Tree Foundation
Tree Foundation is an NGO focused on planting trees and promoting environmental awareness for a greener, healthier future.
09/09/2026
गरुड़ वृक्ष (Radermachera xylocarpa) को मुख्य रूप से गरुड़ संजीवनी, खडशिंगी, नागदौन और सर्परक्षक वृक्ष के नामों से जाना जाता है। यह अपनी सर्पाकार फलियों के लिए प्रसिद्ध है, जो सांपों को दूर भगाने वाली मानी जाती हैं और इसके फल में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं।
🔹️ गरुड़ वृक्ष के बारे में कुछ मुख्य बातें —
● सांपों को दूर भगाता है :-
ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में यह मान्यता बहुत प्रचलित है कि गरुड़ वृक्ष के पास सांप नहीं भटकते। इसके सूखे फलियों को घर के दरवाजे पर टांगने से सांप घर में प्रवेश नहीं करते। कहा जाता है कि इसकी लकड़ी में एक विशिष्ट गंध या तत्व होता है, जिससे सांप सुस्त हो जाते है और अपनी गति खो देते है।
● सांप के काटने का इलाज :-
आदिवासी और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस वृक्ष का उपयोग सांप के विष को शांत करने के लिए किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों और छाल से तैयार किए गए काढ़े का उपयोग पुराने समय में विषाक्तता कम करने के लिए किया जाता था। हालांकि, आधुनिक विज्ञान इसकी पुष्टि नहीं करता है।
● घाव भरने में मददगार :-
गरुड़ वृक्ष की पत्तियों में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं। ग्रामीण लोग इसके पत्तों का लेप बनाकर छोटे-मोटे घावों, कटने-छिलने या फोड़े-फुंसी पर लगाते हैं।
● अन्य बीमारियों का इलाज :-
इसके फल और बीज का उपयोग कई पारंपरिक उपचारों में किया जाता है। माना जाता है कि यह हीट स्ट्रोक में आराम देता है, शरीर की गर्मी कम करता है, पेशाब संबंधी समस्याओं में राहत देता है, अनियमित मासिक धर्म को संतुलित करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे शरीर को ठंडक प्रदान करने वाले पौधे के रूप में भी जाना जाता है।
🔹️ कहाँ पाए जाता है गरुड़ वृक्ष?
गरुड़ वृक्ष भारत के मध्य और दक्षिणी राज्यों के घने जंगलों में पाया जाता है। विशेष रूप से यह मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के पहाड़ी, पथरीली और कम उपजाऊ मिट्टी वाले क्षेत्रों में उगते हैं।
🔹️ विलुप्त होने के कगार पर है गरुड़ वृक्ष —
अत्यधिक दोहन, अनियंत्रित कटाई, इसके औषधीय फलों की अधिक मांग और जंगलों के निरंतर घटते क्षेत्र के कारण यह वृक्ष अब दुर्लभ श्रेणी में पहुँच चुका है। यदि इसे संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह पेड़ बहुत कम दिखाई देगा। वन विभाग कई जगहों पर इसके संरक्षण और पुनर्संवर्धन की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनभागीदारी भी ज़रूरी है।
🔹️ ध्यान दें :-
गरुड़ वृक्ष के सभी औषधीय लाभों की वैज्ञानिक पुष्टि अभी तक पूरी तरह नहीं हुई है। यह जानकारी केवल पारंपरिक उपयोग और लोकमान्यता पर आधारित है।
13/08/2026
ओसीमम टेनुइफ्लोरम एल.
तुलसी भारत के सबसे प्रिय औषधीय पौधों में से एक है और आयुर्वेद व पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों में इसका एक महत्वपूर्ण स्थान है।
पारंपरिक उपयोग:
खांसी और श्वसन स्वास्थ्य के लिए
बारी-बारी से आने वाले बुखार (Intermittent fever) में
विभिन्न बीमारियों के पारंपरिक प्रबंधन में सहायक
उपयोगी भाग: पत्तियां, जड़ और बीज
रोपण का समय: मार्च–अप्रैल
प्रकृति (Habit): बारहमासी जड़ी-बूटी (Perennial herb)
आइए भारत की औषधीय पौधों की समृद्ध विरासत का उत्सव मनाएं और अपने आसपास के पौधों के बारे में और अधिक जानें।
07/08/2026
आज का औषधीय पौधा: कुलंजन (Alpinia galanga)!
