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बिहार में SSP पर ही तान दिया हथियार! रात में पहुंचे थे थाने का निरीक्षण करने
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भागलपुर: बिहार के भागलपुर में रविवार की देर रात थाना निरीक्षण करने पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार को कोतवाली थाना का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान थाना के मुख्य गेट पर संतरी ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल ने हथियार तानकर एसएसपी को ही रोक दिया. इस घटना के दौरान कुछ देर के लिए माहौल गंभीर हो गया, हालांकि SSP ने अपनी पहचान और निर्धारित कोड स्पष्ट किया, जिसके बाद संतरी ने हथियार नीचे कर उन्हें सेल्यूट किया और थाना परिसर में प्रवेश करने दिया.
रात 10 बजे थाना में प्रवेश कर रहे थे एसएसपी साहब
जानकारी के अनुसार, भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार देर रात जिले के विभिन्न थानों का निरीक्षण करने निकले थे. इसी क्रम में वह कोतवाली थाना पहुंचे. रात करीब 10 बजे जब एसएसपी थाना के मुख्य गेट पर पहुंचे, उस समय गेट पर संतरी ड्यूटी में महिला कांस्टेबल नेहा कुमारी तैनात थीं. एसएसपी के गेट पर पहुंचते ही संतरी ने सुरक्षा नियमों के तहत सतर्कता दिखाई. उन्होंने आवाज देकर रुकने को कहा और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार तान दिया. अचानक हथियार सामने आने के बावजूद एसएसपी ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी पहचान और कोड बताया.
जानें कब नीचे किया हथियार
बता दें कि एसएसपी की पहचान और कोड की पुष्टि होने के बाद कांस्टेबल नेहा कुमारी ने तुरंत हथियार नीचे कर दिया. इसके बाद उन्होंने एसएसपी को सेल्यूट किया और उन्हें थाना परिसर में प्रवेश करने दिया. बताया जा रहा है कि संतरी ने ड्यूटी के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह कार्रवाई की थी.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रात के समय थाना परिसर की सुरक्षा को लेकर संतरी को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश होते हैं. निर्धारित समय के बाद कोई व्यक्ति थाना परिसर में प्रवेश करता है तो संतरी उसकी पहचान सुनिश्चित करता है. संदिग्ध स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से हथियार तानकर व्यक्ति को रुकने का निर्देश दिया जा सकता है. इस घटना को पुलिसिंग में सतर्कता और ड्यूटी के प्रति सजगता के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल ने सामने मौजूद व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होने तक अपनी सतर्कता बनाए रखी. पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी के दौरान हर परिस्थिति में सतर्क रहना पड़ता है. चाहे सामने कोई आम व्यक्ति हो या वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पहचान की पुष्टि करना महत्वपूर्ण माना जाता है.
17 घंटे बाद खुला NH-44, पुलिस ने LPU कैंपस में निकाला फ्लैग मार्च
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पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से ‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’ को लेकर परिसर में तोड़फोड़ की और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बाधित कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम फिर से हिंसा भड़क उठी जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और उनके वाहनों पर हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. एडीजीपी एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल बाद में एलपीयू परिसर में पहुंचा. पुलिस ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है. जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी इस टीम के साथ थे. सिंगला ने बताया, “स्थिति नियंत्रण में है. एनएच-44 पर यातायात जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा.”
एलपीयू में गुस्साए छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
एलपीयू के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा जाम करीब 17 घंटे तक जारी रहा. इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन और यात्री रास्ते में फंसे रहे. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बाद हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया. इसके बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली. हाईवे बंद रहने के दौरान हुई तोड़फोड़ और वाहनों में आगजनी के संबंध में एडीजीपी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम का आकलन किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल किसी शरारती तत्व की भूमिका सामने आने पर उसकी पहचान कर जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा और कैंपस में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है. छात्रों की ओर से प्रशासन के सामने उठाई जा रही मांगों और अन्य मुद्दों को लेकर प्रशासन एवं छात्रों के बीच बातचीत चल रही है.
