New Life In Christ
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07/12/2020
कर्म या अनुग्रह - हम मोक्ष कैसे प्राप्त करेंगे?
आज कल ज़्यादातर कर्म और पुनर्जन्म के बारे में बात करते हैं यदि किसी इंसान के साथ कुछ अच्छा हो, या बुरा हो तो वो कहते कि उसका कर्म वो चुका रहा हैं। यदि किसी के साथ बुरा होता है तो वे कहते है कि उसने किसी के साथ बुरा किया होगा; या फिर पिछले जन्म में कुछ गलती की होगी उसका परिणाम वो इस जन्म में कर्म चुका रहा है जो जितने भी लोग दुनिया में जी रहे हैं पाप में, गरीबी में, या फिर उनके साथ कुछ भी बुरा होता है तो माना जाता हैं कि पिछले जन्म में उसने जो गलती किया होगा वो जमा होकर उसे वापस चुकाने के लिए इंसान दोबारा जन्म लेता है।
और दुख की बात यह कि आज बहुत सारे ईसाई भी जो है इस कर्मा को मानते है और पुनर्जन्म को मानते है वो सोचते है कि आप अगले जन्म में अच्छा काम कर लेंगे ये जीवन में जो बिगाड़ा हैं, वो अगले जीवन में के जाकर सुधार लेंगे एक ईसाई भाई है जिन्हे मैं अच्छे से जानता हूँ उनके बेटे के जन्म दिन का पोस्ट जो उन्होने फेशबूक पर डाला था और उन्होंने लिखा था कि मेरा पिता जी जो है, वो दोबारा पुनर्जन्म हुए हैं मतलब पिता जी का दोबारा जन्म हुआ हैं। तो ये सोच जो है, ज़्यादातर हिन्दू शास्त्र से आता हैं कि इंसान अपने जिन्दगी की कर्मा को जब पूरी तरह चुका देता है, वो मोक्ष प्राप्त करता है और वो ब्रह्म के साथ एक साथ हो जाता है।
दोस्तों ये कर्म को मैं नहीं मानता हूँ और ये पुनर्जन्म को मैं नहीं मानता क्यों मैं ईसाई हूँ इसलिए नहीं उससे जुड़े हुए बहुत सारे ऐसे अहम और गंभीर सवाल हैं जो तर्क में नहीं मिलता है, इस कारण मैं कर्म, और पुनर्जन्म पर विश्वास नहीं करता हूँ।
अब मेरे मन के अंदर जो गंभीर सवाल है, उसको मैं आपके सामने बताना चाहता हूँ और इस पृष्टि को पढ़ने वाले शायद से आपको ये सवाल का जवाब पता होगा तो आप टिप्पणी करके बताए। क्या है?
पहला सवाल यह है, कि जब भी हम कर्म के बारे में बात करते है यह मानते है कि पिछले जन्म का अधूरा काम या पूरा काम इस जीवन में हम पाकर उसे पूरा करते है या फिर चुकाते हैं, तो मान लेते है कि ये जीवन में हम पिछले जन्म का कर्म चुका रहे है; अगर पिछले जन्म में हम जाएंगे तो हम उसके पिछले वाले जीवन के कर्म को चुका रहे है तो ऐसे ही पीछे-पीछे करते हुए जाएँगे। तो सवाल ये पैदा होता है कि जब पहिलेवा इंसान इस दुनिया पैदा हुआ तो वो कौनसा कर्म चुका रहा था? आप कह सकते है कि पहिली बार वो निष्कलंक पैदा हुआ है, तो निष्कलंक पैदा हुआ इंसान गलत काम कैसे कर सकता है? अगर वो गलत काम कर रहा हैं उसका कारण क्या है? उसका पहिला कर्म जो गलत था उसको चुकाने के लिए वो गलत काम कर रहा है; यह बात समझ में आ रही है।
तो पहला ये सवाल जो है गंभीर सवाल है जिसका जवाब नहीं है। कि पहिले जीवन में, पहिले जन्म में इंसान कौनसा कर्म को चुका रहा था? लेकिन बाइबल में दोस्तों, इसका जवाब हैं बाइबल में हम पढ़ते है उत्पत्ति की किताब पहिला अध्याय; दूसरा अध्याय में सुरुवात के दिनों में आदम और हवा के आज्ञा के उल्लंघन के कारण मानवजाति ने पाप किया है। और उस पाप के कारण निष्कलंक और सही तौर पर बनाया हुआ मनुष्य बिगड़कर पाप और बेकार के कामों में फ़स गया और उसका जिन्दगी जो है दुख तकलीफ से गुजरने लगा, तो ये बाइबल का सिद्धान्त है लेकिन जो कर्मा मानने वाले हैं वो ये साबित करके दिखाइए कि पहले जीवन में इंसान किस चीज़ का कर्मा चुका रहा था?
