Collector Office Sagar

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Official handle of Collector of Sagar, Government of Madhya Pradesh

Photos from Collector Office Sagar's post 01/08/2026

➡️ सफलता की कहानी

➡️ खेल के मैदान से विश्व पटल तक

स्कॉटलैंड (ग्लासगो) में सागर की बेटी यामिनी मौर्य का ऐतिहासिक प्रदर्शन; कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो में जीता रजत पदक

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 31 जुलाई 2026 को सागर जिले की प्रतिभावान बेटी यामिनी मौर्य ने भारत को जूडो (57 किलोग्राम वर्ग) स्पर्धा में रजत पदक दिलाया है। यामिनी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल सागर बल्कि पूरा मध्य प्रदेश और देश गौरवान्वित हुआ है।

➡️ सदर की तंग गलियों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

यामिनी मौर्य सागर के पुरानी सदर निवासी श्री हरिओम मौर्य एवं श्रीमती मिथलेश मौर्य की सुपुत्री हैं।


➡️ शुरुआती दौर (2008)

यामिनी ने वर्ष 2008 में सागर स्थित खेल परिसर से प्रशिक्षक श्री दीपक कुमार के मार्गदर्शन में जूडो का अभ्यास शुरू किया था। 5 वर्षों तक कड़े अनुशासन और नियमित प्रशिक्षण के बाद उन्होंने राज्य स्तर पर कई पदक जीते, जिसके बाद उनका चयन राज्य खेल अकादमी में हुआ।

➡️ उच्च स्तरीय प्रशिक्षण

अपनी प्रतिभा के दम पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचीं। वर्तमान में वे जे एस डब्ल्यू अकादमी (कर्नाटक) में उच्च स्तरीय जूडो प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

➡️ पहला अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

यामिनी के नाम वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में जूडो प्रतिस्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनने का गौरव भी दर्ज है।

यामिनी की इस स्वर्णिम सफलता पर संभागीय आयुक्त श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सहित संपूर्ण जिले ने यामिनी और उसके पिता श्री हरिओम मौर्य, माता श्रीमती मिथलेश मौर्य तथा कोच श्री दीपक कुमार को बधाई प्रेषित की है।

➡️ प्रेरणा का पुंज: मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प

कड़े संघर्ष से मिली यामिनी की यह जीत यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। यामिनी की यह सफलता मध्य प्रदेश की लाखों बेटियों और युवा खिलाड़ियों को खेलों में नई ऊंचाइयां छूने की प्रेरणा देगी।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

01/08/2026

➡️ सागर की बेटी का स्वर्णिम प्रदर्शन, राष्ट्रमंडल खेल (CWG) 2026 में रचा इतिहास

राष्ट्रमंडल खेल 2026 की जूडो (57 किग्रा) स्पर्धा में सागर जिले का गौरव, बेटी यामिनी मौर्य ने रजत पदक (Silver Medal) जीतकर भारत और पूरे मध्यप्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर दिया है।

➡️ मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प की मिसाल

यामिनी की यह ऐतिहासिक सफलता साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो दुनिया का कोई भी मंच छोटा पड़ जाता है। आपकी यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की लाखों बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत बनेगी।
सागर वासियों एवं पूरे देश को आप पर गर्व है।

आगे के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

31/07/2026

➡️ पात्र बच्चों को चिन्हित कर आश्रम शालाओं में प्रवेश दिलाने के निर्देश

कलेक्टर सागर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा विगत दिवस गढ़ाकोटा में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला के निरीक्षण के दौरान छात्रावास में रिक्त स्थानों की पूर्ति के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के पालन में अनुविभागीय अधिकारी रहली श्री कुलदीप पाराशर द्वारा आज सभी छात्रावासों के अधीक्षकों एवं आसपास की अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सभी छात्रावासों में उपलब्ध एवं रिक्त स्थानों की जानकारी ली गई। अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायतों तथा सीनियर छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सहयोग से कक्षा एक से पांच तक के पात्र बालकों को आश्रम शाला में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पात्र बच्चों को चिन्हित कर उनके पालकों से चर्चा करने तथा आश्रम शाला में उपलब्ध सभी रिक्त स्थानों पर प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

31/07/2026

➡️ ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अवधि बढ़ी

प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के अंतर्गत वर्ष 2026 में ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है। अब किसान 10 अगस्त 2026 तक स्लॉट बुकिंग तथा 20 अगस्त 2026 तक अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