छात्राओं के हॉस्टल में किसी शरारती तत्व के प्रवेश की आशंका को देखते हुए भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया है. उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और छात्राओं से बातचीत की गई है. उन्हें किसी भी तरह की परेशानी होने पर पुलिस से संपर्क करने को कहा गया है. कैंपस में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे और छात्रों के बीच सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल बना रहे. पुलिस ने अभिभावकों को भी आश्वस्त किया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और कैंपस की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है.
एलपीयू में पिछले कई घंटों से चल रहा तनाव अब सामान्य हो गया है. देर रात पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश कर फ्लैग मार्च निकालते हुए विभिन्न हॉस्टलों का जायजा लिया और दो से तीन संदिग्धों के हिरासत में भी लिया. पुलिस ने विशेष रूप से छात्राओं के हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और वहां मौजूद छात्राओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया. एडीजीपी एम.एफ. फारूकी ने बताया कि कैंपस में फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है. पुलिस फोर्स ने यूनिवर्सिटी के अंदर जाकर पूरे परिसर का निरीक्षण किया और दो से तीन संदिग्धों के हिरासत में भी लिया. सभी हॉस्टलों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है.
रविवार शाम को पुलिस परिसर के बाहर सुबह आठ बजे से एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने उन पर पानी की बोतलें फेंकी. छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए.
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस के दो वाहनों में भी आग लगा दी गई, जबकि पत्रकार और पुलिसकर्मी बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि हिंसा में पुलिस के चार से पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं. पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया है.
एलपीयू में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई. (पीटीआई)
हंगामे को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) प्रशासन ने सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं, जबकि मध्यावधि परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं.
पुलिस ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है. हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में दुष्कर्म की घटना से इनकार करते हुए इसे “अफवाह” बताया है.
यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के एक दिन पहले हुए बड़े प्रदर्शन के बाद हुई है, जहां कथित तौर पर दो छात्राओं के आत्महत्या करने के अपुष्ट दावों को लेकर छात्रों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी थी.
एलपीयू में दिनभर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला. एक छात्र परिसर में रखे गए सेवा से हटाये गए मिग-23यूएम विमान के ऊपर चढ़ गया, जबकि कुछ अन्य छात्र सेना के एक टैंक पर चढ़ गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र कथित रूप से परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखे. वीडियो में पृष्ठभूमि में “हमें न्याय चाहिए” के नारे सुनाई दे रहे थे.
प्रदर्शनकारियों ने परिसर के बाहर दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया, जिससे भारी जाम लग गया और शाम को पुलिस के साथ झड़प हुई.
प्रदर्शन रविवार तड़के करीब एक बजे परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के पास शुरू हुआ था. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि वहां रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि हॉस्टल वार्डन को घटना की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
हालांकि, एलपीयू प्रबंधन ने एक बयान में कहा कि इन “अफवाहों” में कोई सच्चाई नहीं है. रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व “झूठे, निराधार और मनगढ़ंत” आरोप फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं. एलपीयू ने हॉस्टल के एक कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं का वीडियो बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं.
सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में कुछ कथित प्रदर्शनकारी चेहरे को रूमाल से ढके हुए विश्वविद्यालय मॉल में दुकानों और परिसर की अन्य संपत्तियों में तोड़फोड़ करते दिखे. कुछ अन्य लोग किराना दुकान से सामान ले जाते भी नजर आए. वीडियो में क्षतिग्रस्त वाहन और तोड़े गए एटीएम कियोस्क भी दिखे.
एनएच-44 पर जारी जाम के कारण यातायात को फगवाड़ा हाईवे मार्ग से हटाकर जालंधर की ओर जाने के लिए फगवाड़ा-जंडियाला मार्ग और अन्य संपर्क मार्गों से भेजा गया. राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई फंसे हुए यात्रियों ने प्रदर्शनकारियों से बहस की तथा रास्ता खोलने का आग्रह किया. प्रदर्शनकारी छात्रों और एलपीयू प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही, हालांकि कुलपति जसपाल सिंह संधू ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाएगा.
