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16/09/2026
खुशखबरी - आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की एक और जीत यथावत रहेंगे आउटसोर्सिंग सुरक्षा गार्ड का आदेश जारी
16/09/2026
🚨🔥 हरिद्वार में बनेगा उत्तराखंड का पहला ESI मेडिकल कॉलेज!
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए डॉक्टर बनने का रास्ता होगा आसान। 🩺🎓
उत्तराखंड में ESI लाभार्थियों और औद्योगिक श्रमिकों के परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। हरिद्वार में करीब ₹300 करोड़ की लागत से ESI मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की योजना है।
सबसे खास बात यह है कि इस मेडिकल कॉलेज में ESI लाभार्थियों के बच्चों के लिए 50 मेडिकल सीटों का प्रावधान बताया जा रहा है। इससे उन परिवारों के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, जिनके माता-पिता औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं और ESI योजना से जुड़े हैं।
यह कॉलेज हरिद्वार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक परिवारों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है।
👷 श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा का नया रास्ता!
🩺 हरिद्वार में ESI मेडिकल कॉलेज की बड़ी पहल।
🎓 50 सीटों के जरिए ESI लाभार्थियों के बच्चों को अवसर।
16/09/2026
🚨🚌 यूपी रोडवेज में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव!
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC ने परिचालकों को लेकर नई व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यालय, लखनऊ की ओर से ‘प्रत्यक्ष अनुबंध’ (Direct Contract) के आधार पर परिचालकों को निगम से जोड़ने के लिए SOP जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नई व्यवस्था के तहत परिचालकों और निगम के बीच सीधा संविदा अनुबंध होने की व्यवस्था बताई गई है, जिससे आउटसोर्सिंग एजेंसी की मध्यस्थ भूमिका खत्म करने का रास्ता खुल सकता है।
यानी अब व्यवस्था में बड़ा बदलाव यह होगा कि परिचालक को एजेंसी के माध्यम से जोड़ने के बजाय सीधे UPSRTC के साथ अनुबंध किया जा सकेगा।
हालांकि, यह व्यवस्था किन कर्मचारियों पर लागू होगी, चयन की प्रक्रिया क्या होगी और पहले से कार्यरत आउटसोर्स चालकों-परिचालकों को इसका क्या लाभ मिलेगा, इसकी पूरी जानकारी संबंधित SOP और निगम के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
📢 क्या यह फैसला दूसरे विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी नई मिसाल बन सकता है?
16/09/2026
चार साल पूरे कर चुके मल्टी टास्क वर्कर को नियमित करने की मांग
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मल्टी टास्क वर्कर यूनियन मंडी ने चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके मल्टी टास्क वर्कर्स को प्रचलित नीति के अनुसार नियमित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में यूनियन ने उपायुक्त मंडी के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की है।
यूनियन के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकृष्ण ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स बेहद कम वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में उन्हें मात्र 6,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों को प्रतिदिन करीब आठ से दस घंटे तक कठिन और कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
यूनियन का कहना है कि चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद भी कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत रखने की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कर्मचारियों के हित में उचित निर्णय लेंगे।
16/09/2026
📌 UPNL (यूपीएनएल) आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोर्ट से मौखिक निर्देश
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद नैनीताल हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 तय की है।
मुख्य स्थायी वकील के अनुसार, न्यायालय ने मौखिक रूप से निर्देश दिया कि:
किसी भी यूपीएनएल कर्मचारी का वेतन नहीं रोका जाए।
पिछले पांच महीनों का बकाया वेतन संबंधित कर्मचारियों को दिया जाए।
किसी भी यूपीएनएल कर्मचारी को कथित अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य न किया जाए।
यदि किसी विभागाध्यक्ष द्वारा यूपीएनएल कर्मचारी का वेतन रोका जाता है, तो न्यायालय द्वारा संबंधित सचिवों के साथ-साथ विभागाध्यक्षों के वेतन पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
सरकार को 24 सितंबर 2026 की अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
यानी फिलहाल मुख्य बात यह है कि वेतन रोकने और नए अनुबंध पर हस्ताक्षर के दबाव को लेकर कोर्ट में मौखिक निर्देश दिए गए हैं।
16/09/2026
