “भाई” कहकर बुलाते थे—
उन्हीं के बीच दीपू चंद्र दास सबसे ज़्यादा असुरक्षित निकला।
बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अफवाह जब भीड़ बन जाती है, तो सच सबसे पहले कुचला जाता है।
आरएबी-14 के कंपनी कमांडर एमडी समसुज्जमां ने बांग्लादेश के प्रतिष्ठित अख़बार द डेली स्टार को बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा कोई डिजिटल या तकनीकी सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि दीपू ने फेसबुक या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई ऐसा पोस्ट किया हो, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता हो।
यानी जिस आरोप पर पूरा बवाल खड़ा किया गया, उसकी कोई ठोस ज़मीन ही नहीं थी।
इसके बावजूद फैक्ट्री के अंदर हालात को संभालने का तरीका सवालों के घेरे में है।
जिस फैक्ट्री में दीपू काम करता था, वहां के सीनियर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने शाम करीब 7:30 बजे दीपू से एक लिखित इस्तीफा ले लिया।
बताया गया कि यह कदम सिर्फ़ इसलिए उठाया गया ताकि गुस्साए मजदूरों को शांत किया जा सके और माहौल काबू में रहे।
लेकिन असल समस्या यहीं से और गहरी हो गई।
इस्तीफा लेने से न तो अफवाह रुकी,
न ही भीड़ का गुस्सा कम हुआ।
जब फैक्ट्री मैनेजमेंट से यह पूछा गया कि उन्होंने समय रहते पुलिस या प्रशासन को सूचना क्यों नहीं दी, तो जवाब और भी चिंताजनक था।
मैनेजमेंट का कहना था कि वे “फैक्ट्री के भीतर ही अपने तरीकों से” मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे थे।
इसी बीच शिफ्ट बदलने का वक्त आ गया।
दूसरी पाली के मजदूर भी फैक्ट्री परिसर में पहुंच गए।
खबर बाहर फैली, तो स्थानीय लोग भी जमा होने लगे।
कुछ ही देर में यह मामला सिर्फ़ फैक्ट्री का नहीं रहा, बल्कि भीड़ का मामला बन गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ चुके थे कि किसी की भी सुनने-समझने की क्षमता खत्म हो गई थी।
वर्कर और बाहर से आई भीड़ ने मिलकर दीपू को फैक्ट्री से बाहर घसीट लिया।
इसके बाद जो हुआ, उसे किसी भी सभ्य समाज में शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
दीपू के साथ बेरहमी की गई।
उसे पीटा गया,
और अंततः जिंदा जला दिया गया।
यह सब उस व्यक्ति के साथ हुआ,
जिसके खिलाफ न कोई एफआईआर थी,
न कोई डिजिटल सबूत,
न कोई कानूनी पुष्टि।
घटना के बाद बांग्लादेश पुलिस हरकत में आई और दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इस हिंसा में लापरवाही किस स्तर तक हुई और किन लोगों ने हालात बिगाड़ने में भूमिका निभाई।
एक अहम बात जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती है—
बांग्लादेश में पिछले कुछ वर्षों में अफवाहों के आधार पर हिंसा की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले भी चेतावनी दे चुकी हैं।
कई मामलों में बाद में यह सामने आया कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप या तो गलत थे या पूरी तरह गढ़े हुए।
दीपू की मौत सिर्फ़ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है।
यह उस सिस्टम की विफलता है,
जहां अफवाह कानून से तेज़ दौड़ जाती है,
और भीड़ इंसानियत से आगे निकल जाती है।
आज सवाल यह नहीं है कि 12 लोग गिरफ्तार हुए या नहीं।
सवाल यह है—
अगर समय पर पुलिस को बुलाया जाता,
अगर सच को परखा जाता,
अगर भीड़ को रोका जाता,
तो क्या दीपू आज ज़िंदा होता?
यह कहानी सिर्फ़ खबर नहीं है।
यह एक चेतावनी है।

Photos from Bharat First's post 21/12/2025
21/12/2025

जब बांग्लादेशी Gहादी #दीपू_चंद्र_दास को खंभे पर टाँगकर जिंदा जला रहे थे उसी वक्त बांग्लादेशी खिलाडी #मुस्तफिजुर_रहमान को #शाहरुख_खान 9 करोड़ 20 लाख की भारी भरकम रकम देकर आईपीएल 2026 के लिए अपनी टीम में शामिल कर रहा था।

माशाअल्लाह ये रकम बांग्लादेशी हिंदुओं को ठोकने के काम आएगी।

अफसोस होता है इस सरकार पर कि क्यो दुश्मन देश के खिलाड़ियों को यहाँ खेलने की अनुमति दी गई है। BCCI Domestic जिसको पाकिस्तान के अफसर से ट्रॉफी तक लेने में ऐतराज था...वो क्यों हजारों हिंदुओ के हत्यारों को भारत में खेलने दे रहा है ?