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि एलपीयू के संस्थापक-कुलाधिपति अशोक मित्तल, जो भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं, मौके पर आएं और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दें. उन्होंने यह भी मांग की कि उन्हें विश्वविद्यालय की गतिविधियों तक पहुंच देने वाला यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम बंद न किया जाए और प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जाए.
स्थिति शाम करीब 7.30 बजे और खराब हो गई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क जाम हटाने के लिए मनाने का प्रयास किया. इसके बजाय प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई. अधिकारियों ने बताया कि गुस्साए छात्रों ने राजमार्ग पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग भी लगा दी. हंगामे की खबर मिलने के बाद कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से भारी पुलिस बल बुलाया गया.
मौके पर पहुंचे डीआईजी सिंगला ने कहा कि छात्रों का दावा है कि हॉस्टल नंबर-3 में रहने वाली पीड़िता कार्रवाई नहीं होने के बाद अपने घर लौट गई. डीआईजी ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल कर जांच की जाएगी. उन्होंने कहा, “निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम फोरेंसिक नमूनों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड आदि का विश्लेषण करेंगे.”
डीआईजी ने बताया कि छात्राएं मांग कर रही हैं कि पूरे हॉस्टल स्टाफ में केवल महिलाएं हों. उन्होंने कहा, “प्रबंधन इन मांगों पर ध्यान देगा.” एक अन्य सवाल के जवाब में डीआईजी ने कहा कि एलपीयू में तेलंगाना की एक छात्रा ने 15 दिन पहले आत्महत्या की थी. उन्होंने कहा, “अगर छात्रों का कहना है कि इसमें कोई गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी.”
छात्रों के दुष्कर्म के दावे पर एलपीयू के कुलपति जसपाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और प्रशासन जांच में सहयोग करेगा. एलपीयू प्रशासन ने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने के लिए छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहे हैं.
विश्वविद्यालय ने बयान में कहा कि यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने का ‘जानबूझकर’ और ‘सुनियोजित’ प्रयास प्रतीत होता है. बयान में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने, उन्हें साझा या प्रचारित नहीं करने और विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई.
विपक्षी कांग्रेस ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, “एलपीयू में जो हो रहा है वह बेहद चिंताजनक है. अगर छात्रों के पास किसी घटना को लेकर गंभीर सवाल या चिंताएं हैं तो उन्हें अफवाहों या दबाव के बजाय पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जवाब मिलना चाहिए. हिंसा पंजाब की विफल कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है.” उन्होंने कहा, “एनएच-44 सुबह से अवरुद्ध है, लेकिन आप सरकार का एक भी प्रतिनिधि छात्रों से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने नहीं आया है.
होर्मुज में 'कर्फ्यू' के बीच नेतन्याहू पहुंचे UAE, अब क्या करेगा ईरान?
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आजकल सबकी जुबान पर एक ही बात है- पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध में आगे क्या होगा? दुनिया के तमाम देश इस क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई नतीजा नहीं निकल सका है. इसके उलट अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के और खतरनाक होने की आशंका गहरा गई है. एक के बाद एक हुई 3 घटनाओं से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. पहली, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद गोपनीय तरीके से अबू धाबी की यात्रा की है. दूसरी, इस क्षेत्र में अमेरिकी हेवी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का जमावड़ा हो रहा है. तीसरी, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बिल्कुल ही बंद हो चुका है. वेस्ट एशिया में जिस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, उससे इस बात का अंदेशा गहरा गया है कि अमेरिका के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ फाइनल अटैक किया जा सकता है. दूसरी तरफ, ईरान का भी कहना है कि वह अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अंतिम युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है. ऐसे में पश्चिम एशिया में आने वाले दिनों में टकराव बढ़ने की आशंका गहरा गई है.
जानकारी के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी की गुप्त यात्रा की. इस दौरान उन्होंने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. दो सूत्रों ने इजरायली समाचार चैनल N12 से बातचीत में इस यात्रा की पुष्टि की है. नेतन्याहू कथित तौर पर निजी विमान से अबू धाबी पहुंचे और पूरे दिन अमीरात में रहने के बाद इजरायल लौटे. यात्रा की पहले से कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी. नेतन्याहू के कार्यालय ने मुलाकात की पुष्टि या उसके एजेंडे से जुड़े सवालों पर कोई विवरण देने से इनकार किया है. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब नेतन्याहू ने UN में ईरान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. हालांकि, दोनों पक्षों ने यह नहीं बताया कि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई. गुप्त बैठक को लेकर इजरायल और यूएई की ओर से किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. नेतन्याहू के इस दौरे को ईरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है.
