All In One Pathshala Sarkari Job

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29/08/2026

शिक्षा के मूल सिद्धांत क्या हैं?

शिक्षा के मूल सिद्धांत वे बुनियादी नियम और दृष्टिकोण हैं जो एक सफल, प्रभावी और समावेशी शिक्षण प्रणाली का आधार बनते हैं।

शिक्षा के मुख्य सिद्धांत

सर्वांगीण विकास का सिद्धांत: शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, नैतिक और सामाजिक विकास करना है।

सक्रिय अधिगम (Active Learning): छात्रों को केवल सुनना नहीं बल्कि गतिविधियों, चर्चा और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के जरिए खुद सीखने के लिए प्रेरित करना।

व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत: हर छात्र की सीखने की गति, शैली और क्षमता अलग होती है, इसलिए शिक्षण तरीका उसके अनुसार होना चाहिए।

प्रेरणा का सिद्धांत: छात्रों में जिज्ञासा और रुचि जगाना ताकि वे लंबे समय तक ज्ञान को याद रख सकें और समस्याओं का सामना कर सकें।

समावेशी और सुरक्षित वातावरण: सभी छात्रों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर देना और ऐसा माहौल बनाना जहाँ वे सुरक्षित महसूस करें।

आजीवन सीखने का महत्व: शिक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर चलने वाली निरंतर प्रक्रिया है।

29/08/2026

#यूपीटीईटी-2026 के आयोजन और परिणाम घोषित होने के बाद #उत्तर_प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ( ) ने नई #शिक्षक_भर्ती प्रक्रिया को तेज किया है 📚🎉👨‍🎓

असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता पदों का भर्ती विज्ञापन जल्द, सितंबर के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। यूपीटीईटी-2026 के आयोजन और परिणाम घोषित होने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने नई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है। आयोग जल्द ही असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी कर सकता है।

प्रवक्ता पदों की अर्हता में बदलाव नहीं
राज्य ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता के 2615 पदों की रिक्तियों का विवरण पहले ही आयोग को भेजा जा चुका है। इन पदों की अर्हता में कोई बदलाव नहीं किया जाना है।

वहीं, उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भेजे गए अधियाचन में कुछ विसंगतियां सामने आई थीं। इन्हें दूर करने के लिए शासन स्तर पर विभागीय अधिकारियों और आयोग के बीच बैठक हुई।

असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का नया अधियाचन
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रवक्ता पद की अर्हता में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उच्च शिक्षा निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का नया अधियाचन भेजा है।

आयोग ने आपत्तियों के बाद करीब 1930 पदों की संशोधित रिक्तियां भेजे जाने की जानकारी दी है। इस तरह दोनों भर्तियों से जुड़ी प्रमुख अड़चनें दूर होने की उम्मीद है।

सितंबर के पहले सप्ताह में आ सकता है विज्ञापन
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से संबंधित कुछ पुराने विवादित पदों का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। रिपोर्ट के अनुसार नए अधियाचन में विवादित विषय को हटाकर अन्य विसंगतियां दूर की गई हैं।

आयोग फिलहाल प्रवक्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की रिक्तियों का परीक्षण कर रहा है। ऐसे में सितंबर के प्रथम सप्ताह में भर्ती विज्ञापन जारी होने की संभावना जताई गई है। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है। All In One Pathshala Sarkari Job

12/08/2026

#प्राथमिक_विद्यालयों में सहायक #अध्यापकों के #सीधी_भर्ती के कुल स्वीकृत पद 3,27,804 के सापेक्ष कुल 60958 #पद रिक्त हैं All In One Pathshala Sarkari Job ゚

05/08/2026

बॉलीवुड से एक बेहद ही दिल तोड़ने वाली खबर सामने आ रही है। 'लगान', 'गजनी', 'इंसाफ' और 'छावा' जैसी कई सफल फिल्मों में अपने शानदार किरदारों से सभी का दिल जीतने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। प्रदीप रावत के निधन की जानकारी उनके साथ फिल्म 'लगान' में काम करने वाले को-स्टार यशपाल शर्मा ने शेयर की है।

'गजनी' फेम एक्टर के निधन की जानकारी शेयर करते हुए यशपाल शर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, "प्रदीप रावत... हमारे गजनी और लगान के देवा, रेस्ट इन पीस।" हालांकि, यशपाल ने अभिनेता के निधन का कारण शेयर नहीं किया है। उनके इस पोस्ट से प्रदीप रावत के चाहने वाले काफी टूट गए हैं और सोशल मीडिया पर एक्टर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

इसके अलावा सोनू सूद ने भी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी पोस्ट की और लिखा, "भगवान आपकी आत्मा को शांति दे प्रदीप भाई...आप बहुत याद आओगे।"

एक यूजर ने लिखा, "ओह माय गॉड, यह कैसे हुआ, क्या वह बीमार थे, यह सच में बहुत दिल तोड़ने वाली न्यूज है।" दूसरे यूजर ने लिखा, "रेस्ट इन पीस सर। आपने महाभारत में जो अश्वत्थामा का किरदार अदा किया, लगान में देवा सिंह सोडी और गजनी में जो विलेन का किरदार निभाया, वे सभी हमारे फेवरेट हैं। मैं आपको बहुत मिस करूंगा।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "ओह, बेहद दुखद खबर! भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।"