साथ ही जिन किसानों की ग्रीष्मकालीन मूंग की 25 प्रतिशत उपज की तुलाई हो चुकी है और पोर्टल पर फीडिंग पूर्ण हो गई है, वे अब अपनी कुल उपज का 60 प्रतिशत तक विक्रय कर सकेंगे। शेष 35 प्रतिशत उपज के विक्रय के लिए किसानों को पुनः स्लॉट बुक करना होगा।

किसान स्वयं अपने मोबाइल अथवा निकटतम ऑनलाइन/कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ई-उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध ‘आंशिक खरीदी वाले किसान मूंग एवं उड़द’ विकल्प का उपयोग कर संबंधित खरीदी केंद्र के लिए नया स्लॉट बुक कर सकते हैं।

सभी पात्र किसानों से अपील की गई है कि बढ़ाई गई समय-सीमा का लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथि तक स्लॉट बुकिंग कराएं और अपनी मूंग एवं उड़द उपज का विक्रय सुनिश्चित करें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

Photos from Collector Office Sagar's post 31/07/2026

➡️ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने ली समीक्षा बैठक

➡️ 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान; प्रत्येक शुक्रवार को फील्ड में उतरेंगे अधिकारी, नहीं होगी कोई बैठक

प्रदेश भर में नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण और प्रशासनिक संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के सफल एवं सुचारू क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता से सीधा संवाद, मैदानी स्थितियों का वास्तविक फीडबैक प्राप्त करना तथा शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह का शुक्रवार केवल फील्ड भ्रमण को समर्पित रहेगा। इस दिन संभाग व जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में रहेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर इस दिन किसी भी स्तर पर कोई बैठक आयोजित नहीं होगी।

➡️ भ्रमण से पूर्व 100% निराकरण:

जिस क्षेत्र में भ्रमण तय होगा, वहाँ की सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा एक सप्ताह पूर्व कर उनका शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। शेष बचे आवेदनों का मौके पर ही समाधान होगा। भ्रमण के दौरान जन-सामान्य से सीधा संवाद करने के साथ-साथ वृहद, एमएसएमई एवं कुटीर उद्योगों के उद्यमियों की समस्याओं के समाधान हेतु उद्योग संवाद भी आयोजित किया जाएगा। संपूर्ण अभियान सादगी से संचालित होगा। सजावट आदि गैर-जरूरी व्ययों से परहेज किया जाएगा, वाहनों की पूलिंग की जाएगी तथा संवाद पूर्व से निर्मित शासकीय अधोसंरचनाओं में ही संपन्न होंगे।

➡️ अभियान के अंतर्गत शामिल प्रमुख प्राथमिकता वाले विषय:

सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण।लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण। अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा प्रकरणों का त्वरित समाधान। न्यायालयान आदेशों के उपरांत राजस्व अभिलेखों में अमल संबंधी लंबित मामले। पात्र किसानों की फार्मर आईडी का अनिवार्य निर्माण। पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड का निर्माण। समग्र आईडी ईकेवायसी तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों के अपडेशन का निराकरण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आवास उपलब्धता की समीक्षा। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल और पानी की टंकी निर्माण की स्थिति। आंगनवाड़ी निरीक्षण एवं कुपोषण मुक्ति हेतु बच्चों के वजन व ऊंचाई का मापन। स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाओं व उपकरणों की उपलब्धता। स्कूल/कॉलेज निरीक्षण, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अध्ययन गुणवत्ता, क्षेत्र में खाद, बीज आदि की उपलब्धता। शासकीय राशन दुकानों का निरीक्षण एवं आम जनता से फीडबैक। शासकीय परिसंपत्तियों (सड़क, तालाब, अमृत सरोवर, बांध आदि) का निरीक्षण। शासकीय संस्थाओं (ITI, कॉलेज, मंडी, थाना, लोक सेवा केंद्र आदि) का निरीक्षण। खाद-बीज दुकान, गैस गोदाम, पेट्रोल पंप, पटाखा लाइसेंस दुकानों व निजी विद्यालयों का जांच-निरीक्षण। क्षेत्र में कानून व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण की समीक्षा। सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग पेंशन का पात्र हितग्राहियों तक पहुंच। स्थानीय स्तर की प्रमुख समस्याओं व शिकायतों का पहचान कर त्वरित समाधान।

➡️ अभियान के 4 मुख्य स्तम्भ: संवाद , समाधान , संवेदनशीलता , सादगी

कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की मंशा के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को शासन की योजनाओं का त्वरित और सीधा लाभ मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत सभी एसडीएम सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