वेस्ट एशिया में लगा अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट का रेला
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी संख्या में अमेरिकी C-130H मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की क्षेत्र की ओर आवाजाही लगातार दूसरे दिन देखा गया. यह गतिविधि ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले भी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्य विमानों के वेस्ट एशिया की ओर बढ़ने की सूचना सामने आई थी. C-130H एक सामरिक परिवहन विमान है, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, गोला-बारूद, हथियारों, वाहनों और अन्य सैन्य उपकरणों को युद्ध क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. यह विमान करीब 42,000 पाउंड तक सामान या लगभग 90 सैनिकों को ले जा सकता है और छोटी तथा कठिन हवाई पट्टियों से भी संचालन करने में सक्षम है. अमेरिका की यह बढ़ी सैन्य गतिविधि ऐसे समय में हो रही है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव काफी बढ़ गया. ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों को हाई अलर्ट पर रखा है, जबकि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. हालांकि, विमानों की इस आवाजाही के उद्देश्य को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान ने होर्मुज में दागीं एंटी-शिप मिसाइलें : ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर कई एंटी-शिप मिसाइलें और हमलावर ड्रोन दागे हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, जलडमरूमध्य में फिर विस्फोटों की खबर सामने आई है. यह गतिविधि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुई है, जिसमें उन्होंने ‘एक्सियोस’ से कहा था कि इस सप्ताह अमेरिका-ईरान के बीच एक और दौर की बातचीत की उम्मीद है. ईरान ने एक दिन पहले भी जलडमरूमध्य में कई जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया था. तेहरान उन मार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लागू कर रहा है, जिन्हें वह अनधिकृत मानता है.
होर्मुज स्ट्रेट में लगा कर्फ्यू
ईरान और पश्चिम एशिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य में कर्फ्यू जैसा माहौल है. होर्मुज से समुद्री यातायात लगभग पूरी तरह ठप नजर आ रहा है. सेंटिनल-2 सैटेलाइट की सोमवार की तस्वीरों में जलमार्ग में कोई पोत दिखाई नहीं दिया. यह घटनाक्रम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उस दावे के बाद सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि पिछले दो दिनों में जलडमरूमध्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले 19 जहाजों को निशाना बनाया गया. तस्वीरों से संकेत मिलता है कि ईरान द्वारा जलमार्ग बंद रखने के बीच यहां सामान्य समुद्री गतिविधियां लगभग रुक गई हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे है या फिर 36000 करोड़ का तालाब? बीच सड़क पर मछली पकड़ रहे लोग
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उन्नाव: उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे जब से बनकर तैयार हुआ है, तब से चर्चा का विषय बना हुआ है. शुरुआती दौर में सोशल मीडिया पर लोगों ने गंगा एक्सप्रेसवे की जमकर तारीफ की. वहीं जैसे-जैसे सूबे में मानसूनी बारिश तेज होती गई. वैसे-वैसे इस एक्सप्रेसवे का पोल खुलता गया. हजारों करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे आए दिन जगह-जगह से टूटता रहा, जिसको लेकर विपक्ष ने भी जमकर निशाना साधा. वहीं अब यह एक्सप्रेसवे तालाब बन गया है. क्योंकि इस 36 हजार करोड़ की सड़क पर लोग मछली मार रहे हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे का वीडियो हो गया वायरल
दरअसल, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है. आलम यह है कि कई जिलों में लोगों के घुटनों तक पानी पहुंच गया है. लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. इस बीच गंगा एक्सप्रेसवे का भी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वायरल हुए वीडियो में गंगा एक्सप्रेसवे के जल निकासी व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब पूरी सड़क पर कमर तक पानी भर गया. लोगों को इस आपदा में ऐसा अवसर दिखा कि लोग जाल लेकर मछली मारने पहुंच गए. बता दें कि यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक जाता है. महज 6 से 7 घंटे में कई सौ किलोमीटर की दूरी इस एक्सप्रेसवे के जरिए पूरी हो जाती है.