प्रदीप रावत के करियर की बात करें तो उन्होंने मुख्य रूप से तेलुगु, हिंदी और तमिल भाषा की फिल्में की हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1985 में डिंपल कपाड़िया की फिल्म 'ऐतबार' से की थी, इसके बाद वह 'मेरी जंग', 'आप के साथ', 'समुंदर', 'काश', 'इंसाफ', 'मर मिटेंगे' जैसी फिल्मों में नजर आए। उनकी आखिरी फिल्म हिंदी भाषा में विक्की कौशल के साथ फिल्म 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कनक का किरदार निभाया था।

तेलुगु में उन्होंने साल 2004 में कदम रखा था और 'स्ये', 'भद्र', 'जगपति' जैसी फिल्में कीं। तेलुगु भाषा में उनकी आखिरी फिल्म साल 2026 में 'गायापद्दा सिम्हाम' रिलीज हुई थी। इसके अलावा उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी खूब नाम कमाया। वह सिनेमा के वन ऑफ द बेस्ट विलेन के रूप में काफी लोकप्रिय हुए।

05/08/2026

विस्फोटकों से भरी एक नाव द्वारा किए गए हमले के बाद, यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर में भारत के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज डूब गया। इस जहाज पर चालक दल के 14 सदस्य सवार थे, जिनमें 13 भारतीय और एक यमनी नाविक था। यमनी बलों द्वारा सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

05/08/2026

मसालों में मिला रहे थे कपड़ों का रंग और टेलकम पाउडर, हैदराबाद में मिलावट के खेल का पर्दाफाश



https://www.jagran.com/news/national-hyderabad-spice-adulteration-fabric-dye-talcum-powder-40329608.html

05/08/2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 ( मदरसा बोर्ड) से कामिल, फाजिल की डिग्री पाठयक्रम को हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में अस्तित्व में आया था, जिसके तहत मदरसा शिक्षा बोर्ड तहतानिया (प्राथमिक), फोकानिया (उच्च प्राथमिक), मौलवी/मुंशी (हाईस्कूल स्तर), आलिम (इंटरमीडिएट स्तर) और कामिल, फाजिल (डिग्री) पाठ्यक्रम संचालित होता था।इसी डिग्री के आधार पर लोग राज्य अनुदानित मदरसों में शिक्षकों की नौकरी कर रहे हैं। डिग्री को अवैध बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत हुयी। फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।तत्कालीन न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने नवंबर 2024 को दिये निर्णय में कामिल-फाजिल की कक्षाओं पर न सिर्फ रोक लगा दी थी, बल्कि इस डिग्री को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से टकराव मानते हुए असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसके बाद से राज्य में कामिल-फाजिल की डिग्री पर रोक लगी हुयी है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 से कामिल, फाजिल की डिग्री हटाने का का प्रस्ताव रखा, जिसे योगी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताएं लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवाशर्त विनियमन) (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक-2020 को वापस लेने का निर्णय किया है।

वर्ष 1996 का मूल अधिनियम नई उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता-2020 लागू होने के साथ ही 21 नवंबर 2025 से समाप्त हो चुका है। ऐसे में भारत सरकार के अनुरोध पर कैबिनेट ने इस विधेयक को वापस लेने का निर्णय किया है।

वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश सरकार ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम-1996 में संशोधन के लिए विधेयक तैयार किया था। इसमें अधिनियम के तहत अपराधों के शमन (कंपाउंडिंग) का प्रविधान करने व संशोधन और नया खंड जोड़ने का प्रस्ताव था।

यह विधेयक राज्य विधानमंडल से पारित होने के बाद एक सितंबर 2020 को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा गया था।

हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 से उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता-2020 लागू कर दी। इस संहिता की धारा-143 के तहत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवाशर्त विनियमन) अधिनियम-1996 स्वतः निरस्त हो गया। इसलिए यह अब खत्म कर दिया गया।

03/08/2026

#फर्जी_नियुक्ति पत्र से 61 लाख की #ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व #प्रधानाचार्य गिरफ्तार

पट्टी : #नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अभ्यर्थियों से करीब 61 लाख रुपये की ठगी करने के चर्चित मामले में आसपुर देवसरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपित पूर्व प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फरार निवासी सनातन ओझा की तहरीर पर थाना आसपुर देवसरा में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।

आरोप है कि परसौदा नंदन माध्यमिक विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाचार्य नारायण दास पांडेय ने विद्यालय में लिपिक एवं चपरासी के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी शासनादेश और अन्य कूटरचित अभिलेख उपलब्ध कराए। इसके एवज में कई अभ्यर्थियों से करीब 61 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि यह फर्जीवाड़ा उनके प्रधानाचार्य रहते हुए ही लंबे समय से संचालित किया जा रहा था।

आसपुर देवसरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पट्टी-डेरवा मार्ग स्थित भोपालपुर मोड़ से नारायणदास पांडेय गौंधवाला को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पहले से भी धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। सीओ पट्टी प्रदीप सिंह ने बताया कि पुलिस अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।

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02/08/2026

#रसोईया उपस्थिति हेतु प्रमाण पत्र । #विद्यालय की रसोइयों की उपस्थिति प्रमाणित करने के लिए इसे आप सेव कर लें। All In One Pathshala Sarkari Job

पीईटी के लिए कल से एक सितंबर तक करें आवेदन 02/08/2026

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