शाहरुख खान की बात ही छोड़ दो।
यही है वो जिसका मन्नत पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए जन्नत बना रहता था। शोएब अख्तर से लेकर शोएब मलिक तक इसके घर में दामाद की तरह रहते थे।

पाकिस्तान परस्त इस्लामिस्ट शाहरुख ने जहाँ सिर्फ 9 करोड़ एक दुश्मन देश के सपोले को दे दिए वही भारत के हिन्दू खिलाड़ियों के लिए बस 30 लाख, 75 लाख और सबसे ज्यादा बस एक को 2 करोड़। 90% पैसा विदेशी खिलाड़ियों पर। यही है इस की मानसिकता।

सोचो जब खुल्लमखुल्ला #आईपीएल में ये ऐसा कर सकता है तो बॉलीवुड में अपने दबदबे का इस्तेमाल कर के कितने पाकिस्तानी जिहाdयों को इसने भारत मे एंट्री दिलवाई होगी।

14/05/2025

रावलपिंडी के समीप हिन्दुओं का एक छोटा सा गांव था। 500 के लगभग व्यसक होंगे। बाकि बच्चे, बुड्ढे। गांव के सरपंच रामलाल एक विशाल बरगद के नीचे बैठे थे।

तभी मोहन भागता हुआ आया। बोला सरपंच जी, सरपंच जो। सरपंच जी कहा ,"क्या हुआ मोहन ? " सरपंच जी मुझे पता लगा है यहाँ से 8 कोस दूर हिन्दुओं ने अपना गांव खाली करना शुरू कर दिया है। सिख भाई भी उनके साथ अमृतसर जाने की तैयारी कर रहे है। सरपंच जी ने एक लम्बी साँस ली और कहा," मैंने कल ही रेडियो पर सुना था। महात्मा गाँधी जी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का विभाजन मेरी लाश पर होगा। क्या तुम्हें उनकी बात पर भरोसा नहीं है?"

मोहन बोला," सुना तो मैंने भी है कि जवाहर लाला नेहरू जी ने कहा है कि हिन्दुओं आश्वस्त रहो। भारत के कभी टुकड़े नहीं होंगे। तुम लोग लाहौर और रावलपिंडी में आराम से रहो। पर जिस गांव की मैं बात कर रहा हूँ। उस गांव पर पिछली रात को चारों और के मुसलमान दंगाइयों ने इकट्ठे होकर हमला कर दिया। उनकी संपत्ति लूट ली। दुकानों में आग लगा दी।

मैंने तो यह भी सुना की किसी गरीब हिन्दू की लड़की को भी उठा कर ले गए। भय के कारण उन्होंने आज ही पलायन करना शुरू कर दिया हैं।" सरपंच जी बोले,"देखो मोहन। हम यहाँ पर सदियों से रहते आये हैं। एक साथ ईद और दिवाली बनाते आये है। नवरात्र के व्रत और रोज़े रखते आये है। हमें डरने की कोई जरुरत नहीं है। तुम आश्वस्त रहो। " मोहन सरपंच जी की बात सुनकर चुप हो गया मगर उसके मन में रह रहकर यह मलाल आता रहा कि सरपंच जी को कम से कम गांव के हिन्दुओं को इकट्ठा कर सावधान अवश्य करना चाहिए था। अभी दो दिन ही बीते थे।

चारों ओर के गांवों के मुसलमान चौधरी इकट्ठे होकर सरपंच से मिलने आये और बोले। हमें मुस्लिम अमन कमेटी के लिए चंदा भेजना है। आप लोग चंदा दो। न नुकर करते हुए भी सरपंच ने गांव से पचास हज़ार रुपया इकठ्ठा करवा दिया। दो दिन बाद फिर आ गए। बोले की ओर दो।

सरपंच ने कहा कि अभी तो दिया था। बोले की, "कम पड़ गया और दो। तुमने सुना नहीं 8 कोस दूर हिन्दुओं के गांव का क्या हश्र हुआ है। तुम्हें अपनी सुरक्षा चाहिए या नहीं?" सरपंच ने इस बार भय से सत्तर हज़ार इकट्ठे कर के दिए। दो दिन बाद बलूच रेजिमेंट की लोरी आई और हिन्दुओं को इकठ्ठा कर सभी हथियार यहाँ तक की लाठी, तलवार सब जमा कर ले गई। बोली की यह दंगों से बचाने के लिए किया है।