🚨 PF कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! संकट के समय बढ़ सकती है टेक-होम सैलरी 💰
कर्मचारियों और कंपनियों के लिए प्रस्तावित कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े नए प्रावधानों में आपदा या आपात स्थिति के दौरान PF योगदान को लेकर विशेष राहत का प्रावधान बताया गया है।
इसके तहत विशेष परिस्थितियों में कर्मचारी और नियोक्ता के PF योगदान को अधिकतम 3 महीने तक घटाने या स्थगित करने की व्यवस्था की जा सकती है।
इसका सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर पड़ सकता है। PF में अस्थायी रूप से कम योगदान होने पर संकट के समय कर्मचारियों के हाथ में अधिक नकदी उपलब्ध रह सकती है।
हालांकि, यह व्यवस्था सामान्य परिस्थितियों में अपने आप लागू नहीं होगी। केंद्र सरकार के विशेष आदेश के बाद ही ऐसी अस्थायी राहत दी जा सकेगी।
👉 अधिकतम 3 महीने तक राहत
👉 कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान पर प्रावधान
👉 संकट के समय बढ़ सकती है टेक-होम सैलरी
👉 लागू करने के लिए केंद्र सरकार का विशेष आदेश जरूरी
16/09/2026
🚨 आशा कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खबर! 🚨
मासिक प्रोत्साहन राशि में हुआ बड़ा इजाफा, अब हर महीने मिलेंगे ₹6,000
दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली मासिक प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करने का निर्णय लिया गया है।
यानी आशा कार्यकर्ताओं को अब पहले की तुलना में दोगुनी मासिक प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
👉 पहले: ₹3,000 प्रति माह
👉 अब: ₹6,000 प्रति माह
👉 बढ़ोतरी: ₹3,000 प्रति माह
आशा कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला कितना महत्वपूर्ण है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। 🇮🇳
अच्छी खबर - आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लेकर बहुत ही अच्छी खबर
आज दिनांक 15 सितम्बर को अभियंता दिवस के अवसर पर भारतीय मजदूर संघ द्वारा अभियंता दिवस रविन्द्र भवन भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में मनाया गया जिसमें भारतीय मजदूर संघ से जुड़े सभी अनुसांगित संगठनों के साथ मध्य प्रदेश बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के 150 अधिक प्रदेश एवं जिला कार्यकारणी सदस्य सम्मिलित हुए।कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन की ओर भारतीय मजदूर संघ महामंत्रीजी श्री कुलदीप सिंह गुर्जर जी के माध्यम से मध्य प्रदेश के आऊट सोर्स कर्मचारियों को हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी आउट सोर्स कर्मचारी के लिए निगम मंडल आयोग बनाकर 60 वर्ष सेवा सुरक्षा ओर जीवन निर्वाह लायक वेतन मिले एवं ऊर्जा विभाग के 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन पत्र सौंपा ।माननीय महामंत्री जी ने कार्यक्रम के समापन के उपरांत आऊट सोर्स प्रतिनिधि मंडल को अवगत कराया कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने आऊट सोर्स कर्मचारी की मांगो के लिए जल्दी ही मीटिंग हेतु एक अधिकारी नियुक्त कर आऊट सोर्स की मांगो के निराकरण हेतु नियुक्त करने ओर मांगो पर कारवाही करने का आश्वासन दिया है।आगमी 8,10 दिन में आऊट सोर्स की मांगो ओर समस्याओं के निराकरण हेतु बैठक करने का आश्वासन दिया है।
आज के अभियंता दिवस के कार्यकम में शामिल आऊट सोर्स कर्मचारी संगठन के समस्त जिला अध्यक्ष ओर जिला कार्यकारणी सदस्यों का आभार।जल्दी हमारा भी इसी तरह का भव्य कार्यक्रम होगा ओर हमारी मांगे पूरी होंगी।आपका धैर्य ही आपकी असली परीक्षा है,धैर्य रखे संगठन पर विश्वास रखे।।
आपका भाई
राहुल मालवीय
15/09/2026
आउटसोर्सिंग संविदा ठेका कर्मचारियों के विभागीय सिविलियन को लेकर अच्छी खबर
15/09/2026
🚨 पोर्टल सरकार का, रिकॉर्ड कर्मचारी का… फिर लॉगिन का अधिकार किसका?
मध्य प्रदेश में करीब 3 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए सरकार ने ROMS (Resource Outsourcing Agency Management System) पोर्टल शुरू किया है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
लेकिन अब कर्मचारियों के बीच एक अहम सवाल उठ रहा है—
👉 जिस पोर्टल पर उनके नाम, नियुक्ति और सेवा से जुड़ा रिकॉर्ड दर्ज है, क्या कर्मचारी खुद उस रिकॉर्ड को देख सकते हैं?
कर्मचारियों का कहना है कि अगर पोर्टल का उद्देश्य पारदर्शिता है, तो उन्हें भी अपने रिकॉर्ड की जानकारी देखने के लिए व्यक्तिगत लॉगिन अथवा किसी सत्यापन व्यवस्था का अधिकार मिलना चाहिए।
आखिर कर्मचारी यह कैसे सुनिश्चित करे कि पोर्टल पर दर्ज उसका नाम, पद, एजेंसी, वेतन, कार्यस्थल और सेवा अवधि सही दर्ज है?
🔥 डेटा ऑनलाइन होना ही पर्याप्त है या कर्मचारी को अपने डेटा तक पहुंच भी मिलनी चाहिए?
मध्य प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच अब यही सवाल चर्चा में है।
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