लोग बीच एक्सप्रेसवे पर मछली पकड़ने लगे लोग
जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह सोनिक टोल गेट के पास का है, जहां लोग मछली पकड़ रहे हैं. टोल गेट व औद्योगिक गलियारा सर्विस रोड में हुए जलभराव में ग्रामीण जाल लगाकर मछ्ली पकड़ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश व जलभराव के कारण रविवार दोपहर इंटरचेंज और औद्योगिक गलियारे की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई.
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
उन्होंने बताया कि जलभराव के बीच जाल डालकर मछली पकड़ते लोगों का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि शहरों में जलभराव का मुख्य कारण अधिक बारिश नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कथित भ्रष्टाचार के कारण जल निकासी व्यवस्था का विफल होना है. यादव ने कहा कि विभिन्न प्रकार के प्रदूषण और नालों के नदियों में गिरने से गाद जमा होने के कारण जल प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
विनय कुमार बने बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त, नए डीजीपी की तलाश भी हुई तेज
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पटना: बिहार के पुलिस महानिदेश (डीजीपी) विनय कुमार मुख्य सूचना आयुक्त बनाए गए हैं. अंजनी कुमार सिंह को सूचना आयुक्त बनाया गया है. आपको बता दें कि बिहार के डीजीपी अभी छुट्टी पर हैं और इस बीच उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त बनाने का फैसला लिया गया है. वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त त्रिपुरारी शरण का कार्यकाल जून में ही खत्म हो गया था और तब से यह पद खाली था. दूसरी तरफ विनय कुमार का कार्यकाल भी दिसंबर में खत्म हो रहा है. ऐसे में रिटायरमेंट से पहले उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में रिटायरमेंट तोहफा मिल गया है.
राज्य सूचना आयुक्त बनाए गए अंजनी सिंह न्यायिक सेवा के अधिकारी रहे हैं. उन्होंने बिहार के विधि विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी निभाई है. रिटायरमेंट के बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिली है.
विनय कुमार पहले तो छुट्टी पर गए और फिर 25 सितंबर को उन्होंने डीजीपी पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा ऐसे समय में दिया जब डीजीपी के रूप में उनकी नौकरी अभी 2 महीने 18 दिन बची हुई थी. हालांकि, राज्य सरकार ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया. उनके इस्तीफे को मंजूर करने के बाद सरकार ने पूर्व डीजीपी विनय कुमार को राज्य सूचना मुख्य आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है.
इधर विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने के बाद नए डीजीपी की तलाश शुरू हो गई है. बिहार सरकार ने केंद्र सरकार को सीनियर आईपीएस अधिकारियों की लिस्ट भेज दी है. गृह मंत्रालय की तरफ से बिहार सरकार की लिस्ट पर फैसला लिया जाएगा. इसके बाद तीन नाम का पैनल बनाकर बिहार सरकार को भेज दिया जाएगा जहां सीएम सम्राट चौधरी किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे.
फिलहाल विनय कुमार के छुट्टी पर जाने के बाद 1991 बैच की आईपीएस प्रीता वर्मा डीजीपी का प्रभार संभाल रही हैं. वह बिहार में सबसे सीनियर आईपीएस पुलिस अधिकारी हैं. प्रीता वर्मा के अलावा डीजीपी की दौड़ में आईपीएस जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और कुंदन कृष्णन सहित अन्य नाम हैं.
बिहार के नए मुख्य सूचना आयुक्त विनय कुमार की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बिहार के वैशाली जिले के एक गांव में हुई. उन्होंने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग किया और फिर भारतीय पुलिस सेवा में करियर बनाया. विनय कुमार 1991 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. आईपीएस बनने के बाद विनय कुमार ने बिहार के कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम करने का अनुभव हासिल किया.