दूसरा सवाल ये है कि कुछ धर्म है जैसे कि जैन धर्म है, बुद्धिस्ट धर्म है ऐसे कुछ धर्म के लोग है उनमें कुछ लोग ज्योतिमान हो जाते हैं यानी कि वो लोग दुनिया के मोह-माया से मुक्त हो जाते हैं। और अपने आप को ज्योतिमान मानते है जैसे बुद्धा है, महावीरा है, और उनका पालन करने वाले भी कहते है कि हमनें हमारा कर्मा पूरी तरह से चुका दिया है। और वो मोक्ष प्राप्त कर रहे हैं।
तो दोस्तो थोड़ा लॉजिक (तर्कसंगत) लगा के देखिये अगर मानलो कुछ लोग ये जन्म में थोड़े-थोड़े करके मोक्ष प्राप्त करने रहे हैं तो जनसंख्या कम होती रहनी चाहिए हैं; सही है???लेकिन विपरीत में हम देख क्या रहे हैं जनसंख्या बढ़ते जा रहा हैं । अगर थोड़े से लोग भी अपने कर्म को पूरी तरह से चुकाकर इतने हजारों सालो से आ रहे है, धीरे-धीरे अगर आप सौं-सौं सालों में भी एक-एक व्यक्ति का भी कर्म चुकती हो रहा है, वो मोक्ष प्राप्त कर रहा है। तो कहीं न कहीं जनसंख्या कम होना चाहिए है लेकिन बढ़ते जा रहा है क्यों बढ़ते जा रहा है? और कहा से आ रहे है? ये सारे लोग? इसका जवाब कर्म और पुनर्जन्म नहीं दे सकता।
तीसरा सवाल यह कि यदि कर्म सच है दोस्तों, अगर कर्म सच है तो एक भयानक उदाहरण देना चाहता हूँ यदि कोई व्यक्ति को; कोई लूट रहा है तो हमे ये जानना जरूरी है कि जिस व्यक्ति को लूटा जा रहा है, वो व्यक्ति ने पिछले जीवन में किसी के साथ बुरा किया है, जिसके वजह से इस जन्म में और इस समय में उसको लूटा जा रहा है, यानी वो अपना कर्मा चुका रहा है या फिर जो व्यक्ति उसको लूट रहा है क्या वो अपना कर्मा चुका रहा है? तो देखने वाले हमे क्या करना चाहिए है? हमे जाकर उसको रोकना चाहिए? हाँ, अगर हम जाकर उसे रोके तो हम अच्छा कर्म कर देते है; लेकिन क्या हम उस व्यक्ति को उसके कर्म चुकाने से रोक नहीं रहे हैं? लॉजिकली (तर्क में) ये सही नहीं लगता है, अगर किसी का बलात्कार हो रहा है; तो क्या हम ये कहेंगे कि उसके पुराने जीवन में उसने कुछ गलत किया है? जिसके वजह से उसके साथ ये हो गया है।
तो दोस्तों, देखिये दुख भरा सवाल आप के सामने उठा रहा हूँ। कर्म इसका जवाब नहीं दे सकता है अगर कर्म सच है, तो दुनिया में रहने वाले पाप, दुनिया में रहने वाले बीमारी, गरीबी, भ्रष्टाचार के खिलाफ सिकायत नहीं कर सकते है। आप किसी को दोष नहीं लगा सकते है क्योंकि हर कोई अपना कर्म चुका रहा है अगर आप को लगता है कोई नेता है या फिर कोई भी बंदा है गलत काम कर रहा है लोगो को धोखा दे रहा है वो लोग धोखे में इसलिए फस रहे है। क्योंकि वो अपना कर्म चुका रहे है, तो क्यों हम सिकायत करे? देखिये, आप लोग कितना तर्कविरुद्ध लगता है, और इंसान के तहे दिल के उस प्यास और तड़पता हुआ जवाब नहीं मिल पाता है। तो कर्म और पुनर्जन्म एक ही चीज सिखाता है आपका समस्या है आपको ही सुलझाना पड़ेगा लेकिन हजारों सालों से दोस्तों, मनुष्य कोशिश कर रहा है; कि वो किसी भी हालत में अपने कर्म को सुधारे, लेकिन सुधार नहीं पा रहा है। दिन भर दिन दुनिया बेकार होती जा रही है दिन भर दिन दुनिया में समस्या बढ़ती जा रही है क्यों? क्योंकि लोग अपना कर्म चुका रहे है।
लेकिन दोस्तों बाइबल में कहा गया है, कि आप अपने कर्म के द्वारा उद्धार नहीं पा सकते, अपने कर्म के द्वारा मोक्ष नहीं प्राप्त कर सकते, क्योंकि देखो दोस्तों, मनुष्य के जिंदगी में एक अनन्त समस्या है; एक अनन्त तकलीफ परेशानी है अब अनन्त परेशानी को दूर करने के लिए सीमित व्यक्ति कितना कोशिश करेगा वो बहुत कोशिश करके देखता है भक्ति करके देखता है, बलि चढ़ाके देखता है, पुण्यस्थल जाकर देखता है, लेकिन उससे होता नहीं है क्योंकि उसके जीवन में जो तकलीफ़े परेशानी है, पाप है वो सीमित नहीं है बल्कि अनन्त है तो उस अनन्त तकलीफ को दूर करने के लिए अनन्त काल का परमेश्वर से ही होगा। इसलिए परमेश्वर खुद इस दुनिया में मनुष्य बनकर आया और उस अनन्त दण्ड से आप को और मुझे छुड़ाया है दोस्तों, और वही बात इफिसियों 2:8,9 में पढ़ते है "क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है; और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरण् परमेश्वर का दान है,
