Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth

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Pandit Janardan Rai Nagar established "Rajasthan Vidyapeeth" in 1937 to uplift the down-trodden comm Janardan Rai Nagar.

Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth is started in 1937 as Hindi Vidyapeeth by Pdt. Started as Night Study Centre for the Elementary, Secondary and Advanced Courses in Hindi, our national language, Rajasthan Vidyapeeth has grown into a large complex of more than 50 institutions spread over several districts of Rajasthan. In the year 1987 Ministry of Human Resource Development, Government of India and the University Grants Commission granted it the status of a deemed-to-be-University. Since then a number of different types of courses, including professional ones, for the benefit of the society, have been launched. Its guiding objectives have invariably been to provide research based qualitative education to community through preservation and conservation of our socio-cultural values. for more detail, please visit: http://jrnrvu.edu.in/aboutus.php

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 26/09/2026

राजस्थान विद्यापीठ में AICTE-अटल प्रायोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का समापन

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय), उदयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड आईटी द्वारा आयोजित छह दिवसीय ऑफलाइन राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) - “AI-First Pedagogy: Transforming Computer Applications through Generative AI and
Real-World Applications” का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति एवं कुलप्रमुख श्री बी.एल. गुर्जर ने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में शिक्षा के साथ एआई का समन्वय भविष्य की आवश्यकता है। छह दिनों में अर्जित ज्ञान का प्रभाव केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहकर शिक्षण, शोध और विश्वविद्यालय के सर्वांगीण उन्नयन में दिखना चाहिए। माननीय कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने प्रतिभागियों को निरंतर अद्यतन रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एआई के साथ शिक्षा की तस्वीर बदल रही है, और उच्च प्रभाव वाले शोध साहित्य पर हुए अकादमिक विमर्श ने शिक्षकों को नई दृष्टि प्रदान की है।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने छह दिवसीय FDP की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसमें मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), डीप लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, एनएलपी, कंप्यूटर विज़न, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई-आधारित पाठ्यक्रम निर्माण, पायथन फ्रेमवर्क (TensorFlow व PyTorch), NEP-2020 में एआई की भूमिका, नैतिक व जिम्मेदार एआई, डेटा गोपनीयता, स्वचालित मूल्यांकन तथा क्वांटम एआई एवं नेक्स्ट-जेन कम्युनिकेशन जैसे अत्याधुनिक विषयों पर गहन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को जे.के. लक्ष्मी सीमेंट वर्क्स, मंडेरिया माइंस एवं दरोली स्थित चूना-पत्थर खदानों का औद्योगिक भ्रमण भी कराया गया और अनिवार्य बहुविकल्पीय प्रश्नावली आयोजित हुई।

समापन अवसर पर प्रो. मनीष श्रीमाली ने सभी अतिथियों, विषय विशेषज्ञों, आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन डॉ. मधु मुर्डिया ने किया।

इस अवसर पर एफडीपी के सह-समन्वयक डॉ. दिलीप चौधरी सहित डॉ. पारस जैन, डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, डॉ. हीना खान, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. वीणा द्विवेदी, डॉ. राजन सूद, डॉ. नीरू राठौड़, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. नरदेव, डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. प्रेरणा भाटी, डॉ. दीपक दशोरा, डॉ. पंकज श्रीमाली, डॉ नारायण सिंह राव, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. ललित सालवी, डॉ. विकास डांगी, डॉ. तुषार व्यास, मुकेश नाथ, दुर्गा शंकर, मनोज यादव, मानसी नागर एवं त्रिभुवन सिंह सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए संकाय सदस्य व प्रतिभागी उपस्थित रहे।

25/09/2026

Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth

25/09/2026

प्रवेश सूचना (सत्र 2026-27):
सीमित रिक्त सीटों पर प्रवेश का अंतिम अवसर!🚀💻

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी), उदयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड आईटी में सत्र 2026-27 हेतु यूजीसी मान्यता प्राप्त विभिन्न कंप्यूटर पाठ्यक्रमों में कुछ रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश प्रारंभ हैं।

उपलब्ध प्रमुख पाठ्यक्रम एवं पात्रता:

* BCA (AICTE स्वीकृत - 3 वर्ष): 10+2 (किसी भी संकाय से)