Photos from Collector Office Sagar's post 31/07/2026

➡️ चूक नहीं होने देंगे — मातृ एवं शिशु मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सागर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अनुठी पहल

➡️ लगातार दस दिनों तक मैदानी स्तर पर संभाला मोर्चा; एएनएम, आशा एवं सीएचओ के प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं पहुंचकर दिए कड़े एवं सुधारात्मक निर्देश

➡️ सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ एक नई ऊर्जा के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

पिछले दस दिनों से लगातार जिले की प्रशासनिक मुखिया ने मातृ मृत्यु दर (MMR) तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के संकल्प के साथ एक अनूठी और संवेदनशील प्रशासनिक पहल की है। “चूक नहीं होने देंगे” के स्पष्ट संदेश के साथ कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं उपस्थित होकर लगातार दस दिनों तक कमान संभाली।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कलेक्टर ने एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, आशा पर्यवेक्षकों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संवाद किया। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, और अब सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त करना होगा।

➡️ डेटा की सत्यता और पोर्टल प्रविष्टि में पारदर्शिता के साथ एएनएम और आशा समन्वय से करेंगे कार्य

अनमोल 2.0' तथा यूविन पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए गए कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े शत-प्रतिशत सही होने चाहिए।

कलेक्टर ने कहा है कि योग्य दम्पतियों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन हो, कोई भी लक्षित महिला छूटनी नहीं चाहिए। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके सतत फॉलो-अप की जिम्मेदारी आशा, एएनएम सहित संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी।
हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के मामलों में उनकी एक्सपेक्टेड डेट ऑफ डिलीवरी के अनुसार पूर्व में ही बर्थ मैपिंग (अर्थात किस अस्पताल में संबंधित महिला का प्रसव होगा) जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज में सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोल्डन टाइम व्यर्थ न हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रकरण में प्रसव ऐसे स्वास्थ व्यवस्था में हो जहां हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए उचित प्रबंधन हो।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी अप्रिय स्थिति या मृत्यु की घटना होती है, तो संबंधित मामले की बैक-ट्रैकिंग कर जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांचें समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव न कराया जाए; शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए।
ई-केवाईसी और डीबीटी प्रक्रिया प्रसव से पूर्व ही अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ परिजनों को समय पर मिल सके।

➡️ नवजात शिशु देखभाल (HBNC) एवं 0-28 दिनों की गहन निगरानी

शिशु मृत्यु की सर्वाधिक संभावना जन्म के 0 से 28 दिनों के भीतर होती है। अतः एचबीएनसी (गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल) के तहत प्रथम, द्वितीय, सातवें व 42वें दिन गृह भेंट सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हाई-रिस्क नवजात शिशुओं की देखभाल 56 दिनों तक गहनता से की जाए।
प्रशिक्षण में शिशु मृत्यु दर कम करने के संबंध में बताया कि सुस्त बच्चा, स्तनपान न कर पाना, शरीर ठंडा/गर्म होना, पीलिया आदि खतरे के लक्षणों पर तत्काल चिकित्सक को रेफर किया जाए।

नियमित टीकाकरण की ड्यू लिस्ट और ओवरड्यू लिस्ट शून्य के स्तर पर लाई जाए। कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
हमारे पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अब आवश्यकता है डेटा की सत्यता, स्कैनिंग की स्पष्टता और कार्य की गंभीरता की। स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरें, जिला प्रशासन हर कदम पर सहयोग के लिए तत्पर है, किंतु कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और संबंधित की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

31/07/2026

➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने पद्माकर सभागार में आयोजित मैदानी अमले का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य उन्मुखीकरण कार्यक्रम में स्वास्थ्य टीम को आवश्यक निर्देश दिए और उन्होंने कहा कि आगे सभी अधिकारी, कर्मचारी सौ प्रतिशत को लेकर कार्य करें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

31/07/2026

➡️ पहली ANC जांच ही सुरक्षित मातृत्व की पहली सीढ़ी है।

गर्भावस्था की शुरुआती जांच से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, एनीमिया, हाई BP, डायबिटीज और शिशु के विकास की समय पर पहचान होती है। पहली ANC जांच छूटने से माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ सकता है।

समय पर ANC जांच कराएं, सुरक्षित माँ और स्वस्थ शिशु का आधार बनाएं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