क़ुराने पाक की कसम खाकर रक्षा का वायदा भी कर गई। नवें दिन गांव को मुसलमान दंगाइयों ने घेर लिया।

सरपंच को अचरज हुआ जब उसने देखा कि जो हथियार बलूच रेजिमेंट उनके गांव से जब्त कर ले गई थी। वही हथियार उन दंगाइयों के हाथ में हैं। दंगाइयों ने घरों में आग लगा दी।संपत्ति लूट ली। अनेकों को मौत के घाट उतार दिया गया। हिन्दुओं की माताओं और बहनों की उन्हीं की आँखों के सामने बेइज्जती की गई। सैकड़ों हिन्दू औरतों को नंगा कर उनका जुलुस निकाला। हिन्दू पुरुष मन मन में यही विनती कर रहे थे कि ऐसा देखने से पहले उन्हें मौत क्यों न आ गई। पर बेचारे क्या करते।

गाँधी और नेहरू ने जूठे आश्वासन जो दिए थे। गांव के कुछ बचे लोग अँधेरे का लाभ उठाकर खेतों में भाग कर छुप गए। न जाने कैसे वह रात बिताई। अगले दिन अपने ही घर वालों की लाशे कुएं में डाल कर अटारी के लिए रेल पकड़नी थी। इसलिए किसी को सुध न थी। आगे क्या होगा। कैसे जियेंगे। कहाँ रहेंगे। यह कहानी कोई एक घर की नहीं थी। यह तो लाहौर, डेरा गाजी खां, झेलम, सियालकोट, कोहाट, मुलतान हर जगह एक ही कहानी थी। कहानी क्या साक्षात् नर पिशाचों का नंगा नाच था।

तत्कालीन कांग्रेस के अध्यक्ष आचार्य कृपलानी के शब्दों में इस कहानी को पढ़िए

"आठ मास हुए आपने मुझे कांग्रेस का अध्यक्ष चुना था। महात्मा गाँधी ने एक प्रार्थना सभा के भाषण में कहा था कि मुझे फूलों का मुकुट नहीं पहनाया जा रहा है। बल्कि काँटों की सेज पर सुलाया जा रहा है। उनका कहना बिलकुल ठीक है। उनकी घोषणा होने के दो दिन बाद मुझे नोआखली जाना पड़ा। वहां से बिहार और अभी मैं पंजाब होकर आया हूँ।

नोआखली में जो देखा वह मेरे लिए नया अनुभव था। लेकिन बिहार में जो मैंने देखा वह और भी नया और पंजाब में जो देखा वह और भी अधिक था। मनुष्य मनुष्य नहीं रहा। स्त्रियां बच्चों को साथ लेकर इज्जत बचाने के लिए कुओं में कूद पड़ीं। उनको बाद में उससे बचाया गया। पूजा के एक स्थान में पचास स्त्रियों को इकठ्ठा करके उनके घर के लोगों ने उनको मार दिया। एक स्थान में 370 स्त्रियों और बच्चों ने अपने को आग को भेंट कर दिया है।-आचार्य कृपलानी"
(सन्दर्भ- श्यामजी पराशर, पाकिस्तान का विष वृक्ष, नवंबर,1947 संस्करण, राष्ट्रनिर्माण ग्रन्थ माला, दिल्ली, पृष्ठ 42)

महात्मा गाँधी और नेहरू जो पहले कहते थे कि पाकिस्तान हमारी लाश पर बनेगा अब कहने लगे कि हमने देश का विभाजन डरकर नहीं किया। जो खून खराबा हर तरफ हो रहा है, उसी को रोकने के लिए किया। जब हमने देखा कि हम किसी तरह भी मुसलमानों को मना नहीं सकते तब ऐसा किया गया। देश को तो 1942 में ही आज़ाद हो जाना था। अंग्रेजों ने देश छोड़ने से पहले मुस्लिम लीग को आगे कर दिया।

जिन्नाह ने मांगे रखनी शुरू कर दी। मैं न मानूं की रट लगाए जिन्नाह तानाशाह की स्थिति अर्जित कर कायदे आज़म बन गया। बात बात पर वाक आउट की धमकी देता था। कभी कहता विभाजन कमेटी में सिखों को मत लो। अगर लिया तो मैं बहिष्कार कर दूंगा। कभी कहता सभी सब-कमेटियों का प्रधान किसी मुसलमान को बनाओ। नहीं तो मैं उठ कर चला जाऊंगा। कांग्रेस के लिए जिन्नाह के साथ जीना मुश्किल, जिन्नाह के बिना जीना मुश्किल। फिर जिन्नाह ने दबाव बनाने के लिए अपने गुर्गे सोहरवर्दी के माध्यम से नोआखली और कोलकाता के दंगे करवाए। सीमांत प्रान्त में दंगे करवाए। मेरठ, पानीपत, सहारनपुर, दिल्ली सारा देश जल उठा।