* BCA Hons. (4 वर्ष): 10+2 (किसी भी संकाय से)

* MCA (AICTE स्वीकृत - 2 वर्ष): स्नातक (किसी भी संकाय से)

* M.Sc. CS (2 वर्ष): स्नातक (किसी भी संकाय से)

* M.Sc. CS Lateral Entry (1 वर्ष): स्नातक के साथ PGDCA

* PGDCA (1 वर्ष): स्नातक (किसी भी संकाय से)

विभाग की मुख्य विशेषताएं:

* अनुभवी एवं समर्पित संकाय सदस्य
* आधुनिक कंप्यूटर लैब्स और उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
* Industry Oriented अद्यतन पाठ्यक्रम
* 100% प्लेसमेंट सहायता
* जीवंत एवं बहुआयामी कैंपस जीवन

📍 स्थान: डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड आईटी, प्रताप नगर, उदयपुर – 313003 (राज.)

📞 प्रवेश पूछताछ एवं संपर्क सूत्र: 9461260408, 9928025433
📧 ईमेल: [email protected]
🌐 वेबसाइट: https://jnrvu.edu.in

(सीटें सीमित हैं, आज ही संपर्क कर अपना प्रवेश सुनिश्चित करें!)
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25/09/2026

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर फार्मेसी सप्ताह का भव्य समापन: विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी बहुमुखी प्रतिभा 💊🩺

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय), उदयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी में आयोजित 'फार्मेसी सप्ताह' का समापन विश्व फार्मासिस्ट दिवस के पावन अवसर पर अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ हुआ। पूरे सप्ताह चली खेलकूद व विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने कहा कि आज के दौर में फार्मासिस्ट संपूर्ण हेल्थकेयर सिस्टम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन चुके हैं। उन्होंने बदलते चिकित्सा परिदृश्य में नई दवाओं की खोज, नवाचार और गहन शोध पर विशेष बल देते हुए कहा कि फार्मासिस्टों को समाज की स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी व संवेदनशील बनाना होगा। विभागाध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में फार्मासिस्ट की प्रासंगिकता कई गुना बढ़ चुकी है; ऐसे में निरंतर नई तकनीकों, आधुनिक अनुसंधानों और बदलती चिकित्सा पद्धतियों से खुद को अपडेट रखना बेहद आवश्यक है।

समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर उमराव सिंह राणावत, डॉ. गौरांग त्रिवेदी, डॉ. गजेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. कीर्ति राठौड़, डॉ. वैशाली, डॉ. परीक्षित, सुनाली, नीलम, लक्ष्मण सिंह, नरेश सहित फार्मेसी विभाग के समस्त प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 23/09/2026

विद्यापीठ आज के समाचार पत्रों में

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 23/09/2026

“जनरेटिव एआई और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से शिक्षण व्यवस्था होगी और अधिक प्रभावी”- प्रो. मंजू मांडोत

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड आईटी द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की अटल अकादमी के तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय एफडीपी के दूसरे दिन उच्च शिक्षा में एआई के प्रभावी उपयोग और पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण पर गहन मंथन हुआ।

प्रथम तकनीकी सत्र में माननीय कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने "शिक्षकों के लिए जनरेटिव एआई एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग: शिक्षण दक्षता में वृद्धि" विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने एआई को केवल एक तकनीकी उपकरण न मानकर शिक्षण एवं प्रशासनिक कार्यों में सहयोगी तकनीक के रूप में अपनाने और 'एआई सक्षम विश्वविद्यालय' बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। द्वितीय सत्र में गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के प्रो. हिरेन जोशी ने "बीसीए एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन के लिए एआई आधारित पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण" पर व्याख्यान देते हुए इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार व्यावहारिक एवं एआई-उन्मुख पाठ्यक्रम निर्माण पर बल दिया। इसके पश्चात आयोजित हैंड्स-ऑन सत्र में प्रतिभागियों ने एआई टूल्स का व्यावहारिक अभ्यास किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं का स्वागत डॉ. गौरव गर्ग ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भरत सुखवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में एफडीपी के समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी, सह-समन्वयक डॉ. दिलीप चौधरी सहित डॉ मनीष श्रीमाली, डॉ भारत सिंह देवड़ा, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. राजन सूद, डॉ. नीरू राठौड़, डॉ. मधु मुर्डिया, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. नरदेव सिंह, डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. प्रेरणा भाटी, डॉ. दीपक दशोरा, डॉ. पंकज श्रीमाली, डॉ. ललित सालवी, डॉ. विकास डांगी, डॉ. शीना वाहिद, मुकेश नाथ, दुर्गा शंकर, मनोज यादव, त्रिभुवन सिंह, मानसी नागर एवं चिराग दवे सहित विभिन्न संस्थानों से आए संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