तो दोस्तों ये दुनिया के तकलीफ़ों से छुटना है; मोक्ष प्राप्त करना है वो हमारे कर्मो से नहीं हो सकता है क्योंकि 9 वचन कहता है, "और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्ड करे।" अगर मैं अपने कर्मो के कारण मैं मोक्ष प्राप्त कर रहा हूँ तो खमंड करने वाली बात हो गई, मैं सीमित व्यक्ति अनन्त परेशानी का हल नहीं निकाल सकता। लेकिन अनन्त काल का परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुफ्त भेट है, उससे हमारा उद्धार हो सकता है।
और ये कर्म और पुनर्जन्म ऐसा कोई भी चीज नहीं है जिंदगी एक ही है क्योंकि बाइबल साफ-साफ इब्रानियों किताब में 9:27 वचन में कहता है, "और जैसे मनुष्यों के लिए एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।"
बाइबल साफ कहती है इंसान एक ही बार मारता है और उसके बाद उसका न्याय होता है तो दोस्तों, कोई पुनर्जन्म नहीं है अभी जो आपको सुधारना है, अभी सुधार लीजिये यह मत सोचिए कि मैं अगले जन्म में सुधार लूँगा और कुछ लोग मज़ाक में कह देते है कि जब हम नर्क में जाएंगे तो वहाँ पर पार्टी मनाएंगे, हमारा गिरोह(गैंग) बनाएँगे। उन लोगों को नर्क का अंदाजा तक नहीं है; दोस्तो, नर्क में पार्टी नहीं मना सकते क्यों नहीं मना सकते? अनन्त काल तक जलते शोले! और आग में आत्माओं को झोका जाता है। परमेश्वर से दूर हो जाते है आप लोगों के मन में सवाल आ सकता है कि परमेश्वर कैसे इंसान को नर्क में ढकेलेगा?? तो दोस्तों, परमेश्वर नहीं मनुष्य को ढकेलता हैं मनुष्य कहता है कि मुझे परमेश्वर के पास नहीं जाना है, तो दूसरा रास्ता एक ही जो नर्क है।
दोस्तों कर्म नहीं है, आप कर्म से अपनी जिंदगी को सुधार नहीं सकते; यीशु मसीह के अनुग्रह से आप अपने जिंदगी को सुधार सकते है। आइये, यीशु मसीह के पास इसलिए यीशु मसीह इस दुनिया में आए ताकि वो खुद आपके कर्म को, इस जिंदगी के कर्म को, इस जिंदगी के बुरे कामों को अपने आप पर लेकर आप को छुटकारा दिया है, और वो कहते है, "यूहन्ना 14:16 मैं पिता के विनती करूँगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।" वचन में उनके पवित्र आत्मा द्वारा हमें मदत करेंगे ताकि हम आगे का जिंदगी पाप के बिना और पवित्र जीवन जी सकें यही है दोस्तों, सच्ची विश्वास, यही है सच्ची गवाही, यही आपको बताना चाहते हैं।
तो आपके ऊपर है, यदि आप आज भी कर्म को लेकर सोच रहे हैं, पुनर्जन्म को लेकर सोच रहें हैं ये तीन सवाल का जवाब नहीं हैं। लेकिन बाइबल के पास जवाब है, बाइबल कहता है कि मनुष्य सही तौर पर बनाया गया था पाप के कारण वो बिगड़ गया; लेकिन उसे बचाने के लिए यीशु मसीह उद्धारकर्ता बनकर आये, क्योंकि हम अपने आपको छुड़ा नहीं सकते हैं।
यीशु मसीह का पवित्र आत्मा हमारे साथ रहकर हमें सहायता करेगा, और अनन्त काल के उस न्याय के सिंहासन के सामने जब जाएंगे वहाँ पर प्रभु यीशु हमें जीवन का फल देकर मोक्ष प्रदान करेगा।
आइये, यीशु के पास या फिर इस सवाल का जवाब दे और आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा।
प्रभु आपको आशीष करें!
EXPOSE
The
FALSE
&
PREACH
The
TRUTH.
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