गंगा एक्सप्रेसवे पर BJP MLA की फॉर्चुनर का फटा टायर, डिवाइडर से टकराई गाड़ी
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बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक हादसे का शिकार हो गए. विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी की कार का टायर गंगा एक्सप्रेसवे पर फट गया और गाड़ी स्कीट करते हुए डिवाइडर को तोड़कर बिजली के खंभे से जाकर टकरा गई. ये घटना स्याना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पोटा कबूलपुर गांव के पास की है. जानकारी के मुताबिक, विधायक अपनी फॉर्च्यूनर कार से लखनऊ से वापस लौट रहे थे, तभी अचानक उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
गंगा एक्सप्रेसवे पर हादसे की शिकार भाजपा नेता की गाड़ी.
हादसा उस वक्त हुआ जब गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में भाग रही विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी की सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार का अगला टायर अचानक से फट गया. टायर फटने के कारण ड्राइवर कार से अपना नियंत्रण खो बैठा और तेज रफ्तार कार सड़क किनारे लगे एक मजबूत बिजली के पोल से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि फॉर्च्यूनर कार के परखच्चे उड़ गए और गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया.
विधायक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल
इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार भाजपा विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी और उनका एक सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे का राहत दल मौके पर पहुंच गया. आनन-फानन में दोनों घायलों को कार से बाहर निकाला गया और तुरंत हापुड़ के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से एक्सप्रेसवे से हटा लिया गया है ताकि यातायात बाधित न हो.
अखिलेश ने गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव पर ली चुटकी
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ताधारी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. सपा ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तंज कसा है कि ‘गंगा एक्सप्रेसवे पर भाजपाई भ्रष्टाचार की नदियां बह रही हैं.’ सपा ने नाम बदलने की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, ‘नाम बदलने वालों के लिए सुनहरा अवसर है, इसका नया नाम ‘गंगा एक्सप्रेस वाटर वे’ रख दें. यह बेहद निंदनीय है.’ विपक्ष के इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है
कल से दौड़ेगी भारत की पहली एलएनजी ट्रेन, हर साल बचेंगे 24 लाख रुपये
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नई दिल्ली. डीजल और बिजली की ट्रेन चलाने के बाद अब देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी पर ट्रेन दौड़ाने की तैयारी है. 27 सितंबर, रविवार को गृह मंत्री अमित शाह इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. देश की पहली एलएनजी ट्रेन गुजरात के साबरमती स्टेशन से रवाना होगी. यह कदम वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल और डीजल पर देश की निर्भरता को कम करने वाला साबित होगा.
देश में एलएनजी और डीजल को मिलाकर बने इंजन पर ट्रेन चलेगी.
अहमदाबाद रेलवे डिवीजन के अनुसार, नेशनल ट्रांसपोर्टर पहली बार ट्रेन की ड्राइविंग पावर कारों (DPCs) में LNG-आधारित फ्यूल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है. नई डुअल-फ्यूल टेक्नोलॉजी से एक ही इंजन LNG और डीजल दोनों पर चल सकता है, जो फ़्यूल की उपलब्धता पर निर्भर करता है. इस इंजन के लगने के बाद डीजल की खपत कम हो जाएगी और हर साल एक इंजन पर करीब 24 लाख रुपये की बचत होगी.
दो इंजन को एलएनजी और डीजल सिस्टम में बदला
रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के तहत दो ड्राइविंग पावर कारों (इंजन) को डीजल और एलएनजी दोनों पर चलने के लिए बदला है. इन दोनों इंजन की क्षमता 1,400 हॉर्स पॉवर की है. अभी तक इस इंजन को 2,000 किलोमीटर तक दौड़ाकर उसका सफल ट्रायल किया जा चुका है. इसका मकसद नई तकनीक की ताकत और उसके भरोसे की पहचान करना था, जिसमें यह पूरी तरह खरा उतरा है. इंजन में एलएनजी का इस्तेमाल किए जाने से यह 40 फीसदी तक डीजल की खपत को कम कर सकता है.