छह दिवसीय यह राष्ट्रीय एफडीपी उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक एवं जिम्मेदार उपयोग, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, जनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा एआई आधारित पाठ्यक्रम विकास के क्षेत्र में संकाय सदस्यों की क्षमता वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल एआई की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, बल्कि उन्हें इन तकनीकों का वास्तविक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में प्रयोग करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

22/09/2026

राजस्थान विद्यापीठ में एआईसीटीई-अटल प्रायोजित 6-दिवसीय राष्ट्रीय एफडीपी का शुभारंभ

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर के कम्प्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की अटल अकादमी के तत्वावधान में आयोजित 6-दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का विधिवत शुभारंभ। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “एआई-प्रधान शिक्षण पद्धति: जनरेटिव एआई एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों द्वारा कंप्यूटर अनुप्रयोगों में परिवर्तन” है।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. एन. एन. जानी तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. आशीष जानी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

एआई को शिक्षण एवं अनुसंधान का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर
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अध्यक्षीय उद्बोधन में माननीय कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु अपनी शिक्षण पद्धतियों में एआई का प्रभावी एवं सार्थक समावेश करना होगा।

उन्होंने शिक्षण एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए कहा कि एआई को केवल एक अतिरिक्त डिजिटल टूल के रूप में नहीं, बल्कि पाठ्यक्रम निर्माण, पाठ योजना, शिक्षण सामग्री तैयार करने तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के माध्यम के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जनरेटिव एआई के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की गति एवं क्षमताओं के अनुरूप व्यक्तिगत शिक्षण सामग्री विकसित की जा सकती है। साथ ही, शिक्षकों को पारंपरिक मूल्यांकन पद्धतियों से आगे बढ़कर स्वचालित रूब्रिक्स, निष्पक्ष ग्रेडिंग तथा तात्कालिक रचनात्मक फीडबैक तैयार करने में जनरेटिव एआई का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना चाहिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं एजुकेशन 4.0 पर केंद्रित एफडीपी
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कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने एफडीपी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं Education 4.0 के परिप्रेक्ष्य में यह कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक एआई एवं जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

उन्होंने बताया कि छह दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय एफडीपी में मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), डीप लर्निंग, हैंड्स-ऑन कोडिंग लैब, शोध पत्रों की समीक्षा तथा औद्योगिक भ्रमण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रो. मनीष श्रीमाली ने सभी अतिथियों एवं विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा तकनीकी शिक्षा में नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों के समावेश की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

उद्घाटन सत्र के अंत में डॉ. भरत सिंह देवड़ा ने सभी अतिथियों, आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन मानसी नागर ने किया।

तकनीकी सत्रों में एआई की नवीनतम तकनीकों पर चर्चा
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एफडीपी के प्रथम तकनीकी सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. एन. एन. जानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अवलोकन, डीप लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग आर्किटेक्चर तथा लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स की कार्यप्रणाली पर गहन प्रकाश डाला।

द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो. आशीष जानी ने ट्रांसफॉर्मर मॉडल्स, कंप्यूटर विजन एवं एजेंटिक एआई के सिद्धांतों तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से व्याख्यान दिया।

तकनीकी सत्रों के उपरांत प्रतिभागियों ने निर्धारित शोध पत्रों पर समूह परिचर्चा की। इसके साथ ही कम्प्यूटर लैब में पायथन आधारित मॉडल एवं विजन पाइपलाइन्स पर प्रायोगिक कार्य भी किया गया।

आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता
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कार्यक्रम में सह-समन्वयक डॉ. दिलीप चौधरी सहित डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. राजन सूद, डॉ. नीरू राठौड़, डॉ. मधु मुर्डिया, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. नरदेव, डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. प्रेरणा भाटी, डॉ. दीपक दशोरा, डॉ. पंकज श्रीमाली, डॉ. ललित सालवी, डॉ. विकास डांगी, मुकेश नाथ, दुर्गा शंकर गमेती, मनोज यादव, त्रिभुवन सिंह एवं चिराग दवे सहित विभिन्न संस्थानों से आए संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

यह राष्ट्रीय एफडीपी शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं जनरेटिव एआई की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने तथा उन्हें शिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों में प्रभावी रूप से उपयोग करने हेतु सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 19/09/2026

अदृश्य दुनिया को विद्यार्थियों ने दिया रचनात्मक रूप!

अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस के अवसर पर जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी), उदयपुर के विज्ञान संकाय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा फेडरेशन ऑफ यूरोपियन माइक्रोबायोलॉजिकल सोसाइटीज (एफईएमएस) एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स सोसाइटी इंडिया के सहयोग से पोस्टर प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

🌱 सूक्ष्मजीवों की अदृश्य दुनिया, विद्यार्थियों की रचनात्मक नजर से!

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. मंजू मंडोत ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सूक्ष्मजीवों के स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, खाद्य एवं औद्योगिक क्षेत्रों में महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक जिज्ञासा के साथ नए प्रयोग एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।

विज्ञान संकाय की निदेशक डॉ. सपना श्रीमाली ने स्वागत उद्बोधन में ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने वाला बताया।

🎨 “सूक्ष्मजीवों में दृष्टि: कला और विज्ञान का संगम” विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक समझ का शानदार प्रदर्शन किया।

🏆 प्रतियोगिता के निर्णायक रहे डॉ अर्पितI मट्टा, डॉ नीतू पवार, डॉ लोकेश सुथार एवं डॉ लालिमा शर्मा।

🥇 प्रथम पुरस्कार — अभि जैन
🥈 द्वितीय पुरस्कार — सिद्रा खान

🔬 वहीं “अदृश्य सहयोगी: सूक्ष्मजीवी विविधता की खोज” विषय पर आयोजित प्रदर्शनी में मॉडल, कल्चर डिस्प्ले, वैज्ञानिक सामग्री, उत्पाद एवं कार्यशील प्रोटोटाइप के माध्यम से विद्यार्थियों ने सूक्ष्मजीवों की विविधता और मानव जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को बेहद रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।

✍️ कहानी लेखन प्रतियोगिता का भी अवसर!

“सूक्ष्मजीवों की कहानियां: विज्ञान को सरल बनाना” विषय पर एम.एससी. एवं पी.एच.डी. शोधार्थियों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।

📅 प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026

कार्यक्रम के अंत में डॉ. खुशबू जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर विज्ञान संकाय से डॉ सोनिया चहर, डॉ उत्तम प्रकाश शर्मा, डॉ भावेश जोशी, डॉ मंगल श्री दुलावत, डॉ योगिता श्रीमाली, डॉ पूजा जोशी, डॉ सिद्धिमI शर्मा, डॉ शक्तिका चौधरी, डॉ कीर्ति सिंघवी, समर फतेह सिंह राठौड़, भावना चौधरी, डॉ. हिमानी वर्मा, रुपेश जूनीवाल एवं महेंद्र कुमार मीणा उपस्थित रहे।

🌍 जब विज्ञान को मिलती है रचनात्मकता की उड़ान, तो अदृश्य दुनिया भी बन जाती है देखने और समझने योग्य!

#अंतरराष्ट्रीयसूक्ष्मजीवदिवस #सूक्ष्मजीवविज्ञान #जैवप्रौद्योगिकी #विज्ञान #वैज्ञानिकसोच #जनार्दनरायनागरराजस्थानविद्यापीठ #उदयपुर

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 17/09/2026

फ्रेशर पार्टी ‘क्षितिज 2026’ का आयोजन

अंकित जांगिड़ बने मिस्टर फ्रेशर, प्रियांशी राव ने जीता मिस फ्रेशर का खिताब 🏆

राजस्थान विद्यापीठ के संघटक माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय, प्रतापनगर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत में फ्रेशर पार्टी ‘क्षितिज 2026’ का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक व फिल्मी गीतों पर शानदार रंगारंग प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को उत्साह, उमंग और उल्लास से भर दिया।