मौसम परिवर्तन से होने वाली खांसी और गले की खराश के लिए प्राकृतिक उपाय ढूंढ रहे हैं? तो मिलिए कुलंजन से! राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत।
औषधीय उपयोग:
✔️ सर्दी और खांसी में राहत दिलाने में सहायक
✔️ गले के संक्रमण (इन्फेक्शन) को शांत करता है
✔️ प्राकृतिक रूप से सूजन कम करने वाले (एंटी-इन्फ्लेमेटरी) गुणों से भरपूर
पौधे से जुड़े मुख्य तथ्य:
•उपयोगी भाग:प्रकंद (Rhizomes)
•प्रकृति (Habit):बारहमासी जड़ी-बूटी (Perennial herb)
•रोपण का समय (Plantation Period): फरवरी से मध्य-अप्रैल
भारत की समृद्ध औषधीय पौधों की विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस पोस्ट को लाइक और शेयर करें!
03/08/2026
आज का औषधीय पौधा: पपीता (Carica papaya Linn.)
क्या आप जानते हैं कि साधारण सा दिखने वाला पपीते का पेड़ स्वास्थ्य लाभों का खजाना है? राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत, यहाँ एक त्वरित मार्गदर्शिका दी गई है कि पपीता हमारे लिए इतना फायदेमंद क्यों है:-
औषधीय उपयोग:
• पाचन स्वास्थ्य: पाचन तंत्र के विकारों को दूर करने और पेट के स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक।
• डेंगू से बचाव/रिकवरी: डेंगू बुखार के दौरान रिकवरी में पपीते की पत्तियां अपने लाभकारी गुणों के लिए जानी जाती हैं।
पौधे से जुड़ी जानकारी:
• उपयोगी भाग: फल, जड़ और पत्तियां
• प्रकृति (Habit): बारहमासी छोटा पेड़ (Perennial small tree)
• रोपण (पौधा लगाने) के श्रेष्ठ महीने: फरवरी–मार्च, जून–जुलाई और अक्टूबर–नवंबर
इस पोस्ट को अपने बगीचे और स्वास्थ्य संदर्भ के लिए सेव करें! पारंपरिक औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें।
#आयुषमंत्रालय #आयुर्वेद #औषधीयपौधे #पपीता #जड़ीबूटी #प्राकृतिकउपचार #स्वस्थजीवनशैली
03/08/2026
हरड़ (हरीतकी) आयुर्वेद की प्रमुख औषधियों में से एक है। पारंपरिक रूप से इसका उपयोग पाचन सुधारने, कब्ज व गैस से राहत, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए किया जाता है।
#हरड़
01/08/2026
Tree plantation
01/08/2026
आज का औषधीय पौधा: ब्राह्मी! 🌿
क्या आप जानते हैं कि ब्राह्मी (Bacopa monnieri) मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए सबसे पूजनीय जड़ी-बूटियों में से एक है?
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से इस अद्भुत जड़ी-बूटी की एक त्वरित जानकारी:
🔹औषधीय उपयोग:मस्तिष्क के लिए टॉनिक (Brain Tonic) के रूप में कार्य करता है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है।
🔹उपयोगी भाग:सम्पूर्ण पौधा (Whole Plant)
🔹प्रकृति/स्वभाव:सदाबहार जड़ी-बूटी (Perennial herb)
🔹पौधारोपण का समय:मई - जुलाई
क्या आप अपना खुद का औषधीय बगीचा लगाने की सोच रहे हैं? मई से जुलाई ब्राह्मी लगाने का सबसे सही समय है!
इसे प्राकृतिक स्वास्थ्य उपचार पसंद करने वाले दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें! 👇
#आयुष #ब्राह्मी #आयुर्वेद
31/07/2026
आज का औषधीय पौधा: तुलसी (Ocimum tenuiflorum L.)🌿
दैनिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रकृति का एक अनमोल उपहार! राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत।
तुलसी सदियों से पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल का एक मुख्य हिस्सा रही है। आइए, इसके गुणों और रोपण के बारे में संक्षेप में जानें:
औषधीय उपयोग:
• खांसी और जुकाम में प्राकृतिक राहत
• श्वसन स्वास्थ्य में सहायक (ब्रोंकाइटिस/श्वसन नलिका की सूजन में लाभदायक)
• मधुमेह (डायबिटीज) के प्रबंधन में मददगार
• एक शक्तिशाली प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर (रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला)
उपयोगी भाग: पत्तियां और संपूर्ण पौधा
रोपण के लिए सबसे उपयुक्त महीना: मार्च – अप्रैल
प्रकृति: बारहमासी जड़ी-बूटी (पेरेनियल हर्ब)
आप अपनी दैनिक दिनचर्या में तुलसी का उपयोग कैसे करते हैं—चाय में, ताजी पत्तियों के रूप में, या हर्बल नुस्खों में? हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं! 👇
Contact the organization
Telephone
Website
Address
Thane , Wagle Estate
Thane