आखिर कांग्रेस को विभाजन स्वीकार करना पड़ा। मुसलमानों को उनका देश मिल गया। हिन्दुओं को क्या मिला? एक हिन्दू राष्ट्र के स्थान पर एक सेक्युलर राष्ट्र। जिसमें बहुसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों से ज्यादा अल्पसंख्यक मुसलमानों के अधिकार हैं। पाकिस्तान में बचे हिन्दुओं के अधिकारों की कोई चर्चा नहीं छेड़ता।

उसी कांग्रेस का 1947 में विस्थापित एक प्रधानमंत्री आज कहता है कि देश के संसाधनों पर उन्हीं अल्संख्यक मुसलमानों का अधिकार है। हिन्दू धर्मरक्षा के लिए अपने पूर्वजों की धरती छोड़ आये। अमानुषिक यातनायें सही। चित्तोड़ के जौहर के समान ललनाओं की जिन्दा चिताएं जली। राजसी ठाठ ठुकराकर दर दर के भिखारी बने। अपने बेगाने हो गए। यह सब जिन्नाह की जिद्द के चलते हुआ।

और आज मेरे देश के कुछ राजनेता यह कहते है कि जिन्नाह महान था। वह अंग्रेजों से लड़ा था।

अरे धिक्कार है तुमको जो तुम अपना इतिहास भूल गए। उन अकथनीय अत्याचारों को भूल गए। उन बलिदानों को भूल गए। अपने ही हाथों से अपनी बेटियों के काटे गए सरों को भूल गए। जिन्नाह को महान बताते हो। कुछ तो शर्म करो।

(यह लेख उन अज्ञात लाखों हिन्दु पूर्वजों को समर्पित है जिन्होंने धर्मरक्षा हेतु अपने पूर्वजों की भूमि को पंजाब और बंगाल में त्याग दिया। मगर अपने पूर्वजों के धर्म को नहीं छोड़ा। )

14/05/2025

आज तक पर आज डिबेट देख रहा था

उसमें एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर भी थे साथ में कांग्रेस का प्रवक्ता भी था

कांग्रेस का प्रवक्ता कह रहा था कि यह क्यों नहीं हुआ यह क्यों नहीं हुआ ब्ला ब्ला ब्ला

उस स्क्वाड्रन लीडर ने कांग्रेस के प्रवक्ता से सवाल किया 26 /11 के बाद हमारे वायु सेना चीफ के ने हम सबको आदेश दिया कि तुम सब तैयार हो जाओ इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ है हमें पाकिस्तान को बहुत करारा जवाब देना है

हमारी पूरी वायु सेना ने सभी तैयारी कर ली यहां तक कि हम आठ घंटे तक फाइटर जेट से अभ्यास करते थे हर रोज अभ्यास चल रहा था हमारी नेवी भी हमारी आर्मी भी पूरी तैयार थी

फिर एक दिन अचानक हमारे वायु सेना के चीफ का कॉल आता है कि जहाज हैंगर में खड़ा कर दो वह बहुत परेशान थे हैरान थे उदास थे और कहे हम तो तैयार हैं लेकिन हमारी राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं है हमें ऊपर से पाकिस्तान को कोई भी जवाब देने से मना कर दिया गया है

ठीक यही बात एक बार अहमदाबाद में भारतीय विचार मंच के कार्यक्रम में एक वाइस एयर मार्शल आए थे उन्होंने भी बताई थी कि हम सब ने पूरी तैयारी कर लिया था लेकिन मनमोहन सिंह ने हमारी मीटिंग में यह कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु बम है उसके पास खतरनाक मिसाइल है और हमने कोई एयर डिफेंस सिस्टम नहीं खरीदा है हमारे साजो सामान सोवियत संघ के जमाने की है पाकिस्तान के पास f16 है J10 है हमारे पास मिग और मिराज है तो हमें खामोश रहना चाहिए पाकिस्तान को कोई जवाब नहीं देना चाहिए