महाविद्यालय की निदेशक डॉ. गुणबाला आमेटा ने विद्यार्थियों को नवीन सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती। शिक्षा प्रत्येक दिन नए क्षितिजों तक पहुंचने का अवसर देती है। जिस प्रकार सूर्य क्षितिज से उगकर नई रोशनी फैलाता है, उसी प्रकार नवप्रवेशित विद्यार्थी भी नई ऊर्जा, उत्साह और संकल्प के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत करें।

कुलपति प्रोफेसर मंजू मंडोत ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी आवश्यक है। सफलता निरंतर प्रयास करने और चुनौतियों के सामने हार न मानने से प्राप्त होती है।

🌟 मिस्टर फ्रेशर एवं मिस फ्रेशर प्रतियोगिता बनी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

प्रतियोगिता में परिचय, प्रतिभा प्रदर्शन तथा प्रश्नोत्तर के तीन चरण आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न चरणों के आधार पर विजेताओं एवं रनर-अप का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया।

🏆 मिस्टर फ्रेशर:
अंकित जांगिड़ — बी.ए.

👑 मिस फ्रेशर:
प्रियांशी राव — बी.कॉम.

🥈 फर्स्ट रनर-अप:
नम्रता रावत एवं सहज सुखवाल

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रभारी डॉ. नीतू सिंह राठौड़ ने आभार व्यक्त किया।

आयोजन में डॉ. विक्रम सिंह चुंडावत, डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. रेखा दरबार, डॉ. प्रतिभा शर्मा, डॉ. विनीता श्रीमाली, डॉ. प्रवीण जैन, डॉ. किरण मीणा, कुसुम नागर, रमेश चंद्र प्रजापत सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।

🌅 ‘क्षितिज 2026’ केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि नए सपनों, नई मित्रताओं, नई ऊर्जा और नई संभावनाओं की ओर विद्यार्थियों के बढ़ते कदमों का उत्सव रहा।

सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल एवं सफल शैक्षणिक जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं!

*tij2026

Photos from Janardan Rai Nagar Rajasthan Vidyapeeth's post 16/09/2026

69वें श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन

“श्रमिक शिक्षा 2.0 – विकसित भारत 2047 के लिए कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने में श्रमिक शिक्षा की भूमिका” विषय पर 69वें श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार, 16 सितम्बर को राजस्थान विद्यापीठ, प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशालय उदयपुर की क्षेत्रीय सलाहकार समिति की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में श्रमिकों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित की गई।

कार्यक्रम में नवनियुक्त कुलपति प्रो. मंजु मांडोत का शॉल, उपरणा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में पदेन सचिव एवं वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी जगदीप सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2026-27 का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए श्रमिकों को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल सहित श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए इनके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि राजस्थान विद्यापीठ की कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने कहा कि विकास की आधारशिला शिक्षा है। असंगठित श्रमिकों के सामने नियमित रोजगार की समस्या प्रमुख है और रोजगार के साथ शिक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए श्रमिक और गांवों को समझना होगा तथा उन्हें सुदृढ़ करना होगा। श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर बनाने और उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, श्रमिकों के श्रम की आवश्यकता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने राजस्थान विद्यापीठ के संस्थापक मनीषी पंडित नागर के योगदान को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1937 में कामकाजी श्रमजीवियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से रात्रिकालीन श्रमजीवी कॉलेज की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिक अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में उनके लाभ से वंचित हैं। आवश्यकता है कि योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचे।

क्षेत्रीय निदेशक पुनीत गौतम ने केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल को असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साथ ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना की जानकारी दी।

संगोष्ठी में राजकुमार गौड़, कॉमरेड गोपी किशन, सिस्टर कीर्ति कैथरीन डेविड मेकवान, पवन तलेसरा, गजेन्द्र सिंह, नदीम खान, सुभाष श्रीमाली, योगेन्द्र शर्मा, रमेश कुमार सोनी और बालकृष्ण शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने श्रमिकों की स्थिति मजबूत करने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

🌿 शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा से सशक्त श्रमिक ही मजबूत समाज और विकसित भारत की आधारशिला बन सकते हैं।

#श्रमिकशिक्षा #श्रमिकशिक्षादिवस #श्रमिककल्याण

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