Photos from Collector Office Sagar's post 30/07/2026

➡️ कलेक्टर ने मूंग-उड़द उपार्जन की समीक्षा कर भुगतान में तेजी लाने के दिए निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा आज मूंग एवं उड़द उपार्जन कार्य की समीक्षा की गई। उपसंचालक कृषि द्वारा अवगत कराया गया कि विपणन वर्ष 2025-26 में ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन का कार्य जिले में निर्धारित 22 केंद्रों पर किया जा रहा है। जिले में कुल 17,284 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है, जिसमें 13,995 किसानों द्वारा उपार्जन हेतु स्लॉट बुक किए गए हैं।

स्लॉट बुक किए गए किसानों में से 9,269 किसानों से 45,957 क्विंटल मूंग एवं उड़द की खरीदी की गई है। इसमें 38,640 क्विंटल मात्रा रेडी टू ट्रांसपोर्ट होने के उपरांत 31,039 क्विंटल का परिवहन किया जा चुका है। जिला विपणन अधिकारी (मार्कफेड) जिला सागर द्वारा 20,656 क्विंटल मात्रा स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग जिला सागर द्वारा 18,428 क्विंटल का डब्ल्यूएचआर जारी किए जाने से अवगत कराया गया।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिला विपणन अधिकारी (मार्कफेड) एवं जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन जिला सागर को उपार्जित मूंग एवं उड़द फसल के परिवहन, स्वीकृत मात्रा एवं डब्ल्यूएचआर की कार्यवाही तत्काल कराने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जिला सागर को ईपीओ साइन की कार्यवाही तत्काल कराने तथा जारी ईपीओ के भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जिला सागर द्वारा अवगत कराया गया कि उपार्जित मूंग एवं उड़द फसल की 20 करोड़ रुपये राशि का समितियों द्वारा ईपीओ पूस कर दिया गया है। कलेक्टर ने जिला उपार्जन समिति के सदस्यों को उपार्जित मूंग एवं उड़द फसल का शत-प्रतिशत भुगतान तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

Photos from Collector Office Sagar's post 30/07/2026

➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड के साथ की बैठक, गुणवत्ता, आपूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर दिए निर्देश

जिले में औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा और किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने 'मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड', सौंरई के प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में कंपनी की कार्यप्रणाली, उत्पादन चक्र और उत्पाद पोर्टफोलियो पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान एमबीएपीएल के प्रतिनिधियों ने कंपनी द्वारा बनाए जा रहे मुख्य उत्पादों और उनकी आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की। इसमें मुख्य रूप से एसएसपी, एनपीके, सल्फ्यूरिक एसिड, बेनिफिशिएटेड रॉक फॉस्फेट (बी.आर.पी.) तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वाले अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कंपनी प्रबंधन ने कलेक्टर को कंपनी की निर्माण कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाई जा रही तकनीकों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि प्रधान जिला होने के नाते किसानों को सही समय पर और मानक गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने कहा कि बाजार में आपूर्ति किए जाने वाले सभी उर्वरक और रासायनिक उत्पाद तय मानकों के अनुरूप होने चाहिए। लैब टेस्टिंग और सैंपल रिपोर्ट की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में औद्योगिक सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है।

➡️ उत्पादवार अपशिष्ट प्रबंधन की हुई समीक्षा

आज की इस बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में कंपनी द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों के कारण उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। कंपनी प्रबंधन द्वारा संयंत्र में अपनाई जा रही अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का विवरण प्रस्तुत किया गया।

कंपनी प्रबंधन ने जानकारी दी कि, जिप्सम- फॉस्फोरिक अम्ल संयंत्र से उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होने वाले जिप्सम को अधिकृत सीमेंट निर्माण इकाइयों को विक्रय किया जाता है।
बी.आर.पी. संयंत्र से उत्पन्न टेलिंग का उपयोग संयंत्र परिसर में ही भूमि समतलीकरण एवं उद्यान विकास कार्यों में किया जा रहा है।

हानिकारक अपशिष्ट - सल्फ्यूरिक अम्ल संयंत्र से निकलने वाले स्पेंट कैटेलिस्ट तथा सल्फर स्लज जैसे हानिकारक अपशिष्टों का सुरक्षित निस्तारण अधिकृत टीएसडीएफ संचालक (रामकी) के माध्यम से किया जाता है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यह समस्त प्रबंधन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति बनी रहे, इसके लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, एसडीएम श्रीमती आरती यादव सहित एमबीएपीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

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Address


जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय
Sagar
470001