यह मोदी का दौर है आज जो कांग्रेसी कुत्ते बार-बार पूछते हैं कि मोदी राज में क्या हुआ या क्रूड सस्ता होने पर सब छाती कूट-कूट कर कहते हैं मोदी जी तेल कब सस्ता करोगे उन दोगलो को पता होना चाहिए कि आज भारत की मिलिट्री के पास जितना आधुनिक साजो समान है उसमें से 80% सिर्फ मोदी सरकार के दौरान खरीदा गया है

मोदी सरकार के आने के बाद डिफेंस बजट को बहुत ज्यादा बढ़ाया गया और इतनी खरीदारी हुई एक भी डील में किसी ने एक दलाली का आरोप तक नही लगाया

हालांकि कांग्रेस राफेल का सौदा S 400 का सौदा न होने पाए उसके लिए पूरी ताकत लगा दिया था यह लोग सुप्रीम कोर्ट में भी गए थे फिर जब सुप्रीम कोर्ट में काम नहीं बना था फिर चौकीदार चोर है का नारा लगा दिया

और आज भारत मिलिट्री साजो सामान पर विदेश से निर्भर नहीं है बल्कि अपनी जरूरत का 70% खुद भारत में बन रहा है इतना ही नहीं आज भारत काफी साजो सामान विदेशों को एक्सपोर्ट कर रहा है

s400 मोदी सरकार के समय में खरीदा गया ब्रह्मोस मिसाइल पहले सोवियत संघ से आई थी आज भारत में बन रही है राफेल फाइटर जेट मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया दो नए परमाणु टरबाइन चलित युद्ध पोत एयरक्राफ्ट कैरियर मोदी सरकार में खरीदे गए

अपाचे हेलीकॉप्टर जो लड़ाकू हेलीकॉप्टर होता है मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया सीनूक हेलीकॉप्टर मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया मरीन राफेल का ऑर्डर मोदी सरकार ने दिया है कुल 26 मरीन राफेल आ रहे हैं इनकी साइज थोड़ी छोटी होती है और उनके जो विंग्स होते हैं वह फोल्डिंग होते हैं ताकि एयरक्राफ्ट कैरियर पर पार्क किया जा सके और इसके अलावा इसमें एक अरेस्टर हुक लगा होता है ताकि युद्ध पोत पर लैंडिंग के समय रोका जा सके

इसके अलावा और भी ढेर सारे साजो सामान जिसमें अत्यधिक ड्रोन सब कुछ मोदी सरकार के दौर में खरीदा गया

13/05/2025

इसी बीच आपको खबर बताऊं कि गुजरात पुलिस ने इंडिगो कंपनी के दो जहाज भाड़े पर लेकर कुल 212 बांग्लादेशी घुसपैठियों को डीपोर्ट करने के लिए अगरतला भेजी और अगरतला से उनको बॉर्डर पर ले जाकर बांग्लादेश के हवाले कर दिया गया

उसके बाद 78 और लोगों को लेकर जब गुजरात पुलिस अगरतला पहुंची तो बांग्लादेश ने उनको लेने से मना कर दिया जबकि वह बांग्लादेश के ही नागरिक थे

उसके बाद बीएसएफ और गुजरात पुलिस ने सुंदरबन बांग्लादेश के एरिया में धकेल दिया और कहा भागो बे बांग्लादेशीयो जाओ बांग्लादेश में रहो

फिर बांग्लादेश की बॉर्डर पुलिस ने उनकी छानबीन की तो बांग्लादेश का कहना है कि उसमें से तीन भारतीय नागरिक मिले हैं जिनको भारत ने गलती से डीपोर्ट किया है

हालांकि बांग्लादेश पुलिस का झूठ है गुजरात पुलिस ने पूरी तरह से छानबीन करके उनको डीपोर्ट किया है

सवाल यह है कि कांग्रेस शासित राज्य घुसपैठियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे

11/05/2025

Arfa Sherwani से मिलिए ।
24 अप्रैल: पाकिस्तान पर हमला क्यों नही कर रहे मोदी
8 मई: युद्ध बन्द होना चाहिए
11 मई: मोदी को इस्तीफा देना चाहिए

09/05/2025

अहिंसा परमॊ धर्मः।
धर्म हिंसा तथैव च:। ⚔️

13/08/2024

-विनेश फोगट ने अपने 3 ओलंपिक में एक भी पदक नहीं जीता है: पूरा देश उनका नाम जानता है, उन्हें महान ओलंपियन के रूप में पेश किया जा रहा है।

-अमन सेहरावत ने अपने पहले ही ओलंपिक में पदक जीता: शायद ही कोई उनका नाम जानता हो, कुछ ही दिनों में सुर्खियों से गायब हो गया

दुखद लेकिन सच..!!!

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