कैसे काम करेगी एलएनजी ट्रेन
इस इंजन को पूरी तरह एलएनजी पर आधारित नहीं किया जाएगा, बल्कि यह डीजल और एलएनजी दोनों पर चलाया जाएगा. इंजन अपने आप डीजल और एलएनजी के बीच स्विच कर सकेगा. इसका मकसद ये है कि अगर एलएनजी की उपलब्धता नहीं होगी तो इसमें डीजल का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे लंबी दूरी में भी बिना रुके इंजन को चलाए जाने की क्षमता बनी रहेगी. एलएनजी न होने पर भी इसे डीजल पर चलाया जा सकेगा.
इंजन से क्या फायदा होगा
एलएनजी और डीजल के संयुक्त सिस्टम वाले इस इंजन से सबसे पहले तो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा नाइट्रोजन और अन्य हानिकारक गैसों का भी उत्सर्जन कम होगा. डीजल के मुकाबले एलएनजी की कीमत कम होती है और इस पर इंजन को चलाए जाने से हर साल प्रति इंजन 11.9 लाख रुपये यानी कुल करीब 23.9 लाख रुपये की बचत होगी. 8 कोच वाली ट्रेन को चलाने के लिए इस इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा.
जल्दी कर लें ये काम, वरना बंद हो जाएगी LGP की सब्सिडी, 50 लाख फैमिली पर खतरा
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले और सरकार से सब्सिडी का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बहुत ही जरूरी खबर है. तेल कंपनियों और सरकार ने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है. यदि किसी उपभोक्ता ने 30 सितंबर 2026 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो 1 अक्टूबर 2026 से उनके खाते में आने वाली गैस सब्सिडी को रोक दिया जाएगा. वर्तमान स्थिति के अनुसार, पूरे प्रदेश में करीब 50 लाख (49.89 लाख) उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर सब्सिडी छिनने का खतरा मंडरा रहा है.
इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की ओर से लगातार उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है, इसके बावजूद लोग केवाईसी को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक यूपी में कुल 1 करोड़ 20 लाख 35 हजार उपभोक्ताओं ने ही अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी की है. कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 सितंबर के बाद किसी भी पात्र उपभोक्ता को बिना केवाईसी के सब्सिडी का पैसा उनके बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा.
किस कंपनी के कितने उपभोक्ता हैं डिफाल्टर?
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा पेंडिंग केवाईसी इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहकों की है.
इंडियन ऑयल (IOCL): 27.57 लाख
बीपीसीएल (BPCL): 15.92 लाख
एचपीसीएल (HPCL): 6.40 लाख
कुल (Total): 49.89 लाख उपभोक्ता.
घर बैठे मोबाइल ऐप से करें ई-केवाईसी
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है. आपको अपनी गैस एजेंसी जाने की भी जरूरत नहीं है. आप अपनी संबंधित गैस कंपनी (इंडियन ऑयल, एचपी या भारत गैस) के आधिकारिक मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके घर बैठे आसानी से अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा, यदि किसी को तकनीकी समस्या आती है, तो वह अपनी अधिकृत गैस एजेंसी पर जाकर भी यह प्रक्रिया मुफ्त में करवा सकता है.
अधिकारियों ने की अपील
इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं स्टेट हेड संजय भंडारी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए तुरंत केवाईसी पूरी कर लें. वहीं, एचपीसीएल के स्टेट हेड राकेश माहेश्वरी और बीपीसीएल के स्टेट हेड राकेश कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर के बाद सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह से सत्यापित होगी.
कांगो में विमान क्रैश, 2 लेफ्टिनेंट जनरल समेत 14 की मौत, हादसा या फिर साजिश?
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कांगो में एक विमान क्रैश देखने को मिला है. इसमें 14 लोगों की मौत हो गई. अफ्रीका में दो देश कांगो नाम से हैं. एक देश रिपब्लिक ऑफ कांगो और दूसरा डेमेक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो हैं. यह हादसा डेमेक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में हुआ है, जिसकी राजधानी किंशासा (Kinshasa) है. किंशासा एकदम रिपब्लिक ऑफ कांगो की सीमा पर बसा है. इस हादसे में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं. हादसा उस वक्त हुआ जब विमान दक्षिण-पश्चिमी शहर किकविट से राजधानी किंशासा लौट रहा था. रास्ते में विमान में तकनीकी खराबी आने की बात सामने आई, जिसके बाद यह केंगे इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार कोई भी व्यक्ति नहीं बचा. मरने वालों में लेफ्टिनेंट जनरल मुतोम्बो कातालायी तिएंदे और लेफ्टिनेंट जनरल बाकुमी लिकुलिया शामिल हैं. मुतोम्बो देश की मिलिट्री कोर्ट के प्रमुख थे, जबकि बाकुमी सशस्त्र बलों के ऑडिटर जनरल के पद पर थे.
विमान में मिलिट्री अधिकारी भी थे
कांगो की सेना ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की पुष्टि की है. सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे के मुताबिक, विमान में एक प्रतिनिधिमंडल सवार था, जिसमें दोनों जनरल भी शामिल थे. उन्होंने बताया कि दोनों सैन्य अधिकारियों के अलावा प्रतिनिधिमंडल के 12 सदस्य और विमान के क्रू के लोग भी हादसे में मारे गए. विमान किकविट से किंशासा की ओर लौट रहा था. इसी दौरान उसमें तकनीकी समस्या आने की जानकारी सामने आई. इसके बाद विमान केंगे में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
हादसे का कारण नहीं पता
अधिकारियों ने अभी यह नहीं बताया है कि विमान में किस तरह की तकनीकी खराबी आई थी, जिस कारण वह क्रैश हो गया. हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे ने भी कहा कि दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है. सिविल एविएशन अथॉरिटी के बोर्ड चेयरमैन ट्रिफॉन किन-किये मुलुम्बा ने भी कहा कि फिलहाल हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है.
कांगो में पहले से जारी है संकट
यह विमान हादसा ऐसे समय हुआ है जब कांगो लंबे समय से सुरक्षा संकट से जूझ रहा है. खासकर देश के पूर्वी हिस्से में सेना कई सशस्त्र समूहों से लड़ रही है. इनमें M23 विद्रोही समूह सबसे प्रमुख है. इस समूह को रवांडा का समर्थन हासिल होने के आरोप लगते रहे हैं. पिछले साल से हुए कई हमलों के बाद M23 ने पूर्वी कांगो के कई अहम शहरों पर कब्जा कर लिया है. ऐसे माहौल में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक साथ मौत ने हादसे को और गंभीर बना दिया है. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस दुर्घटना को कांगो में चल रहे संघर्ष से जोड़ने वाली कोई जानकारी नहीं दी है.
एग्जाम देकर लौट रही स्टूडेंट से रेप, लिफ्ट देने के बहाने ले गया था युवक
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दरभंगाः बिहार के दरभंगा से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई. जहां नाबालिग छात्रा के साथ रेप किया गया. आरोप है कि परीक्षा देकर घर लौट रही छात्रा को गांव के ही एक युवक ने लिफ्ट देने के बहाने बाइक पर बैठाया. इसके बाद युवक अपने साथी के साथ मिलकर छात्रा को दूसरे गांव ले गया. जहां दोनों पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है. मामला बिरौल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग छात्रा स्कूल में परीक्षा देने गई थी. परीक्षा खत्म होने के बाद वह घर लौट रही थी. इसी दौरान गांव के ही एक युवक ने उसे बाइक से घर छोड़ने की बात कही. छात्रा उस युवक को पहले से पहचानती थी, इसलिए उसके साथ बाइक पर बैठ गई. आरोप है कि बाइक पर बैठाने के बाद युवक छात्रा को घर ले जाने के बजाय दूसरे गांव की ओर लेकर चला गया. वहां उसका एक अन्य साथी भी मौजूद था. आरोप है कि दोनों युवकों ने छात्रा को अपने कब्जे में लेकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना के बाद छात्रा ने परिजनों को पूरी जानकारी दी. इसके बाद परिजन उसे लेकर बिरौल थाने पहुंचे, जहां छात्रा की ओर से दोनों युवकों के खिलाफ आवेदन दिया गया है. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. छात्रा के बयान और आवेदन के आधार पर पुलिस आरोपों की जांच कर रही है. घटना में शामिल दोनों युवकों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी पुलिस खंगाल रही है. फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस छात्रा के बयान, घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है.
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